Loksabha Election: सांसद डिंपल यादव बोलीं- एक देश-एक चुनाव जनता के साथ छलावा, लोगों के मन में डाला जा रहा वहम
Loksabha Election: चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा कर दी। इस मौके पर सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि चुनावी मुद्दों से भटकाने के लिए भाजपा पीओके के हिंदू-मुस्लिमों को अपना बता रही है। लोगों के मन में वहम डाला जा रहा है।
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यूपी के मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि ओवैसी को केवल उत्तर प्रदेश के चुनाव में ही प्रत्याशी उतारने की याद आती है। उन्हें 24 घंटे पहले उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच रहना चाहिए। उनकी समस्याओं का समझना और उनके निदान के लिए लड़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये चुनाव उत्तर प्रदेश को नई दिशा देगा।
सांसद डिंपल यादव शनिवार को दिहुली और कोसमा में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचीं थीं। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि जनता खुद निर्णय करे कि वह क्या चाहती है? अगर महिलाएं सुरक्षा चाहती हैं, युवा रोजगार चाहते हैं, किसान एमएसपी चाहते हैं तो भाजपा को हटाना ही होगा। सपा ने विकास कराया है और आगे भी कराती रहेगी।
केवल विकास की राजनीति करती है सपा
गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पीओके में रहने वाले हिंदू और मुस्लिमों को अपना बताने के बयान पर उन्होंने कहा कि चुनाव में मुद्दों से भटकाने के लिए ये सब हो रहा है। लोगों के मन में वहम डाला जा रहा है। वहीं इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर भी उन्होंने कहा कि सपा उसी सूची में कहीं भी नजर नहीं आई। इससे ये साबित हो गया कि सपा ने केवल विकास की राजनीति की है।
सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की बात को दोहराते हुए सांसद ने कहा कि एजेंसियां सरकार के आगे नतमस्तक हैं। उन्होंने सभी सीटों पर सपा की जीत का दावा भी किया। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य, एमएलसी मुकुल यादव, पूर्व एमएलसी अरविंद यादव आदि मौजूद रहे।
एक देश एक चुनाव भी छलावा
चुनाव आयोग द्वारा कई राज्यों में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव कराए जाने पर सांसद ने कहा कि एक देश एक चुनाव जनता के साथ छलावा है। भाजपा ने एक देश एक कर की बात कहते हुए जीएसटी लागू किया था, लेकिन इसके बाद भी ऐसा नहीं हो सका। वहीं छुट्टा गोवंश की समस्या भी उन्होंने याद दिलाई। चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर भी सांसद ने सवाल खड़े किए।