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हलपुरा को खुले में शौच मुक्त करने का संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Sat, 14 May 2016 11:44 PM IST
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संकल्प
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2019 तक देश को खुले में शौच मुक्त करने के अभियान पर काम चल रहा है। इसके लिए समुदाय आधारित संपूर्ण स्वच्छता (सीएलटीएस) विधा को अपनाया गया है। मैनपुरी विकास खंड के हलपुरा, सुल्तानगंज के नगला पाल गांव में शनिवार को ग्रामीणों के साथ स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने सीएलटीएस की। इस दौरान हलपुरा के प्रधान और ग्रामीणों ने गांव को खुले में शौच मुक्त करने का संकल्प लिया।
जिलाधिकारी लोकेश एम ने जनपद के 50 गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए शीघ्र ही विश्व बैंक की टीम सीएलटीएस की ट्रेंनिग देगी। हलपुरा को खुले में शौच मुक्त करने के कार्य में समाज सेवी पूरन सिंह प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। हलपुरा और नगला पाल में शनिवार को सीएलटीएस ट्रेनिंग कर चुके जिला कंसल्टेंट अंकुरमणि यादव, खंड प्रेरक रंजना चौहान, कर्मवीर, शिवशंकर ने ट्रेनिंग दी।
स्वच्छ भारत मिशन के डीसी नीरज शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायतों और ग्रामों में खुले में शौच मुक्त करने की प्रक्रिया में पहले ग्राम पंचायत खुले में शौच मुक्त करने का प्रस्ताव करती है। उसके बाद ब्लॉक स्तरीय टीम गांव का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट जिला स्तरीय टीम को देती है। जिला स्तरीय टीम में डीएम द्वारा नामित जिला स्तरीय अधिकारी होते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी नरेश चंद्र ने बताया कि प्रथम चरण में प्रत्येक विकास खंड से पांच-पांच गांवों के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
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जिलाधिकारी लोकेश एम ने जनपद के 50 गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए शीघ्र ही विश्व बैंक की टीम सीएलटीएस की ट्रेंनिग देगी। हलपुरा को खुले में शौच मुक्त करने के कार्य में समाज सेवी पूरन सिंह प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। हलपुरा और नगला पाल में शनिवार को सीएलटीएस ट्रेनिंग कर चुके जिला कंसल्टेंट अंकुरमणि यादव, खंड प्रेरक रंजना चौहान, कर्मवीर, शिवशंकर ने ट्रेनिंग दी।
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स्वच्छ भारत मिशन के डीसी नीरज शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायतों और ग्रामों में खुले में शौच मुक्त करने की प्रक्रिया में पहले ग्राम पंचायत खुले में शौच मुक्त करने का प्रस्ताव करती है। उसके बाद ब्लॉक स्तरीय टीम गांव का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट जिला स्तरीय टीम को देती है। जिला स्तरीय टीम में डीएम द्वारा नामित जिला स्तरीय अधिकारी होते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी नरेश चंद्र ने बताया कि प्रथम चरण में प्रत्येक विकास खंड से पांच-पांच गांवों के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
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