{"_id":"571e56e64f1c1b0c75a9185d","slug":"the-team-drove-to-the-village-reconnaissance-bhitara","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव भिटारा में पैमाइश को गई टीम को दौड़ाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गांव भिटारा में पैमाइश को गई टीम को दौड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
केजरीवाल पर हमला करने वाला शख्स
- फोटो : जी पाॅल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव भिटारा में सोमवार को पैमाइश को गई राजस्व टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। वहीं तहसीलदार पर भी फावड़े से प्रहार किया, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। टीम ने भागकर जान बचाई। वहीं मौजूद पुलिस कर्मी मूकदर्शक बने यह सब देखते रहे। डीएम के आदेश पर थाना पुलिस ने चार लोगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गत तहसील दिवस में गांव भिटारा निवासी कप्तान सिंह ने पट्टे की जमीन पर गांव के ही कुछ दबंगों ने कब्जा न छोड़ने की शिकायत की थी। शिकायत का निस्तारण करने तहसीलदार राकेश सोनी, लेखपाल श्याम गुप्ता, लेखपाल मनोज गुप्ता अपने साथ थाने के तीन एसआई व पुलिस कर्मियों को लेकर सोमवार शाम चार बजे के लगभग गांव भिटारा पहुंचे। वहां बताया गया कि इस पट्टे की जमीन को लेखपाल श्याम गुप्ता द्वारा पैमाइश की चुकी है, लेकिन दूसरे पक्ष के केदार सिंह, छोटे लाल आदि ने कब्जा नहीं दिया था और लेखपाल के साथ बदसलूकी कर भगा दिया था। तहसीलदार के सामने कप्तान सिंह ने जैसे ही मेड़ बंदी शुरू की उसी समय रिटायर्ड दरोगा लाखन सिंह ने ग्रामीणों को राजस्व टीम पर हमले के लिए उकसा दिया। इस पर एक युवक ने फावड़े से तहसीलदार के ऊपर प्रहार किया, लेकिन वह बच गए। ग्रामीण अचानक राजस्व टीम पर हमलावर हो गए और गाली-गलौज करने लगे। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। ग्रामीणों को हमलावर होते देख राजस्व टीम ने भागकर जान बचाई।
इसके बाद तहसीलदार सीधे तहसील पहुंचे। वहां उन्होंने अपने साथ हुई घटना की जानकारी एसडीएम सुरेश कुमार सोनी को दी। जानकारी के बाद भी एसडीएम मामले में लीपापोती करते रहे। हमले का आरोपी रिटायर्ड दरोगा लाखन सिंह एसडीएम के पास आकर बहस करता रहा और वे उसकी बात सुनते रहे। लोगों ने घटना की जानकारी डीएम लोकेश एम को दी। इस पर डीएम ने एसडीएम को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। इस पर शाम लगभग सात बजे लेखपाल श्याम कुमार ने रिटायर्ड दरोगा लाखन सिंह, केदार सिंह, पलटू और शेर सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
गत तहसील दिवस में गांव भिटारा निवासी कप्तान सिंह ने पट्टे की जमीन पर गांव के ही कुछ दबंगों ने कब्जा न छोड़ने की शिकायत की थी। शिकायत का निस्तारण करने तहसीलदार राकेश सोनी, लेखपाल श्याम गुप्ता, लेखपाल मनोज गुप्ता अपने साथ थाने के तीन एसआई व पुलिस कर्मियों को लेकर सोमवार शाम चार बजे के लगभग गांव भिटारा पहुंचे। वहां बताया गया कि इस पट्टे की जमीन को लेखपाल श्याम गुप्ता द्वारा पैमाइश की चुकी है, लेकिन दूसरे पक्ष के केदार सिंह, छोटे लाल आदि ने कब्जा नहीं दिया था और लेखपाल के साथ बदसलूकी कर भगा दिया था। तहसीलदार के सामने कप्तान सिंह ने जैसे ही मेड़ बंदी शुरू की उसी समय रिटायर्ड दरोगा लाखन सिंह ने ग्रामीणों को राजस्व टीम पर हमले के लिए उकसा दिया। इस पर एक युवक ने फावड़े से तहसीलदार के ऊपर प्रहार किया, लेकिन वह बच गए। ग्रामीण अचानक राजस्व टीम पर हमलावर हो गए और गाली-गलौज करने लगे। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। ग्रामीणों को हमलावर होते देख राजस्व टीम ने भागकर जान बचाई।
विज्ञापन
इसके बाद तहसीलदार सीधे तहसील पहुंचे। वहां उन्होंने अपने साथ हुई घटना की जानकारी एसडीएम सुरेश कुमार सोनी को दी। जानकारी के बाद भी एसडीएम मामले में लीपापोती करते रहे। हमले का आरोपी रिटायर्ड दरोगा लाखन सिंह एसडीएम के पास आकर बहस करता रहा और वे उसकी बात सुनते रहे। लोगों ने घटना की जानकारी डीएम लोकेश एम को दी। इस पर डीएम ने एसडीएम को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। इस पर शाम लगभग सात बजे लेखपाल श्याम कुमार ने रिटायर्ड दरोगा लाखन सिंह, केदार सिंह, पलटू और शेर सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन