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बाउंस चेक देकर लाखों का आलू ले गए नटवर लाल
अमर उजाला ब्यूरो, अजीतगंज (मैनपुरी)
Updated Tue, 25 Apr 2017 09:21 PM IST
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आलू
- फोटो : अमर उजाला
किसानों को खाली खाते के चेक पकड़ाकर तीन नटवरलाल ने लाखों रुपये का आलू खरीद लिया। इसका पता किसानों को तब लगा जब उन्होंने खातों में चेक लगाए और वह बाउंस हो गए। इसके बाद किसानों ने आलू खरीदने वालों को तलाशना शुरू किया। एक आदमी को पकड़ लिया तो उसके साथियों ने पुलिस को अपहरण की सूचना दे दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को सच्चाई पता चली। इसके बाद पुलिस तीनों नटवरलालों को थाने ले आई।
थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव नखतपुर में फरवरी में तीन लोग आलू व्यापारी बनकर पहुंचे। उन्होंने वहां किसानों का आलू खरीदा और कहा कि नोटबंदी के कारण कैश नहीं है इसलिए भुगतान चेक से कर रहे हैं। गांव के करीब 25 से अधिक किसानों ने अपनी आलू की फसल बेच दी और भुगतान चेक के रूप में ले लिया। इसके बाद मार्च में किसानों ने अपने चेक खातों में लगाए। कुछ दिन बाद जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि सभी के चेक बाउंस हो गए हैं। कारण, उक्त तीनों लोगों ने जिस खाते के चेक दिए थे उनमें पैसा ही नहीं था। उन्होंने आलू खरीदने वाले तीनों लोगों की तलाश शुरू कर दी। ताकि उनसे अपनी रकम वसूल सकें।
मंगलवार को किसानों को आलू खरीदने वालों में से योगेंद्र सिंह निवासी वंशीगोहरा थाना कोतवाली और रामलखन सिंह निवासी गांव छतारी को पकड़ लिया। इसके बाद वो दोनों को गांव नखतपुर ले गए। ग्रामीणों का दबाव पड़ने पर उन्होंने अपने तीसरे साथी चंद्रकांत निवासी आवास विकास थाना कोतवाली को भी गांव नखतपुर बुला लिया। किसी के परिवारीजन ने 100 नंबर पर तीनों के अपहरण की सूचना दे दी। इस पर आनन-फानन में डायल 100 और एलाऊ थाने की पुलिस गांव पहुंच गई। वहां जाकर देखा तो मामला कुछ और ही निकला। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त तीनों ने उनके तीन लाख रुपये के अधिक के आलू खरीद लिए हैं। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया और तीनों को हिरासत में लेकर पहले थाना एलाऊ और उसके बाद थाना कोतवाली ले आई। वहां खबर लिखे जाने तक उनसे पुलिस पूछताछ कर रही थी। हालांकि पीड़ित किसानों ने कोई तहरीर नहीं दी थी।
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बता दें कि आरोपियों ने नरखपुप के सहदेव सिंह, रामदास, मनोज कुमार, धीरज, अंतराम, लाखन सिंह, बालक राम, कुंवर बहादुर, जोगराज आदि से आलू खरीदे थे।
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थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव नखतपुर में फरवरी में तीन लोग आलू व्यापारी बनकर पहुंचे। उन्होंने वहां किसानों का आलू खरीदा और कहा कि नोटबंदी के कारण कैश नहीं है इसलिए भुगतान चेक से कर रहे हैं। गांव के करीब 25 से अधिक किसानों ने अपनी आलू की फसल बेच दी और भुगतान चेक के रूप में ले लिया। इसके बाद मार्च में किसानों ने अपने चेक खातों में लगाए। कुछ दिन बाद जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि सभी के चेक बाउंस हो गए हैं। कारण, उक्त तीनों लोगों ने जिस खाते के चेक दिए थे उनमें पैसा ही नहीं था। उन्होंने आलू खरीदने वाले तीनों लोगों की तलाश शुरू कर दी। ताकि उनसे अपनी रकम वसूल सकें।
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मंगलवार को किसानों को आलू खरीदने वालों में से योगेंद्र सिंह निवासी वंशीगोहरा थाना कोतवाली और रामलखन सिंह निवासी गांव छतारी को पकड़ लिया। इसके बाद वो दोनों को गांव नखतपुर ले गए। ग्रामीणों का दबाव पड़ने पर उन्होंने अपने तीसरे साथी चंद्रकांत निवासी आवास विकास थाना कोतवाली को भी गांव नखतपुर बुला लिया। किसी के परिवारीजन ने 100 नंबर पर तीनों के अपहरण की सूचना दे दी। इस पर आनन-फानन में डायल 100 और एलाऊ थाने की पुलिस गांव पहुंच गई। वहां जाकर देखा तो मामला कुछ और ही निकला। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त तीनों ने उनके तीन लाख रुपये के अधिक के आलू खरीद लिए हैं। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया और तीनों को हिरासत में लेकर पहले थाना एलाऊ और उसके बाद थाना कोतवाली ले आई। वहां खबर लिखे जाने तक उनसे पुलिस पूछताछ कर रही थी। हालांकि पीड़ित किसानों ने कोई तहरीर नहीं दी थी।
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बता दें कि आरोपियों ने नरखपुप के सहदेव सिंह, रामदास, मनोज कुमार, धीरज, अंतराम, लाखन सिंह, बालक राम, कुंवर बहादुर, जोगराज आदि से आलू खरीदे थे।