{"_id":"57c6dd3b4f1c1bbe122cbbc3","slug":"meena-said-in-front-of-children-in-a-way","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों के सामने नए अंदाज में आएगी मीना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों के सामने नए अंदाज में आएगी मीना
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
all india radio
- फोटो : all india radio
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्वशिक्षा अभियान व यूनीसेफ उत्तर प्रदेश के सहयोग से बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए मीना मंच एक बार फिर तैयार हो रहा है। इसका प्रसारण 15 सितंबर से शुरू किया जाएगा। वहीं इस बार मीना बच्चों के सामने नए अंदाज में आएगी।
परिषदीय स्कूलों में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए रेडियो को भी एक सशक्त माध्यम बनाया गया है। इस क्रम में बालिकाओं को नेतृत्व प्रदान करने की क्षमता विकसित करने के लिए मीना की दुनिया का प्रसारण किया जाता है। इसके जरिए बालिकाओं को खाना बनाना, खेलकूद आदि की शिक्षा दी जाएगी। बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास के लिए रेडियो पर मीना की दुनिया नामक कार्यक्रम का प्रसारण किया जाता है। इसके तहत सभी पूर्व माध्यमिक स्कूलों को रेडियो उपलब्ध करने हैं। इतना ही नहीं इसका बकायदा 15 मिनट का एक पीरियड चलेगा। इस दौरान बच्चों को रेडियो सुनवाया जाएगा। छात्राओं से प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इस कार्यक्रम को आकाशवाणी के 12 चैनल प्रसारित करेंगे। प्रत्येक वर्ष मीना की दुनिया का प्रसारण मीना के जन्मदिन पर 24 सितंबर से होता था। वहीं इस वर्ष सितंबर से फरवरी तक चलेगा। यह बदलाव नया शिक्षा सत्र अप्रैल माह से शुरू होने के चलते हुआ है।
शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले के पांच शिक्षकों को लखनऊ में जुलाई में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। ताकि कार्यक्रम शुरू होने में किसी प्रकार की कोई बाधा न आए।
विज्ञापन
मीना यानी लीडर की प्रतीक
मीना मंच यानी लीडर की प्रतीक है। मीना सामान्य घर की बालिका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। उनके भीतर नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। इसके तहत बालिकाओं को नवाचार के पाठ पढ़ाए जाते हैं। साथ ही बोलने का तरीका, खाना बनाना, खेलकूद सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की शिक्षा रेडियो के माध्यम से दी जाती है।
सभी स्कूलों को 15 सितंबर तक रेडियो खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जाए। इसके लिए जिले स्तर पर भी सभी एबीआरसी को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। वह अपने-अपने ब्लाक में तैयारी कराएंगे।
-रामकरन यादव, बीएसए
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए रेडियो को भी एक सशक्त माध्यम बनाया गया है। इस क्रम में बालिकाओं को नेतृत्व प्रदान करने की क्षमता विकसित करने के लिए मीना की दुनिया का प्रसारण किया जाता है। इसके जरिए बालिकाओं को खाना बनाना, खेलकूद आदि की शिक्षा दी जाएगी। बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास के लिए रेडियो पर मीना की दुनिया नामक कार्यक्रम का प्रसारण किया जाता है। इसके तहत सभी पूर्व माध्यमिक स्कूलों को रेडियो उपलब्ध करने हैं। इतना ही नहीं इसका बकायदा 15 मिनट का एक पीरियड चलेगा। इस दौरान बच्चों को रेडियो सुनवाया जाएगा। छात्राओं से प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इस कार्यक्रम को आकाशवाणी के 12 चैनल प्रसारित करेंगे। प्रत्येक वर्ष मीना की दुनिया का प्रसारण मीना के जन्मदिन पर 24 सितंबर से होता था। वहीं इस वर्ष सितंबर से फरवरी तक चलेगा। यह बदलाव नया शिक्षा सत्र अप्रैल माह से शुरू होने के चलते हुआ है।
विज्ञापन
शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले के पांच शिक्षकों को लखनऊ में जुलाई में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। ताकि कार्यक्रम शुरू होने में किसी प्रकार की कोई बाधा न आए।
विज्ञापन
मीना यानी लीडर की प्रतीक
मीना मंच यानी लीडर की प्रतीक है। मीना सामान्य घर की बालिका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। उनके भीतर नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। इसके तहत बालिकाओं को नवाचार के पाठ पढ़ाए जाते हैं। साथ ही बोलने का तरीका, खाना बनाना, खेलकूद सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की शिक्षा रेडियो के माध्यम से दी जाती है।
सभी स्कूलों को 15 सितंबर तक रेडियो खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जाए। इसके लिए जिले स्तर पर भी सभी एबीआरसी को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। वह अपने-अपने ब्लाक में तैयारी कराएंगे।
-रामकरन यादव, बीएसए