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विकास की हकीकत से दूर हकीमपुर
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:19 PM IST
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समस्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विकास खंड क्षेत्र के ग्राम हकीमपुर में समुचित विकास कार्य न होने से ग्रामीणों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। यहां, खड़ंजा, सफाई व्यवस्था, पानी जैसा मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। गांव में टूटे फूटे खड़ंजे व नालियों गलियों में भरा गंदा पानी लोगों को आवाजाही में परेशान कर रहा है। तीन हैंडपंप ही पूरे गांव की प्यास बुझा रहे हैं। पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में समुचित विकास कार्य कराने की मांग की है।
ग्राम हकीमपुर में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव में हर वर्ग के लोग रहते हैं। ग्रामीण राजपाल सिंह का कहना है कि गांव में करीब 20 वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। गांव में न तो ग्राम प्रधान ने विकास कार्य कराए और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया। गांव के खड़ंजे टूटने से घरों का गंदा पानी रास्ते पर भर जाता है। इससे लोगों को निकलने में दिक्कत होती है। रमेश चौहान का कहना है कि गांव में सफाई व्यवस्था का बहुत बुरा हाल है। गांव की सभी गलियों में गंदगी बजबजा रही है। सफाईकर्मी छह महीने से नहीं आया है। राजबहादुर का कहना है कि गांव में करीब 15 हैंडपंप हैं। इनमेें से तीन हैंडपंप ही 1200 लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। लोगों को गांव के बाहर लगीं प्राइवेट सबमर्सिबल पर से पानी लाना पड़ता है। कई बार ग्राम प्रधान उर्मिला देवी को अवगत कराया, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में विकास कार्य कराने की मांग की है। मांग करने वालों में राजवीर सिंह, अजय कुमार, गिरीश प्रभाकर, मुरारी वाल्मीकि, प्रमोद कुमार, राजेश कुमार आदि शामिल हैं।
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ग्राम हकीमपुर में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव में हर वर्ग के लोग रहते हैं। ग्रामीण राजपाल सिंह का कहना है कि गांव में करीब 20 वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। गांव में न तो ग्राम प्रधान ने विकास कार्य कराए और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया। गांव के खड़ंजे टूटने से घरों का गंदा पानी रास्ते पर भर जाता है। इससे लोगों को निकलने में दिक्कत होती है। रमेश चौहान का कहना है कि गांव में सफाई व्यवस्था का बहुत बुरा हाल है। गांव की सभी गलियों में गंदगी बजबजा रही है। सफाईकर्मी छह महीने से नहीं आया है। राजबहादुर का कहना है कि गांव में करीब 15 हैंडपंप हैं। इनमेें से तीन हैंडपंप ही 1200 लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। लोगों को गांव के बाहर लगीं प्राइवेट सबमर्सिबल पर से पानी लाना पड़ता है। कई बार ग्राम प्रधान उर्मिला देवी को अवगत कराया, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में विकास कार्य कराने की मांग की है। मांग करने वालों में राजवीर सिंह, अजय कुमार, गिरीश प्रभाकर, मुरारी वाल्मीकि, प्रमोद कुमार, राजेश कुमार आदि शामिल हैं।
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