फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   Farmers have to pay compensation before taking the MoU

मुआवजा लेने से पहले किसानों को देना होगा सहमति पत्र

Sun, 25 Sep 2016 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी Updated Sun, 25 Sep 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
Farmers have to pay compensation before taking the MoU
मुआवजा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
समान पक्षी विहार के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा के नियमों में थोड़ा बदलाव किया गया है। 11 साल के इंतजार के बाद किसानों को मुआवजा तो 1990 के सर्किल रेट का चार गुना मिलेगा, लेकिन पहले सहमति पत्र भरना होगा। किसानों को पहले पुराने सर्किल रेट के आधार पर भूमि का मुआवजा मिलेगा। बाद में वर्तमान और पुराने सर्किल रेट में जो अंतर होगा वह अनुग्रह राशि के रूप में दिया जाएगा। 
विज्ञापन


डीएम सीपी सिंह ने बताया कि लखनऊ में पिछले दिनों हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया है। नए प्रस्ताव पर कार्य चल रहा है। शासनादेश आते ही इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। समान पक्षी विहार के लिए 26 साल पहले लगभग 11 सौ किसानों की लगभग 850 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई थी। सरकार ने इस साल मुआवजा देने की घोषणा की तो किसानों को खुशी हुई, लेकिन यह खुशी उस सदमा में बदल गई जब उन्हें यह पता लगा कि जमीन का मुआवजा 1990 के सर्किल रेट से मिलेगा। किसानों ने मुआवजे की दर का विरोध कर अपनी अधिग्रहीत जमीन वापस मांगने पर अड़ गए। किसानों के विरोध के बाद शासन ने बीच का रास्ता निकालना शुरू किया।  सूत्रों के अनुसार नौ सितंबर को लखनऊ में जिला और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि समान पक्षी विहार के किसानों को अब मुआवजा लेने से पहले एक सहमति पत्र भरना होगा। इसके बाद ही उन्हें मुआवजा मिलेगा। सहमति पत्र भरने के बाद किसानों को दो किस्तों में पैसा मिलेगा। पहली किस्त में उन्हें 1990 के सर्किल रेट के चार गुना राशि मिलेगी। इसके बाद 1990 के और 2015-16 में लागू सर्किल रेट के चलते जो अंतर आएगा वह धनराशि अनुग्रह राशि के रूप में बाद में दी जाएगी। 
विज्ञापन

बाक्स-- 
सहमति पत्र में लिखा होगा सर्किल रेट
मैनपुरी। सूत्रों की मानें तो जो सहमति पत्र किसानों से भरवाया जाएगा, उसमें चार बिंदुओं को शामिल किया गया है। इसमें किसान को अपनी जमीन उपवन संरक्षक राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी प्रोजेक्ट आगरा उत्तर प्रदेश के सहमति पत्र में देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed