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बड़े नोटों का चलन बंद होने से बंद की मंडी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 12 Nov 2016 11:20 PM IST
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बड़े नोटों का चलन बंद होने से बंद की मंडी
- फोटो : अमर उजाला
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बड़े नोटों का बाजार में चलन बंद होने से किसानों को आढ़ती भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। जिसके चलते ही दो दिन के लिए मंडी बंद की गई थी। व्यापारी और आढ़ती की अपनी समस्याएं हैं। समस्याओं का निराकरण कराने तथा वर्तमान हालातों पर रणनीति बनाने के लिए आढ़तियों की बैठक रविवार को सुबह 11 बजे मंडी में होगी। यह बातें फूडग्रेन कमीशन एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष उपदेश यादव ने कहीं।
शनिवार को मंडी स्थित एसोसिएशन के कार्यालय में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा मंडी परिषद में भुगतान की व्यवस्था खराब होने के कारण ही दो दिन के लिए मंडी बंद की गई थी। 500 और 1000 के नोट का बाजार में चलन बंद होने के कारण किसान को भुगतान करने में परेशानी हो रही है। सरकार द्वारा चालू खाता से प्रत्येक व्यापारी को 50 हजार से एक लाख रुपया तक फुटकर देने से व्यापार चलाने में काफी आसानी होगी।
महामंत्री अनुपम कुशवाहा ने कहा बड़े किसान को बड़ा भुगतान चेक अथवा आरटीजीएस से किया जा सकता है लेकिन छोटे किसान को भुगतान करने में परेशानी हो रही है। इस मौके पर लक्ष्मी नरायन गुप्ता, सियाराम यादव, रामपाल चौहान, रामबिहारी यादव, अजय यादव आदि मौजूद थे।
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शनिवार को मंडी स्थित एसोसिएशन के कार्यालय में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा मंडी परिषद में भुगतान की व्यवस्था खराब होने के कारण ही दो दिन के लिए मंडी बंद की गई थी। 500 और 1000 के नोट का बाजार में चलन बंद होने के कारण किसान को भुगतान करने में परेशानी हो रही है। सरकार द्वारा चालू खाता से प्रत्येक व्यापारी को 50 हजार से एक लाख रुपया तक फुटकर देने से व्यापार चलाने में काफी आसानी होगी।
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महामंत्री अनुपम कुशवाहा ने कहा बड़े किसान को बड़ा भुगतान चेक अथवा आरटीजीएस से किया जा सकता है लेकिन छोटे किसान को भुगतान करने में परेशानी हो रही है। इस मौके पर लक्ष्मी नरायन गुप्ता, सियाराम यादव, रामपाल चौहान, रामबिहारी यादव, अजय यादव आदि मौजूद थे।
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