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दशकों पुराने ड्रेनेज सिस्टम के भरोसे शहर
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 21 Jul 2016 10:57 PM IST
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ड्रेनेज सिस्टम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पालिका शहर में विकास के चाहे कितने भी दावे कर ले लेकिन हकीकत यह है कि ड्रेनेज सिस्टम अभी भी अंग्रेजों के जमाने का लगा हुआ है। यही वजह है जरा सी बारिश में पूरे शहर में जलभराव हो जाता है।
शहर में जरा सी बारिश होने पर लोगों को जबरदस्त जलभराव का सामना करना पड़ता है। जब यह ड्रेनेज सिस्टम बनाया आबादी के लिए वह पर्याप्त था। समय के साथ शहर की आबादी बढ़ी और क्षेत्रफल भी लेकिन ड्रेनेज व्यवस्था की क्षमता नहीं बढ़ाई गई। कचहरी रोड पर क्रिश्चियन तिराहे के कुछ आगे नाला सड़क के नीचे से गुजरा है। नाले की पुलिया काफी छोटी होने के चलते बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। वहीं प्लास्टिक और अन्य कचरे ने भी पुलिया चोक कर दी है। इस सड़क के दूसरी ओर इसी नाले पर खोखा रखा हुआ है। इसके चलते वहां सफाई नहीं हो पाती है। इसके अलावा थोड़ा आगे चलने पर नाले के ऊपर पूरा गेस्ट हाउस बना हुआ है। यही नहीं पास स्थित मकान मालिकों ने भी नाले पाट लिए हैं।
बीएसए कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते पर छात्रावास के पास भी नाले की पुलिया दशकों पूर्व बनाई गई थी। इसके चलते यहां से भी जल निकासी भी पर्याप्त रूप से नहीं हो पाती है। राजा का बाग, आगरा रोड, मंडी झम्मनलाल आदि में भी नालों पर पुलिया अंग्रेजों के जमाने की बनी र्हुई है। इसके चलते इनसे बारिश के समय जलनिकासी नहीं हो पाती है। आधे शहर में जलभराव होता है।
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नोटिस से आगे नहीं होती कार्रवाई
मैनपुरी। अवैध अतिक्रमणों को लेकर हर बार अधिकारी सिर्फ नोटिस जारी करते हैं। इसके आगे कोई कार्रवाई नहीं होती। यदि कभी अतिक्रमण विरोधी अभियान चलता भी है तो वह सिर्फ खोखों और टिन शेड तक ही सीमित रह जाता है।
नालों पर दशकों पूर्व बनाई गई पुलियों को चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए पालिका और लोकनिर्माण विभाग ने डीपीआर बनाई है। योजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शीघ्र इस पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं नालों पर अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया गया है। शीघ्र ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रामपाल, ईओ नगर पालिका
शहर के प्रमुख नालों पर सालों पूर्व अवैध निर्माण कर लिए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जिलास्तरीय अधिकारियों को भी इससे अवगत कराया गया है। जहां पर अतिक्रमण हटना संभव नहीं है वहां पर नालों का रुख मोड़ने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
- साधना गुप्ता, चेयरमैन नगर पालिका
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शहर में जरा सी बारिश होने पर लोगों को जबरदस्त जलभराव का सामना करना पड़ता है। जब यह ड्रेनेज सिस्टम बनाया आबादी के लिए वह पर्याप्त था। समय के साथ शहर की आबादी बढ़ी और क्षेत्रफल भी लेकिन ड्रेनेज व्यवस्था की क्षमता नहीं बढ़ाई गई। कचहरी रोड पर क्रिश्चियन तिराहे के कुछ आगे नाला सड़क के नीचे से गुजरा है। नाले की पुलिया काफी छोटी होने के चलते बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। वहीं प्लास्टिक और अन्य कचरे ने भी पुलिया चोक कर दी है। इस सड़क के दूसरी ओर इसी नाले पर खोखा रखा हुआ है। इसके चलते वहां सफाई नहीं हो पाती है। इसके अलावा थोड़ा आगे चलने पर नाले के ऊपर पूरा गेस्ट हाउस बना हुआ है। यही नहीं पास स्थित मकान मालिकों ने भी नाले पाट लिए हैं।
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बीएसए कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते पर छात्रावास के पास भी नाले की पुलिया दशकों पूर्व बनाई गई थी। इसके चलते यहां से भी जल निकासी भी पर्याप्त रूप से नहीं हो पाती है। राजा का बाग, आगरा रोड, मंडी झम्मनलाल आदि में भी नालों पर पुलिया अंग्रेजों के जमाने की बनी र्हुई है। इसके चलते इनसे बारिश के समय जलनिकासी नहीं हो पाती है। आधे शहर में जलभराव होता है।
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नोटिस से आगे नहीं होती कार्रवाई
मैनपुरी। अवैध अतिक्रमणों को लेकर हर बार अधिकारी सिर्फ नोटिस जारी करते हैं। इसके आगे कोई कार्रवाई नहीं होती। यदि कभी अतिक्रमण विरोधी अभियान चलता भी है तो वह सिर्फ खोखों और टिन शेड तक ही सीमित रह जाता है।
नालों पर दशकों पूर्व बनाई गई पुलियों को चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए पालिका और लोकनिर्माण विभाग ने डीपीआर बनाई है। योजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शीघ्र इस पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं नालों पर अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया गया है। शीघ्र ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रामपाल, ईओ नगर पालिका
शहर के प्रमुख नालों पर सालों पूर्व अवैध निर्माण कर लिए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जिलास्तरीय अधिकारियों को भी इससे अवगत कराया गया है। जहां पर अतिक्रमण हटना संभव नहीं है वहां पर नालों का रुख मोड़ने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
- साधना गुप्ता, चेयरमैन नगर पालिका