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Mainpuri News: सीएमओ को आधुनिक एंबुलेंस में मिलीं खामियां
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मैनपुरी। सीएमओ डॉॅ. आरसी गुप्ता ने बुधवार को नोडल अधिकारी एंबुलेंस सेवा डॉ. सुरेंद्र कुमार के साथ सरकारी एंबुलेंस सेवाओं का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान 108 और 102 एंबुलेंस सेवा की गहन जांच की गई। 102 सेवा बेहतर पाई गई। आधुनिक जीवन रक्षक एंबुलेंस में पंजीकरण में संदिग्ध दिखने पर जांच के आदेश दिए।
दोनों ही अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। यहां एंबुलेंस में उपलब्ध आपातकालीन दवाइयों, ऑक्सीजन की उपलब्धता, कार्यशीलता, पीसीआर फॉर्म पंजीकरण, स्ट्रेचर की स्थिति को देखा। सीएमओ ने 102 सेवा की जांच में पाया कई बार ईएमटी और पायलट ने सुरक्षित प्रसव कराया।
सीएमओ ने निर्देश दिए कि ड्यूटी के समय सभी कर्मचारी आईडी कार्ड पहनें, पीसीआर में नए कार्बन शीट का प्रयोग करें, दवाइयों पर एक्सपायरी डेट व बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। पायलट को दैनिक वाहन जांच कराने को कहा।
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निरीक्षण के दौरान आधुनिक जीवन रक्षक (एएलएस) एंबुलेंस सेवाओं में कई गंभीर खामियां भी पाई गईं।
एंबुलेंस संख्या यूपी 32 ईजी 6414 और यूपी 32 ईजी 6285 की पंजिका (लॉग बुक) की जांच में मात्र एक-एक ही ट्रिप दर्ज पाई गई। मौके पर मौजूद स्टाफ बिना वर्दी के पाया गया।
जब मरीजों से मोबाइल पर संपर्क कर जानकारी ली गई तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि किसी भी नजदीकी अस्पताल से मरीज रिसीव नहीं किया गया, जबकि समीपवर्ती अस्पतालों के मरीजों को नोएडा एवं फर्रुखाबाद भेजा गया।
सीएमओ ने इसकी जांच के निर्देश दिए। सीएमओ ने पोस्टमार्टम हाउस का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. प्रवीन कुमार, रविंद्र गौर, 108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक अभिषेक कुमार और जिला प्रभारी विवेक श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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निरीक्षण के दौरान 108 और 102 एंबुलेंस सेवा की गहन जांच की गई। 102 सेवा बेहतर पाई गई। आधुनिक जीवन रक्षक एंबुलेंस में पंजीकरण में संदिग्ध दिखने पर जांच के आदेश दिए।
दोनों ही अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। यहां एंबुलेंस में उपलब्ध आपातकालीन दवाइयों, ऑक्सीजन की उपलब्धता, कार्यशीलता, पीसीआर फॉर्म पंजीकरण, स्ट्रेचर की स्थिति को देखा। सीएमओ ने 102 सेवा की जांच में पाया कई बार ईएमटी और पायलट ने सुरक्षित प्रसव कराया।
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सीएमओ ने निर्देश दिए कि ड्यूटी के समय सभी कर्मचारी आईडी कार्ड पहनें, पीसीआर में नए कार्बन शीट का प्रयोग करें, दवाइयों पर एक्सपायरी डेट व बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। पायलट को दैनिक वाहन जांच कराने को कहा।
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निरीक्षण के दौरान आधुनिक जीवन रक्षक (एएलएस) एंबुलेंस सेवाओं में कई गंभीर खामियां भी पाई गईं।
एंबुलेंस संख्या यूपी 32 ईजी 6414 और यूपी 32 ईजी 6285 की पंजिका (लॉग बुक) की जांच में मात्र एक-एक ही ट्रिप दर्ज पाई गई। मौके पर मौजूद स्टाफ बिना वर्दी के पाया गया।
जब मरीजों से मोबाइल पर संपर्क कर जानकारी ली गई तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि किसी भी नजदीकी अस्पताल से मरीज रिसीव नहीं किया गया, जबकि समीपवर्ती अस्पतालों के मरीजों को नोएडा एवं फर्रुखाबाद भेजा गया।
सीएमओ ने इसकी जांच के निर्देश दिए। सीएमओ ने पोस्टमार्टम हाउस का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. प्रवीन कुमार, रविंद्र गौर, 108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक अभिषेक कुमार और जिला प्रभारी विवेक श्रीवास्तव मौजूद रहे।