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अव्यवस्थाओं के बीच हुई परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 18 Mar 2017 11:32 PM IST
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अव्यवस्थाओं के बीच हुई परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं अव्यवस्थाओं के बीच शनिवार से शुरू हो गई। परीक्षा के पहले दिन प्राथमिक और जूनियर में प्रथम पाली में हिंदी और कक्षा 6 से 8 तक का दूसरी पाली में हमारा पर्यावरण की परीक्षा संपन्न हुई।
परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों के सचल दल ने परीक्षाओं का निरीक्षण किया। वहीं परिषदीय विद्यालयों की परीक्षाओं के पहले दिन ही अव्यवस्थाएं रहीं। कई विद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाएं भी शनिवार को ही मंगाई गईं। इसके चलते परीक्षा देरी से शुरू हो सकी। जिले के 1506 प्राथमिक और 548 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.50 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। परीक्षाएं दो पालियों में परीक्षाएं हुईं। प्रथम पाली में सुबह 10 बजे से लेकर 12 बजे तक कक्षा एक से आठ तक की हिंदी की परीक्षा हुई। वहीं द्वितीय पाली में सुबह एक बजे से दोपहर तीन बजे तक कक्षा चार से आठ तक पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा हुई। कक्षा एक से आठ तक की परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र बीएसए कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।
आधा दर्जन स्कूलों में नहीं हुई परीक्षाएं
परीक्षा को नकलविहीन और व्यवस्थित तरीके से कराने का दावा करने वाले बेसिक शिक्षा विभाग की पोल खुल गई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण किशनी और कुसमरा में तो प्रश्नपत्र देर से पहुंचे। परीक्षा तिथि समय से घोषित होने के बाद भी किशनी और कुसमरा क्षेत्र के आधा दर्जन विद्यालयों में तो परीक्षा ही नहीं हो पाई। वहीं बीएसए रामकरन यादव का कहना है कि सभी एबीएसए, बीआरसी और शिक्षकों को परीक्षा कराने के निर्देश दिए थे। जिन विद्यालयों में परीक्षा नहीं हुई है उनमें पुन: परीक्षा कराई जाएगी। इस बार परीक्षाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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शिक्षकों ने पेपर किया हल
विकास खंड सुल्तानगंज क्षेत्र के विद्यालयों में जमकर नकल हुई। वहां शिक्षकों ने बच्चों के प्रश्न हल किए। साथ ही समूह बनाकर बच्चों ने पेपर हल किया।
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परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों के सचल दल ने परीक्षाओं का निरीक्षण किया। वहीं परिषदीय विद्यालयों की परीक्षाओं के पहले दिन ही अव्यवस्थाएं रहीं। कई विद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाएं भी शनिवार को ही मंगाई गईं। इसके चलते परीक्षा देरी से शुरू हो सकी। जिले के 1506 प्राथमिक और 548 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.50 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। परीक्षाएं दो पालियों में परीक्षाएं हुईं। प्रथम पाली में सुबह 10 बजे से लेकर 12 बजे तक कक्षा एक से आठ तक की हिंदी की परीक्षा हुई। वहीं द्वितीय पाली में सुबह एक बजे से दोपहर तीन बजे तक कक्षा चार से आठ तक पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा हुई। कक्षा एक से आठ तक की परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र बीएसए कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।
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आधा दर्जन स्कूलों में नहीं हुई परीक्षाएं
परीक्षा को नकलविहीन और व्यवस्थित तरीके से कराने का दावा करने वाले बेसिक शिक्षा विभाग की पोल खुल गई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण किशनी और कुसमरा में तो प्रश्नपत्र देर से पहुंचे। परीक्षा तिथि समय से घोषित होने के बाद भी किशनी और कुसमरा क्षेत्र के आधा दर्जन विद्यालयों में तो परीक्षा ही नहीं हो पाई। वहीं बीएसए रामकरन यादव का कहना है कि सभी एबीएसए, बीआरसी और शिक्षकों को परीक्षा कराने के निर्देश दिए थे। जिन विद्यालयों में परीक्षा नहीं हुई है उनमें पुन: परीक्षा कराई जाएगी। इस बार परीक्षाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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शिक्षकों ने पेपर किया हल
विकास खंड सुल्तानगंज क्षेत्र के विद्यालयों में जमकर नकल हुई। वहां शिक्षकों ने बच्चों के प्रश्न हल किए। साथ ही समूह बनाकर बच्चों ने पेपर हल किया।