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Mainpuri News: 14 लाख में से 2 लाख से ज्यादा मतदाता हो गए कम
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मैनपुरी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम पूरा हो चुका है। 4 नवंबर से शुरू हुए एसआईआर की अंतिम तिथि 26 नवंबर को समाप्त होने के बाद 27 दिसंबर को रात 12 बजे डाटा लॉक कर लिया गया। मतदाता सूची का फाइनल अपडेट 31 दिसंबर को जारी होगा। जनपद में मौजूद 14 लाख से ज्यादा मतदाताओं में से करीब 2 लाख मतदाता कम हो गए हैं।
4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चली एसआईआर की प्रक्रिया में जिले की चार विधानसभा किशनी, करहल, मैनपुरी और भोगांव में करीब 38000 से ज्यादा मृतक मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर किया गया है। डेढ़ महीने तक चली इस प्रक्रिया में जिले में 1661 बीएलओ और बीजेपी, सपा, बसपा व कांग्रेस के बीएलए भी लगाए गए थे। इसके साथ ही सपा, बसपा और कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता भी लगातार लापरवाही के आरोप लगाते रहे। इसके बाद भी प्रशासन ने लगातार प्रक्रिया को पूरा करने में सतर्कता बरती।
एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान जनपद में 67 हजार से ज्यादा ऐसे मतदाता मिले जो अनुपस्थित थे। 90 हजार से ज्यादा मतदाता जनपद छोड़कर दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं। वहीं 17 हजार से ज्यादा डुप्लीकेट वोटर भी इस दौरान मिले। इन सभी को मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
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एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बीएलओ कई बार मतदाताओं के घर पर पहुंचे, लेकिन उनके न मिलने की वजह से या संपर्क न होने के चलते उन मतदाताओं को अनुपस्थित वोटर की सूची में डाला गया। 31 दिसंबर को इस प्रक्रिया की फाइनल सूची जारी होगी इसके बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चली एसआईआर की प्रक्रिया में जिले की चार विधानसभा किशनी, करहल, मैनपुरी और भोगांव में करीब 38000 से ज्यादा मृतक मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर किया गया है। डेढ़ महीने तक चली इस प्रक्रिया में जिले में 1661 बीएलओ और बीजेपी, सपा, बसपा व कांग्रेस के बीएलए भी लगाए गए थे। इसके साथ ही सपा, बसपा और कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता भी लगातार लापरवाही के आरोप लगाते रहे। इसके बाद भी प्रशासन ने लगातार प्रक्रिया को पूरा करने में सतर्कता बरती।
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एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान जनपद में 67 हजार से ज्यादा ऐसे मतदाता मिले जो अनुपस्थित थे। 90 हजार से ज्यादा मतदाता जनपद छोड़कर दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं। वहीं 17 हजार से ज्यादा डुप्लीकेट वोटर भी इस दौरान मिले। इन सभी को मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
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एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बीएलओ कई बार मतदाताओं के घर पर पहुंचे, लेकिन उनके न मिलने की वजह से या संपर्क न होने के चलते उन मतदाताओं को अनुपस्थित वोटर की सूची में डाला गया। 31 दिसंबर को इस प्रक्रिया की फाइनल सूची जारी होगी इसके बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।