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गाड़ियां भर रहीं फर्राटा, ठोंकरे खा रहे किसान

Tue, 25 Apr 2017 09:26 PM IST
भास्कर युगल, अमर उजाला ब्यूरो (मैनपुरी)
भास्कर युगल, अमर उजाला ब्यूरो (मैनपुरी) Updated Tue, 25 Apr 2017 09:26 PM IST
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farmers are not given proper compensation in expressway
आगरा लखनऊ एकसप्रेस वे
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पर एक ओर लग्जरी गाड़ियां फर्राटा भर रही हैं। वहीं इसके निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मालिक मुआवजा पाने के लिए ठोकरें खा रहे हैं। आलम यह है कि खेतों पर एक साल से मिट्टी का भर्त कर दिया गया है लेकिन उनका मुआवजा तो दूर लेखपालों ने अभी तक यूपीडा के पक्ष में बैनामा तक नहीं कराया है। अब जब किसान उनके पास जा रहा है तो उसे यह कहकर टहला देते हैं कि जांच हो रही है कि तुम्हारा नंबर लिया भी है कि नहीं।  डीएम का कहना है कि जिन लोगों की जमीन ली गई है और मुआवजा नहीं मिला है तो उनकी जांच कराई जाएगी। 
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2013 में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की अधिसूचना जारी हुए थी। इसके बाद 28 किमी लंबाई के एक्सप्रेस वे के लिए करहल तहसील में ही 3500 से अधिक बैनामे यूपीडा के पक्ष में कराए गए। इनमें से सवा सौ किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। सौ किसान तो कोर्ट की शरण लिए हुए हैं 30 किसानों को मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। इनमें से कई किसानों का तो बैनामा हो चुका है। वहीं कई का अभी तक बैनामा ही नहीं हुआ है। जबकि इनकी जमीनों पर प्रशासन सालभर पहले ही कब्जा ले चुका है। 
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इस संबंध में करहल निवासी जगदीश ने बताया कि उनकी जमीन पर लेखपाल एक साल पहले ही कब्जा ले चुका है। मिट्टी का भर्त भी कर दिया लेकिन बैनामा अभी तक नहीं कराया। जबकि जो जमीन अधिगृहित की गई है उसमें उनका मकान तक बना हुआ था। वहीं आधी से ज्यादा जमीन भी चली गई। उक्त जमीन उनकी पत्नी श्रीमतिदेवी के नाम थी। कुछ यही हाल है। महेश का। उसे भी अभी तक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। करहल के ही रहने वाले बालदीन की भी कुछ यही कहानी है। उनको भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं स्थानीय अधिकारियों से लेकर वे अब तक डीएम तक के यहां ज्ञापन दे चुके हैं।  
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नागेंद्र कुमार, एजाद खां, भोगीलाल, कृष्ण कुमारी, महावीर सिंह, आदेश कुमार, शकील अली, शहीर अली, इसरायल, नसीम, हूर बानो, प्यारे लाल आदि समेत 30 से अधिक लोगों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। जबकि उक्त लोग 2016 में ही बैनामा कर चुके हैं। 


मामले में डीएम चंद्रपाल सिंह का कहना है कि जिन लोगों की जमीनें अधिग्रहित की जा चुकी हैं। उनको मुआवजा दिया जा रहा है। यदि किसी किसान को शिकायत है तो वह आकर सीधे मिले। उसकी समस्या का निराकरण किया जाएगा।
 
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