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डिमांड आने पर ही बुझेगी प्यास
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Sun, 01 May 2016 10:57 PM IST
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पानी की बर्बादी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है शहर और देहात में पानी की किल्लत बढ़ रही है। कुछ दिन पहले ही जिले भर में हैंडपंप और नलकूप के रिबोर के लिए 4.87 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर दिया है। अभी तक धनराशि नहीं मिली है।
fजले में कुल 39329 हैंडपंप हैं। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार खराब पड़े हैं। वहीं निकाय क्षेत्रों में कुल 2964 हैंडपंप हैं। इनमें से 61 खराब पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के एक हजार हैंडपंप के रिबोर के लिए शासन से 4.59 करोड़ रुपये की राशि मांगी है। वहीं 61 शहरी हैंडपंपों के लिए 28 लाख रुपये मांगे गए हैं। डिमांड के अनुरूप राशि मिलने के बाद ही रिबोर का काम शुरू होगा। तब तक संबंधित क्षेत्रों के लोगों को गर्मी में पानी की किल्लत झेलनी पड़ेगी। इस संबंध में जलनिगम के अधिशासी अभियंता ओमवीर दीक्षित का कहना है कि एस्टीमेट शासन को भेज दिया है वहां से राशि आने के बाद ही रिबोर का काम होगा।
तो चहीं किल्लत के बाद भी पानी की बर्बादी पर रोक नहीं लग पा रही है। अधिकारी और न ही लोग ही जागरूक हो रहे हैं।
दृश्य एक
रविवार को फूलबाग के बाहर पालिका की सप्लाई की लाइन टूटी पड़ी थी। इससे लगातार पानी बह रहा था। इसको सही कराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
दृश्य दो
चांदेश्वर रोड पर नल की टोंटी टूटी होने के कारण लगातार पानी बह रहा था। आसपास मौजूद लोगों में से किसी ने उसे बंद करने की जरूरत नहीं समझी थी।
दृश्य तीन
देवी रोड चुंगी के पास भी नल टूटा पड़ा था। इसको संबंधित व्यक्ति सही करा रहा है और न ही पालिका के अधिकारियों ने ही पाइप को सही कराने की जरूरत समझी है।
शहर में जहां पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है उसे शीघ्र अभियान चलाकर ठीक कराया जाएगा। वहीं जिन लोगों के नलों में टोंटी नहीं है उन्हें नोटिस भेजकर टोंटी लगाने के लिए कहा जाएगा।
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- रामपाल, ईओ नगर पालिका
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fजले में कुल 39329 हैंडपंप हैं। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार खराब पड़े हैं। वहीं निकाय क्षेत्रों में कुल 2964 हैंडपंप हैं। इनमें से 61 खराब पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के एक हजार हैंडपंप के रिबोर के लिए शासन से 4.59 करोड़ रुपये की राशि मांगी है। वहीं 61 शहरी हैंडपंपों के लिए 28 लाख रुपये मांगे गए हैं। डिमांड के अनुरूप राशि मिलने के बाद ही रिबोर का काम शुरू होगा। तब तक संबंधित क्षेत्रों के लोगों को गर्मी में पानी की किल्लत झेलनी पड़ेगी। इस संबंध में जलनिगम के अधिशासी अभियंता ओमवीर दीक्षित का कहना है कि एस्टीमेट शासन को भेज दिया है वहां से राशि आने के बाद ही रिबोर का काम होगा।
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तो चहीं किल्लत के बाद भी पानी की बर्बादी पर रोक नहीं लग पा रही है। अधिकारी और न ही लोग ही जागरूक हो रहे हैं।
दृश्य एक
रविवार को फूलबाग के बाहर पालिका की सप्लाई की लाइन टूटी पड़ी थी। इससे लगातार पानी बह रहा था। इसको सही कराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
दृश्य दो
चांदेश्वर रोड पर नल की टोंटी टूटी होने के कारण लगातार पानी बह रहा था। आसपास मौजूद लोगों में से किसी ने उसे बंद करने की जरूरत नहीं समझी थी।
दृश्य तीन
देवी रोड चुंगी के पास भी नल टूटा पड़ा था। इसको संबंधित व्यक्ति सही करा रहा है और न ही पालिका के अधिकारियों ने ही पाइप को सही कराने की जरूरत समझी है।
शहर में जहां पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है उसे शीघ्र अभियान चलाकर ठीक कराया जाएगा। वहीं जिन लोगों के नलों में टोंटी नहीं है उन्हें नोटिस भेजकर टोंटी लगाने के लिए कहा जाएगा।
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- रामपाल, ईओ नगर पालिका