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मांगें पूरी होने पर ही खोलेंगे मंडी में दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:14 PM IST
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आढ़ती संघ ने की मंडी समिति के अधिकारियों से वार्ता
- फोटो : अमर उजाला
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नगर में करोड़ों रुपये की लागत से बनी कृषि उत्पादन मंडी आढ़तियों के लिए सिरदर्द बानी हुई है। अव्यवस्थाओं के बीच मंडी समिति के अधिकारी व्यापारियों पर वहां दुकानें खोलने का दबाव बना रहे हैं। वहीं, आढ़ती संघ ने व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद ही वहां दुकानें खोलने की बात कही है।
बताते चलें कि कई वर्ष पूर्व नगर के रामनगर मार्ग पर नरिया के किनारे करोड़ों की लागत से कृषि मंडी का निर्माण कराया गया था। पर अव्यवस्थाओं और सुरक्षा कारणों से आढ़ती अपनी दुकानें नहीं ले गए। करीब दो सप्ताह पूर्व अधिकारियों ने दबाव बनाकर दुकानें खुलवाने का प्रयास किया था पर कामयाबी नहीं मिली। बुधवार को उपनिदेशक एमसी गंगवार, बेवर के सचिव बलवीर सिंह, मैनपुरी के सचिव कैलाश भार्गव, शिकोहाबाद के सुरेश यादव आदि ने मंडी प्रांगण में आढ़तियों को बुलाकर दुकानें खुलवाने का दबाव बनाया। तो आढ़ती संघ ने उन्हें बताया कि नगर में 42 आढ़ती हैं। दुकानें सिर्फ सात हैं। इनमें तीन आरक्षित हैं। यदि सभी आढ़ती आ जाते हैं तो सुरक्षा बनी रहेगी। परिसर में लगे दोनों हैंडपंप खराब पड़े हैं। इससे पेयजल संकट बना हुआ है। शटर के कुंडे व कुछ शटर भी टूटे हैं तो उनकी सुरक्षा कैसे होगी। बिजली का ट्रांसफार्मर ही गायब है। दुकानों में वायरिंग नहीं है। ऐसे में बिजली के अभाव में कैसे कार्य कर पाएंगे। कार्यालय में उपले भरे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि उनकी ये मांगें पूरी होने के बाद ही वो यहां दुकानें खोलेंगे। उपनिदेशक ने 24 घंटे में सारी समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन दिया। इस पर आढ़तियों ने कहा कि पहले व्यवस्थाएं सही कराई जाएं उसके बाद ही वह दुकानें खोलेंगे। इस मौके पर राकेश शुक्ला, अवनेश सिंह, राकेश गुप्ता, संजीव तिवारी, संजय गुप्ता, चंद्रभान सिंह आदि मौजूद थे।
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बताते चलें कि कई वर्ष पूर्व नगर के रामनगर मार्ग पर नरिया के किनारे करोड़ों की लागत से कृषि मंडी का निर्माण कराया गया था। पर अव्यवस्थाओं और सुरक्षा कारणों से आढ़ती अपनी दुकानें नहीं ले गए। करीब दो सप्ताह पूर्व अधिकारियों ने दबाव बनाकर दुकानें खुलवाने का प्रयास किया था पर कामयाबी नहीं मिली। बुधवार को उपनिदेशक एमसी गंगवार, बेवर के सचिव बलवीर सिंह, मैनपुरी के सचिव कैलाश भार्गव, शिकोहाबाद के सुरेश यादव आदि ने मंडी प्रांगण में आढ़तियों को बुलाकर दुकानें खुलवाने का दबाव बनाया। तो आढ़ती संघ ने उन्हें बताया कि नगर में 42 आढ़ती हैं। दुकानें सिर्फ सात हैं। इनमें तीन आरक्षित हैं। यदि सभी आढ़ती आ जाते हैं तो सुरक्षा बनी रहेगी। परिसर में लगे दोनों हैंडपंप खराब पड़े हैं। इससे पेयजल संकट बना हुआ है। शटर के कुंडे व कुछ शटर भी टूटे हैं तो उनकी सुरक्षा कैसे होगी। बिजली का ट्रांसफार्मर ही गायब है। दुकानों में वायरिंग नहीं है। ऐसे में बिजली के अभाव में कैसे कार्य कर पाएंगे। कार्यालय में उपले भरे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि उनकी ये मांगें पूरी होने के बाद ही वो यहां दुकानें खोलेंगे। उपनिदेशक ने 24 घंटे में सारी समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन दिया। इस पर आढ़तियों ने कहा कि पहले व्यवस्थाएं सही कराई जाएं उसके बाद ही वह दुकानें खोलेंगे। इस मौके पर राकेश शुक्ला, अवनेश सिंह, राकेश गुप्ता, संजीव तिवारी, संजय गुप्ता, चंद्रभान सिंह आदि मौजूद थे।
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