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गेहूं खरीद केंद्रों पर नहीं है पर्याप्त सुविधाएं
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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गेहूं खरीद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गेहूं क्रय केंद्रों पर अभी तक तैयारियां भी पूरी नहीं हैं। गेहूं खरीद के लिए अधिकृत की गईं पांच एजेंसियों में सबसे बुरा हाल पीसीएफ की है। ऐसे में खरीद के दौरान क्या हाल होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि खरीद शुरू होने में एक पखवाड़ा है तब तक तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
इस बार गेहूं खरीद के लिए जिले में कुल 73 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से सर्वाधिक 45 क्रय केंद्र पीसीएफ के हैं। इसके बाद भी तैयारियों को लेकर सबसे अधिक बदहाल स्थिति भी इसी विभाग की है। खरीद केंद्र शुरू होने की निर्धारित तिथि गुजरने के बाद विभाग के पास इलेक्ट्रानिक कांटे से लेकर बिनोइंग फैन और नमी मापक उपकरण तक की कमी है। ऐसे में पीसीएफ के केंद्रों पर कैसे निर्बाध और सुचारु रूप से गेहूं की खरीदारी होगी। यही स्थिति गेहूं खरीद के लिए अधिकृत अन्य क्रय एजेंसियों की भी है। उपकरणों की उपलब्धता पर एक नजर डालें तो पीसीएफ को गेहूं की खरीद के लिए 82 इलेक्ट्रानिक कांटे चाहिए जबकि उसके पास मात्र 42 कांटे हैं। ऐसे में 40 की कमी है। वहीं बिनोइंग फैन भी 41 के सापेत्र मात्र 12 ही उपलब्ध हैं। इस प्रकार यह 29 कम हैं। वहीं नमी मापक उपकरण भी एजेंसी के पास 41 के सापेक्ष मात्र 12 ही उपलब्ध हैं। ऐसे में यह भी आवश्यकता से 29 कम हैं।
यही हाल यूपीएसएस, यूपी स्टेट एग्रो और कर्मचारी कल्याण निगम आदि खरीद एजेंसियों की है। उनके पास भी आवश्यकता की तुलना में काफी कम उपकरण है। इसके चलते जिले में गेहूं क्रय केंद्रों की तैयारियों को लेकर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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इस बार गेहूं खरीद के लिए जिले में कुल 73 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से सर्वाधिक 45 क्रय केंद्र पीसीएफ के हैं। इसके बाद भी तैयारियों को लेकर सबसे अधिक बदहाल स्थिति भी इसी विभाग की है। खरीद केंद्र शुरू होने की निर्धारित तिथि गुजरने के बाद विभाग के पास इलेक्ट्रानिक कांटे से लेकर बिनोइंग फैन और नमी मापक उपकरण तक की कमी है। ऐसे में पीसीएफ के केंद्रों पर कैसे निर्बाध और सुचारु रूप से गेहूं की खरीदारी होगी। यही स्थिति गेहूं खरीद के लिए अधिकृत अन्य क्रय एजेंसियों की भी है। उपकरणों की उपलब्धता पर एक नजर डालें तो पीसीएफ को गेहूं की खरीद के लिए 82 इलेक्ट्रानिक कांटे चाहिए जबकि उसके पास मात्र 42 कांटे हैं। ऐसे में 40 की कमी है। वहीं बिनोइंग फैन भी 41 के सापेत्र मात्र 12 ही उपलब्ध हैं। इस प्रकार यह 29 कम हैं। वहीं नमी मापक उपकरण भी एजेंसी के पास 41 के सापेक्ष मात्र 12 ही उपलब्ध हैं। ऐसे में यह भी आवश्यकता से 29 कम हैं।
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यही हाल यूपीएसएस, यूपी स्टेट एग्रो और कर्मचारी कल्याण निगम आदि खरीद एजेंसियों की है। उनके पास भी आवश्यकता की तुलना में काफी कम उपकरण है। इसके चलते जिले में गेहूं क्रय केंद्रों की तैयारियों को लेकर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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