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छात्रवृत्ति के 34 लाख रुपये का गबन
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:44 PM IST
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बागपत में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का फार्म पंजीकरण कराते छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना कुर्रा क्षेत्र के लेखराजपुर स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में छात्रवृत्ति के लाखों रुपयों का गबन हुआ है। इसमें बैंक की उक्त शाखा के कर्मचारी भी शामिल हैं। उनके ही खातों में उक्त पैसा ट्रांसफर हुआ है। बैंक मैनेजर द्वारा उक्त लोगों के खिलाफ दी गई तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
समाज कल्याण विभाग से जुलाई में लगभग 34 लाख रुपये छात्रवृत्ति के लिए लेखराजपुर की ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में जमा किए थे। इसके साथ ही छात्रों की सूची भी दी गई थी। इसके बाद भी उक्त पैसा संबंधित छात्रों के खातों में जमा न कर 17 अन्य खातों में फर्जी तरीके से जमा कर दिया गया। यही नहीं उक्त पैसा संबंधित लोगों ने आहरित भी कर लिया। इसमें से अधिकांश खाते उक्त बैंक में कार्यरत कर्मचारियों के खातों में स्थानांतरित किए गए थे। मामले का खुलासा होने पर बैंक में हड़कंप मच गया। बैंक मैनेजर कुलदीप कुमार ने इस संबंध में तहरीर देकर संबंधित बैंक कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तहरीर में बैंक मैनेजर ने कहा कि 1.24 लाख रुपये कई लोगों के खातों में जमा किए गए। साथ ही उक्त पैसा निकाल भी लिया गया। इसके साथ ही 1.8 लाख रुपये विद्यालय के खाते में जमा किए गए। अपात्रों के नाम से 6.8 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई, वहीं बैंक के व्यावसायिक संवाददाता अमित यादव ने तीन फर्जी नामों से खाते खोले। इनमें 7.55 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। इसके अलावा 16.62 लाख रुपये आहरण पर्चियों से विभिन्न खातों से निकाला गया। बैंक के तत्कालीन प्रबंधक तुलाराम सागर, कैशियर जितेंद्र कुमार और संदेशवाहक रामवीर सिंह यादव के खातों में भी सामान्य से अधिक राशि जमा कराई गई। एएसपी दिगंबर कुशवाह ने बताया कि बैंक मैनेजर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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समाज कल्याण विभाग से जुलाई में लगभग 34 लाख रुपये छात्रवृत्ति के लिए लेखराजपुर की ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में जमा किए थे। इसके साथ ही छात्रों की सूची भी दी गई थी। इसके बाद भी उक्त पैसा संबंधित छात्रों के खातों में जमा न कर 17 अन्य खातों में फर्जी तरीके से जमा कर दिया गया। यही नहीं उक्त पैसा संबंधित लोगों ने आहरित भी कर लिया। इसमें से अधिकांश खाते उक्त बैंक में कार्यरत कर्मचारियों के खातों में स्थानांतरित किए गए थे। मामले का खुलासा होने पर बैंक में हड़कंप मच गया। बैंक मैनेजर कुलदीप कुमार ने इस संबंध में तहरीर देकर संबंधित बैंक कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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तहरीर में बैंक मैनेजर ने कहा कि 1.24 लाख रुपये कई लोगों के खातों में जमा किए गए। साथ ही उक्त पैसा निकाल भी लिया गया। इसके साथ ही 1.8 लाख रुपये विद्यालय के खाते में जमा किए गए। अपात्रों के नाम से 6.8 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई, वहीं बैंक के व्यावसायिक संवाददाता अमित यादव ने तीन फर्जी नामों से खाते खोले। इनमें 7.55 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। इसके अलावा 16.62 लाख रुपये आहरण पर्चियों से विभिन्न खातों से निकाला गया। बैंक के तत्कालीन प्रबंधक तुलाराम सागर, कैशियर जितेंद्र कुमार और संदेशवाहक रामवीर सिंह यादव के खातों में भी सामान्य से अधिक राशि जमा कराई गई। एएसपी दिगंबर कुशवाह ने बताया कि बैंक मैनेजर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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