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रंजिश में अधेड़ की गोली मारकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 28 Jan 2017 11:30 PM IST
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रंजिश में अधेड़ की गोली मारकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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थाना क्षेत्र के गांव करनपुर नींवरी में शनिवार सुबह शौच कर लौट रहे अधेड़ की घात लगाकर बैठे हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। फायरिंग के दौरान एक गोली अधेड़ के सिर में लगी। फायरिंग की आवाज सुनकर ग्रामीण जब तक घटनास्थल पर पहुंचे तब तक हमलावर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया। घटना की वजह दो पक्षों के बीच रंजिश बताई जा रही है। इस रंजिश में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है।
गांव करनपुर नींवरी निवासी श्रीकृष्ण (45) शनिवार की सुबह करीब सात बजे रिश्ते के फूफा भूमिराज निवासी गांव हविलिया थाना दन्नाहार के साथ शौच के लिए गांव के बाहर खेत पर गया था। सुबह करीब सात बजे दोनों घर वापस लौट रहे थे। तभी घर से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर बाग के रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने हमला कर दिया। यह देख दोनों वहां से भागने लगे। इस पर हमलावरों ने पीछा कर केपीएस इंटर नेशनल स्कूल के पीछे छिपे श्रीकृष्ण पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। यह देख भूमिराज ने गांव की ओर दौड़कर अपनी जान बचाई। एक गोली श्रीकृष्ण के सिर में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बेखौफ हत्यारे काफी देर तक वहीं रुके रहे। जानकारी होने पर भी मृतक के परिवारीजन मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सूचना मिलने के बाद अधिकारी मय पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंचे। हालांकि इससे पहले हमलावर मौके से जा चुके थे। मृतक के भाई रामानंद ने थाने में दी तहरीर में गांव के ही जय सिंह लोधी, फूल सिंह, श्रीराम, नीटू और कुलदीप पर श्रीकृष्ण की हत्या करने का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि एक आरोपी श्रीराम को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही हैं। मृतक श्रीकृष्ण की हत्या के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी की मृत्यु करीब आठ वर्ष पूर्व हो गई थी। पिता की मौत के बाद उसके पांच पुत्र और एक पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है।
छह दिन पूर्व भी हुई थी फायरिंग
मृतक श्रीकृष्ण और जयसिंह पक्ष के बीच छह दिन पूर्व भी ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। पुलिस के पहुंचने पर सभी आरोपी वहां से भाग गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई भी की थी। मगर किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
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चार दशक से दोनों परिवारों के बीच है रंजिश
हत्यारोपी पर दर्ज हैं कई मामले
शनिवार सुबह गांव नींवरी निवासी श्रीकृष्ण की हत्या आकस्मिक घटना नहीं है। आरोपी जयसिंह और श्रीकृष्ण पक्ष के बीच 40 वर्ष से रंजिश कायम है। नामजद जयसिंह बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। उस पर कई मामले भी दर्ज हैं। ग्रामीण भी उससे खौफ खाते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक 40 वर्ष पूर्व मृतक श्रीकृष्ण के पिता राजबहादुर की गोली मारकर हत्या आरोपी जयसिंह के पिता श्रीराम ने कर दी थी। तभी से दोनों पक्षों के बीच रंजिश की शुरुआत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक 2001 में जयसिंह ने गांव निवासी जहेश पुत्र भजनलाल को गोली मारकर घायल कर दिया था। जिसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। उक्त घटना के छह माह बाद गांव निवासी जगवीर की हत्या कर शव गायब कर दिया था। वही गांव निवासी रामचंद्र को भी एक बाग में मारकर पेड़ पर लटका दिया था। गांव निवासी हरी पुत्र बनवारी लाल को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। गांव निवासी हरी तो जयसिंह के आतंक के चलते परिवार सहित गांव से पलायन कर गया था। ग्रामीणों के मुताबिक अगर पुलिस कड़ी कार्रवाई करती तो ये हत्याकांड रोका जा सकता था।
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गांव करनपुर नींवरी निवासी श्रीकृष्ण (45) शनिवार की सुबह करीब सात बजे रिश्ते के फूफा भूमिराज निवासी गांव हविलिया थाना दन्नाहार के साथ शौच के लिए गांव के बाहर खेत पर गया था। सुबह करीब सात बजे दोनों घर वापस लौट रहे थे। तभी घर से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर बाग के रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने हमला कर दिया। यह देख दोनों वहां से भागने लगे। इस पर हमलावरों ने पीछा कर केपीएस इंटर नेशनल स्कूल के पीछे छिपे श्रीकृष्ण पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। यह देख भूमिराज ने गांव की ओर दौड़कर अपनी जान बचाई। एक गोली श्रीकृष्ण के सिर में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बेखौफ हत्यारे काफी देर तक वहीं रुके रहे। जानकारी होने पर भी मृतक के परिवारीजन मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सूचना मिलने के बाद अधिकारी मय पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंचे। हालांकि इससे पहले हमलावर मौके से जा चुके थे। मृतक के भाई रामानंद ने थाने में दी तहरीर में गांव के ही जय सिंह लोधी, फूल सिंह, श्रीराम, नीटू और कुलदीप पर श्रीकृष्ण की हत्या करने का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि एक आरोपी श्रीराम को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही हैं। मृतक श्रीकृष्ण की हत्या के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी की मृत्यु करीब आठ वर्ष पूर्व हो गई थी। पिता की मौत के बाद उसके पांच पुत्र और एक पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है।
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छह दिन पूर्व भी हुई थी फायरिंग
मृतक श्रीकृष्ण और जयसिंह पक्ष के बीच छह दिन पूर्व भी ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। पुलिस के पहुंचने पर सभी आरोपी वहां से भाग गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई भी की थी। मगर किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
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चार दशक से दोनों परिवारों के बीच है रंजिश
हत्यारोपी पर दर्ज हैं कई मामले
शनिवार सुबह गांव नींवरी निवासी श्रीकृष्ण की हत्या आकस्मिक घटना नहीं है। आरोपी जयसिंह और श्रीकृष्ण पक्ष के बीच 40 वर्ष से रंजिश कायम है। नामजद जयसिंह बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। उस पर कई मामले भी दर्ज हैं। ग्रामीण भी उससे खौफ खाते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक 40 वर्ष पूर्व मृतक श्रीकृष्ण के पिता राजबहादुर की गोली मारकर हत्या आरोपी जयसिंह के पिता श्रीराम ने कर दी थी। तभी से दोनों पक्षों के बीच रंजिश की शुरुआत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक 2001 में जयसिंह ने गांव निवासी जहेश पुत्र भजनलाल को गोली मारकर घायल कर दिया था। जिसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। उक्त घटना के छह माह बाद गांव निवासी जगवीर की हत्या कर शव गायब कर दिया था। वही गांव निवासी रामचंद्र को भी एक बाग में मारकर पेड़ पर लटका दिया था। गांव निवासी हरी पुत्र बनवारी लाल को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। गांव निवासी हरी तो जयसिंह के आतंक के चलते परिवार सहित गांव से पलायन कर गया था। ग्रामीणों के मुताबिक अगर पुलिस कड़ी कार्रवाई करती तो ये हत्याकांड रोका जा सकता था।