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वृद्ध की हत्या में मां-बेटे को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sat, 17 Dec 2016 11:54 PM IST
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खेत में पानी लगाने के विवाद में तीन साल पहले वृद्ध की पीटकर हत्या करने के मामले में मां-बेटे को अपर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को 27 हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा। जुर्माने की धनराशि में से 13500 रुपये वादी को दिए जाएंगे। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना एलाऊ के विशुनपुर निवासी जिलेदार सिंह दो अक्तूबर 2013 की सुबह छह बजे अपने खेत में पानी लगा रहे थे। तभी खजुरिया निवासी सतेंद्र अपने भाई नीरज तथा मां कैलाशी के साथ वहां पहुंच गया। खेत में पानी लगाने को लेकर उनका जिलेदार से विवाद हुआ। तीनों ने नल के हत्थे तथा डंडों से पीटकर हत्या कर दी। शोरगुल सुनकर बचाने आए गांव के किताब सिंह को भी घायल कर दिया। परिवारीजन जिलेदार को जिला अस्पताल लाए जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। जिलेदार के पुत्र विनोद कुमार ने तीनों के खिलाफ थाना एलाऊ में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच में तीनों को दोषी पाकर चार्जशीट सुनवाई के लिए कोर्ट में भेज दी।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह की कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की गवाही के आधार पर सतेंद्र तथा कैलाशी को हत्या का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता रोहित शुक्ला ने आरोपियों के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने दोनों को आजीवन कारावास तथा 27 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जेल में रहकर लड़ा मुकदमा
मैनपुरी। हत्यारोपी सतेंद्र की जमानत किसी कोर्ट से मंजूर नहीं हुई। उनको जेल में रहकर ही पूरा मुकदमा लड़ना पड़ा। कैलाशी की जमानत मंजूर हो गई थी। शनिवार को निर्णय सुनाए जाने के बाद कैलाशी को हिरासत मेें लेकर जेल भेज दिया गया।
नीरज का बनारस में चल रहा इलाज
मैनपुरी। हत्यरोपी नीरज की जमानत मंजूर नहीं होने पर उसकी मानसिक हालत बिगड़ गई। उसका बनारस में इलाज चल रहा है। इलाज के चलते उसके मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। उसके मुकदमे की सुनवाई उसकी तबियत ठीक होने पर अलग से की जाएगी।
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थाना एलाऊ के विशुनपुर निवासी जिलेदार सिंह दो अक्तूबर 2013 की सुबह छह बजे अपने खेत में पानी लगा रहे थे। तभी खजुरिया निवासी सतेंद्र अपने भाई नीरज तथा मां कैलाशी के साथ वहां पहुंच गया। खेत में पानी लगाने को लेकर उनका जिलेदार से विवाद हुआ। तीनों ने नल के हत्थे तथा डंडों से पीटकर हत्या कर दी। शोरगुल सुनकर बचाने आए गांव के किताब सिंह को भी घायल कर दिया। परिवारीजन जिलेदार को जिला अस्पताल लाए जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। जिलेदार के पुत्र विनोद कुमार ने तीनों के खिलाफ थाना एलाऊ में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच में तीनों को दोषी पाकर चार्जशीट सुनवाई के लिए कोर्ट में भेज दी।
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मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम बच्चू सिंह की कोर्ट में की गई। अभियोजन पक्ष की गवाही के आधार पर सतेंद्र तथा कैलाशी को हत्या का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता रोहित शुक्ला ने आरोपियों के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने दोनों को आजीवन कारावास तथा 27 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जेल में रहकर लड़ा मुकदमा
मैनपुरी। हत्यारोपी सतेंद्र की जमानत किसी कोर्ट से मंजूर नहीं हुई। उनको जेल में रहकर ही पूरा मुकदमा लड़ना पड़ा। कैलाशी की जमानत मंजूर हो गई थी। शनिवार को निर्णय सुनाए जाने के बाद कैलाशी को हिरासत मेें लेकर जेल भेज दिया गया।
नीरज का बनारस में चल रहा इलाज
मैनपुरी। हत्यरोपी नीरज की जमानत मंजूर नहीं होने पर उसकी मानसिक हालत बिगड़ गई। उसका बनारस में इलाज चल रहा है। इलाज के चलते उसके मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। उसके मुकदमे की सुनवाई उसकी तबियत ठीक होने पर अलग से की जाएगी।