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Mainpuri News: स्टाफ की लापरवाही से दूसरा पिता ले गया बेटी
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मैनपुरी। सौ शैया अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में इलाज के लिए लाई गई एक बच्ची को गलती से दूसरी बच्ची का पिता अपने घर ले गया। मामला संज्ञान में आने के बाद बच्ची को वापस कर दिया गया। इस गंभीर लापरवाही के बाद सीएमएस ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दो दिन में रिपोर्ट मांगी है।
घटना 17 अगस्त की शाम की है। सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल के एसएनसीयू में प्राथमिक जांच के लिए चार बच्चे एक साथ लाए गए थे। इनमें एक बालिका गांव संसारपुर निवासी संता की थी, जबकि दूसरी मुड़ौसी कुसमरा निवासी नेमा पत्नी आनंद कुमार की थी। संता का सिजेरियन प्रसव हुआ था, इसलिए उनकी जिठानी बच्ची को लेकर एसएनसीयू पहुंची थीं और थकान की वजह से नीचे जाकर सो गई थीं।
जब डॉक्टर ने संता की बच्ची की जांच की तो वह स्वस्थ पाई गई। डॉक्टर ने स्टाफ को बच्ची को मां के पास भेजने का निर्देश दिया। स्टाफ बच्ची को लेकर वार्ड से बाहर आया और पूछा कि संता की बच्ची के साथ कौन है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी दौरान नेमा का पति आनंद वहां पहुंचा और उसने बच्ची को अपनी बेटी समझकर अपने साथ ले लिया। दरअसल, नेमा की बच्ची उस समय बेड नंबर 9 पर भर्ती थी।
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कुछ देर बाद संता की जिठानी लौटीं और बच्ची को मांगा। स्टाफ ने कहा कि आपके साथ आया व्यक्ति बच्ची को ले गया। जिठानी ने बताया कि उनके साथ कोई पुरुष नहीं था। यह सुनते ही स्टाफ के होश उड़ गए। वार्ड में भर्ती अन्य बच्चों के परिजन से पूछताछ की गई तो पता चला कि बेड नंबर 9 पर भर्ती नेमा की बच्ची का कोई परिजन मौजूद नहीं है। फोन पर संपर्क करने पर मालूम हुआ कि आनंद बच्ची को लेकर निजी अस्पताल पहुंच गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत वापस बुलाया। आनंद बच्ची लेकर लौटे और अपनी भूल के लिए माफी मांगी। बाद में संता की बच्ची को उसके परिजन को सौंप दिया गया।
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गलती से दूसरी बच्ची का पिता अपने साथ संता की बच्ची को ले गया था। आधा घंटे के अंदर ही बच्ची वापस आ गई। मामले में किसी ने कोई शिकायत नहीं की है फिर भी सतर्कता के लिए जांच बैठाई गई है। डॉ. उमा चौधरी, डॉ. डीके शाक्य और डॉ. चारु द्विवेदी को जांच टीम में शामिल किया गया है।
डॉ. अरुण कुमार, सीएमएस, सौ शैया अस्पताल
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घटना 17 अगस्त की शाम की है। सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल के एसएनसीयू में प्राथमिक जांच के लिए चार बच्चे एक साथ लाए गए थे। इनमें एक बालिका गांव संसारपुर निवासी संता की थी, जबकि दूसरी मुड़ौसी कुसमरा निवासी नेमा पत्नी आनंद कुमार की थी। संता का सिजेरियन प्रसव हुआ था, इसलिए उनकी जिठानी बच्ची को लेकर एसएनसीयू पहुंची थीं और थकान की वजह से नीचे जाकर सो गई थीं।
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जब डॉक्टर ने संता की बच्ची की जांच की तो वह स्वस्थ पाई गई। डॉक्टर ने स्टाफ को बच्ची को मां के पास भेजने का निर्देश दिया। स्टाफ बच्ची को लेकर वार्ड से बाहर आया और पूछा कि संता की बच्ची के साथ कौन है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी दौरान नेमा का पति आनंद वहां पहुंचा और उसने बच्ची को अपनी बेटी समझकर अपने साथ ले लिया। दरअसल, नेमा की बच्ची उस समय बेड नंबर 9 पर भर्ती थी।
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कुछ देर बाद संता की जिठानी लौटीं और बच्ची को मांगा। स्टाफ ने कहा कि आपके साथ आया व्यक्ति बच्ची को ले गया। जिठानी ने बताया कि उनके साथ कोई पुरुष नहीं था। यह सुनते ही स्टाफ के होश उड़ गए। वार्ड में भर्ती अन्य बच्चों के परिजन से पूछताछ की गई तो पता चला कि बेड नंबर 9 पर भर्ती नेमा की बच्ची का कोई परिजन मौजूद नहीं है। फोन पर संपर्क करने पर मालूम हुआ कि आनंद बच्ची को लेकर निजी अस्पताल पहुंच गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत वापस बुलाया। आनंद बच्ची लेकर लौटे और अपनी भूल के लिए माफी मांगी। बाद में संता की बच्ची को उसके परिजन को सौंप दिया गया।
गलती से दूसरी बच्ची का पिता अपने साथ संता की बच्ची को ले गया था। आधा घंटे के अंदर ही बच्ची वापस आ गई। मामले में किसी ने कोई शिकायत नहीं की है फिर भी सतर्कता के लिए जांच बैठाई गई है। डॉ. उमा चौधरी, डॉ. डीके शाक्य और डॉ. चारु द्विवेदी को जांच टीम में शामिल किया गया है।
डॉ. अरुण कुमार, सीएमएस, सौ शैया अस्पताल