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प्रधानाध्यापक सहित तीन का रोका वेतन
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:20 PM IST
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निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बीएसए ने बुधवार को मैनपुरी ब्लाक के तीन विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां मिलीं। साथ ही शिक्षकों को भिन्न और दशमलव का ज्ञान नहीं मिला। स्कूल की रंगाई-पुताई और मरम्मत नहीं कराई गई थी। इस पर प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया।
बीएसए रामकरन यादव सबसे पहले उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला भंत पहुंचे। यहां एक शिक्षक आकस्मिक अवकाश पर मिले। वहीं छात्र संख्या 101 के सापेक्ष 58 मिली। सभी छात्र-छात्राएं पहाड़े और किताब पढ़कर नहीं सुना सके। इस पर शिक्षकों को शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रों को पीटी भी कराई। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय परौंख में शिक्षिका सोनिया 19 और 20 अगस्त को आकस्मिक अवकाश पर थीं, लेकिन अवकाश का कोई प्रार्थना पत्र विद्यालय में नहीं था। साथ ही स्कूल की छत का प्लास्टर बीच-बीच से टूट कर गिरा हुआ था। रंगाई-पुताई भी नहीं हुई थी। बच्चे बाहर पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाए जा रहे थे। अनुदेशक 12 अगस्त से बिना बताए अवकाश पर मिलीं। शिक्षकों को भिन्न और दशमलव का ज्ञान नहीं था। इस पर प्रधानाध्यापक, एनपीआरसी और शिक्षिका का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया। प्राथमिक विद्यालय परौंख में एमडीएम मानक के अनुरूप नहीं बना था। इस पर मानक के अनुरूप बनवान के निर्देश दिए।
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बीएसए रामकरन यादव सबसे पहले उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला भंत पहुंचे। यहां एक शिक्षक आकस्मिक अवकाश पर मिले। वहीं छात्र संख्या 101 के सापेक्ष 58 मिली। सभी छात्र-छात्राएं पहाड़े और किताब पढ़कर नहीं सुना सके। इस पर शिक्षकों को शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रों को पीटी भी कराई। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय परौंख में शिक्षिका सोनिया 19 और 20 अगस्त को आकस्मिक अवकाश पर थीं, लेकिन अवकाश का कोई प्रार्थना पत्र विद्यालय में नहीं था। साथ ही स्कूल की छत का प्लास्टर बीच-बीच से टूट कर गिरा हुआ था। रंगाई-पुताई भी नहीं हुई थी। बच्चे बाहर पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाए जा रहे थे। अनुदेशक 12 अगस्त से बिना बताए अवकाश पर मिलीं। शिक्षकों को भिन्न और दशमलव का ज्ञान नहीं था। इस पर प्रधानाध्यापक, एनपीआरसी और शिक्षिका का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया। प्राथमिक विद्यालय परौंख में एमडीएम मानक के अनुरूप नहीं बना था। इस पर मानक के अनुरूप बनवान के निर्देश दिए।
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