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पलवल हादसा: 'धमाके जैसी आवाज आई, आंख खुली तो सामने थीं अपनों की लाशें'; खाैफनाक मंजर की आंखों देखी कहानी
Wed, 02 Sep 2026 10:11 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 02 Sep 2026 10:11 PM IST
सार
पलवल में हुए भीषण सड़क हादसे में छह श्रद्धालुओं की माैत हो गई। हादसे के बाद गांवों में कोहराम मचा हुआ है। हादसे में घायल हुए लोग अब भी उस खाैफनाक मंजर को याद कर कांप उठते है।
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हादसे के गांव में मचा कोहराम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पलवल में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने मुरगिया गांव के कई परिवारों को जिंदगी भर का ऐसा दर्द दे दिया, जिसे शायद ही वे कभी भूल पाएं। हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। किसी ने अपना जीवनसाथी खो दिया तो किसी के घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। हादसे से बचे लोगों की जुबानी उस भयावह पल की तस्वीर सामने आ रही है।
मुरगिया निवासी मृतका रेशमा देवी के पति विनोद यादव ने बताया कि वह पिकअप में जाग रहे थे। अचानक इतना जोरदार हादसा हुआ कि कुछ समझ ही नहीं आया। सिर से खून बहने लगा तो किसी तरह पिकअप से बाहर निकले। बाहर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। आसपास लोग घायल पड़े थे और कई शव सड़क पर पड़े थे। जब उन्होंने अपनी पत्नी रेशमा को देखा तो वह दुनिया छोड़ चुकी थीं। कुछ पल पहले जो पत्नी उनके साथ सफर कर रही थी, हादसे ने उसे हमेशा के लिए उनसे छीन लिया।
कोई गोला चलने की आई आवाज
इसी गांव की मृतका कमला देवी के पति रामसेवक ने बताया कि उन्हें अचानक ऐसा लगा, जैसे कोई गोला चल गया हो। इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं रहा। अस्पताल पहुंचने पर जब एंबुलेंस से उतारा जा रहा था, तब उन्हें होश आया। होश आने के बाद उन्हें पता चला कि हादसे ने कई जिंदगियां छीन ली हैं।
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मुरगिया निवासी मृतका रेशमा देवी के पति विनोद यादव ने बताया कि वह पिकअप में जाग रहे थे। अचानक इतना जोरदार हादसा हुआ कि कुछ समझ ही नहीं आया। सिर से खून बहने लगा तो किसी तरह पिकअप से बाहर निकले। बाहर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। आसपास लोग घायल पड़े थे और कई शव सड़क पर पड़े थे। जब उन्होंने अपनी पत्नी रेशमा को देखा तो वह दुनिया छोड़ चुकी थीं। कुछ पल पहले जो पत्नी उनके साथ सफर कर रही थी, हादसे ने उसे हमेशा के लिए उनसे छीन लिया।
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कोई गोला चलने की आई आवाज
इसी गांव की मृतका कमला देवी के पति रामसेवक ने बताया कि उन्हें अचानक ऐसा लगा, जैसे कोई गोला चल गया हो। इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं रहा। अस्पताल पहुंचने पर जब एंबुलेंस से उतारा जा रहा था, तब उन्हें होश आया। होश आने के बाद उन्हें पता चला कि हादसे ने कई जिंदगियां छीन ली हैं।
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पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
रामसेवक के रिश्तेदार मयंक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि वह आगरा में रहते हैं और सूचना मिलने के बाद पलवल पहुंचे। उनके अनुसार, आगरा से पलवल पहुंचने में करीब दो से ढाई घंटे लगते हैं, लेकिन उस समय तक घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा चुका था। मयंक ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस ट्रक से पिकअप टकराई, वह शराब के ठेके के सामने नो-एंट्री में खड़ा था। उनका कहना है कि यदि ट्रक वहां खड़ा नहीं होता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
रामसेवक के रिश्तेदार मयंक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि वह आगरा में रहते हैं और सूचना मिलने के बाद पलवल पहुंचे। उनके अनुसार, आगरा से पलवल पहुंचने में करीब दो से ढाई घंटे लगते हैं, लेकिन उस समय तक घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा चुका था। मयंक ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस ट्रक से पिकअप टकराई, वह शराब के ठेके के सामने नो-एंट्री में खड़ा था। उनका कहना है कि यदि ट्रक वहां खड़ा नहीं होता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
कीचड़ से भरे रास्ते से पहुंचे अधिकारी
हरियाणा के पलवल में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद किशनी कस्बा के गांव चांदा, हविलिया और मुरगिया स्थित घरों में बुधवार को मातम छाया रहा, सुबह अंतिम संस्कार से पहले बारिश हो गई जिसके बाद कच्चे रास्ते पर कीचड़ हो गया, इसी रास्ते से होकर जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी मृतकों के घरों तक पहुंचे, इसी रास्ते से शव अंत्येष्टि स्थल तक ले जाए गए।
हादसे के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पीड़ितों के परिजन से मिलने पहुंचे, तो उन्हें भी जमीनी हकीकत का सामना करना पड़ा। गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण अधिकारियों को भी कीचड़ भरे, जलभराव वाले और दुर्गम रास्तों से होकर मृतकों के घरों तक पहुंचना पड़ा। बारिश के बाद गांव के कच्चे रास्ते पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुके थे। मृतकों के घरों के बाहर हजारों की संख्या में बदहवास ग्रामीण एकत्र थे। सांत्वना देने और संवेदना व्यक्त करने के लिए आसपास के गांवों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ लगातार पहुंच रही थी। हर आंख नम थी और लोग परिजनों को संभालने की कोशिश कर रहे थे। अंतिम संस्कार से पहले बारिश ने दुश्वारी बढ़ा दी। मृतकों के शव जब उनके घर से अंत्येष्टि स्थल की ओर ले जाए गए तो ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा।
सपा के झंडे में लपेट कर दी गई अंतिम विदाई
मृतक विजय सिंह समाजवादी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। अंतिम संस्कार से पूर्व उनके पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक समाजवादी पार्टी (सपा) के लाल-हरे झंडे में लपेटा गया। समर्थकों और स्थानीय नेताओं ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित, नेता व प्रशासनिक अधिकारी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
हरियाणा के पलवल में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद किशनी कस्बा के गांव चांदा, हविलिया और मुरगिया स्थित घरों में बुधवार को मातम छाया रहा, सुबह अंतिम संस्कार से पहले बारिश हो गई जिसके बाद कच्चे रास्ते पर कीचड़ हो गया, इसी रास्ते से होकर जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी मृतकों के घरों तक पहुंचे, इसी रास्ते से शव अंत्येष्टि स्थल तक ले जाए गए।
हादसे के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पीड़ितों के परिजन से मिलने पहुंचे, तो उन्हें भी जमीनी हकीकत का सामना करना पड़ा। गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण अधिकारियों को भी कीचड़ भरे, जलभराव वाले और दुर्गम रास्तों से होकर मृतकों के घरों तक पहुंचना पड़ा। बारिश के बाद गांव के कच्चे रास्ते पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुके थे। मृतकों के घरों के बाहर हजारों की संख्या में बदहवास ग्रामीण एकत्र थे। सांत्वना देने और संवेदना व्यक्त करने के लिए आसपास के गांवों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ लगातार पहुंच रही थी। हर आंख नम थी और लोग परिजनों को संभालने की कोशिश कर रहे थे। अंतिम संस्कार से पहले बारिश ने दुश्वारी बढ़ा दी। मृतकों के शव जब उनके घर से अंत्येष्टि स्थल की ओर ले जाए गए तो ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा।
सपा के झंडे में लपेट कर दी गई अंतिम विदाई
मृतक विजय सिंह समाजवादी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। अंतिम संस्कार से पूर्व उनके पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक समाजवादी पार्टी (सपा) के लाल-हरे झंडे में लपेटा गया। समर्थकों और स्थानीय नेताओं ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित, नेता व प्रशासनिक अधिकारी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।