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अग्निशमन यंत्र की बाल्टियां बनीं कूड़ादान

Sun, 25 Sep 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी Updated Sun, 25 Sep 2016 12:08 AM IST
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Fire Fighting Equipment buckets became the dustbins
अंबेडकरनगर के इस फायर स्टेशनों पर है संसाधनों व मैनपॉवर का टोटा। - फोटो : अमर उजाला
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए अग्निशमन यंत्र स्कूलों में लगवा तो लिए गए, लेकिन वह भगवान भरोसे चल रहे हैं। लगने के बाद से आज तक उनकी रिफलिंग नहीं हुई है। कई विद्यालयों में तो इन उपकरणों का उपयोग कूड़ादान के रूप में किया जा रहा है। वह तो गनीमत है कि अभी तक कोई दुर्घटना नहीं हुई है, लेकिन कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। 
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बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग 2163 परिषदीय और 34 सहायता प्राप्त जूनियर विद्यालयों में मिड-डे मील योजना संचालित है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2011 में मुख्य सचिव ने अग्निशमन यंत्र क्रय करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद प्रधानाध्यापकों ने विद्यालय विकास अनुदान की धनराशि से अग्निशमन यंत्र क्रय कर लिए। क्रय करने के बाद इनको रसोईघर में टांग दिया। अग्निशमन यंत्र के साथ तीन बाल्टी भी उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें गिट्टी, बालू भरने के आदेश थे। वहीं प्रधानाध्यापकों और रसोइयों ने बाल्टी का उपयोग कूड़ादान के रूप में करना शुरू कर दिया। अग्निशमन यंत्र भी रसाईघर में शोपीस बने हुए हैं। 
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यंत्र चलाने का नहीं दिया गया प्रशिक्षण
रसोइयों को न तो आग लगने के समय अग्निशमन यंत्र का किस तरह प्रयोग किया जाएगा। इसकी न कोई जानकारी दी गई और न ही प्रशिक्षण दिया गया। अधिकांश रसोइया इसका करना नहीं जानती हैं। 
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एक बार भी नहीं हुई रिफलिंग
क्रय करने के बाद आज तक इनको रिफलिंग नहीं कराया गया है। 2014-15 में तत्कालीन बीएसए ने एक आदेश जारी कर सिलेंडरों को रिफलिंग कराने को कहा था, लेकिन नहीं हुए। विद्यालयों में एमडीएम गैस सिलेंडर से बनाया जाता है। कई बार चूहों ने गैस पाइप काट दिया, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। 

रसोईघर में नहीं हैड के कक्षों में टंगे सिलेंडर
अब तो स्थिति यह है कि यह सिलेंडर रसोईघर में न टांग कर प्रधानाध्यापक के कक्ष में टांग दिए हैं। यदि कोई निरीक्षण की टीम विद्यालय में आती है तो वह सिर्फ अग्निशमन यंत्र है या नहीं इसकी जानकारी करती है। यंत्र कहां लगे हैं इस पर कोई अधिकारी ध्यान नहीं देता। 


रिफलिंग कराने के लिए शासन को लिखा गया है। वहीं अग्निशमन यंत्र रसोईघर में न लगाकर प्रधानाध्यापकों के कक्षों में लगे हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच सही पाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
रामकरन यादव, बीएसए, मैनपुरी
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