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UP: नींव खुदाई के दाैरान निकले ब्रिटिशकालीन सिक्के...ग्रामीणों ने किया बंटवारा, इस भय से एएसआई को साैंपे
Mon, 21 Jul 2025 07:35 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 21 Jul 2025 07:35 PM IST
सार
सहारा के रहने वाले हरिश्चंद्र चौहान की जमीन से नींव खुदाई के दौरान शनिवार देर शाम जेसीबी चालक आलोक कुमार निवासी कुंजलपुर को यह सिक्के मिले थे। पहले जमीन में 90 सिक्के मिलने की बात सामने आई थी।
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सिक्कों की जांच करती एएसआई टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मैनपुरी के बिछवां थाना क्षेत्र के गांव सहारा में शनिवार को मकान निर्माण के लिए नींव खुदाई के दौरान मिले ब्रिटिश कालीन सिक्के रविवार देर रात गांव जाकर पुलिस ने बरामद कर लिए। कुल 49 सिक्के खुदाई में मिलने की बात सामने आई है। इधर, सोमवार को गांव में एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा एएसआई टीम के साथ पहुंची। एएसआई ने पाया कि यह गांव टीले पर बसा है। संभवतः एक शताब्दी पूर्व, जो भी यहां रहता होगा, उसने सिक्कों को पोटली में बंद कर सुरक्षा के लिहाज से जमीन में दबा किया होगा।
एसडीएम संध्या शर्मा ने बताया कि सहारा के रहने वाले हरिश्चंद्र चौहान की जमीन से नींव खुदाई के दौरान यह सिक्के मिले हैं। हरिशचंद्र के पास से 34, जेसीबी चालक आलोक कुमार निवासी कुंजलपुर के पास से 10 और खुदाई के दौरान निकली मिट्टी के परिवहन में लगे ट्रैक्टर के चालक रमाकांत निवासी कुंजलपुर के पास से 5 सिक्के बरामद हुए हैं। थाना बिछवां पुलिस ने लिखत-पढ़त में इनकी बरामदगी की है। ये सिक्के एएसआई की टीम को सौंपे गए हैं।
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एसडीएम संध्या शर्मा ने बताया कि सहारा के रहने वाले हरिश्चंद्र चौहान की जमीन से नींव खुदाई के दौरान यह सिक्के मिले हैं। हरिशचंद्र के पास से 34, जेसीबी चालक आलोक कुमार निवासी कुंजलपुर के पास से 10 और खुदाई के दौरान निकली मिट्टी के परिवहन में लगे ट्रैक्टर के चालक रमाकांत निवासी कुंजलपुर के पास से 5 सिक्के बरामद हुए हैं। थाना बिछवां पुलिस ने लिखत-पढ़त में इनकी बरामदगी की है। ये सिक्के एएसआई की टीम को सौंपे गए हैं।
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पहले किया मना, फिर मुकदमे के भय से सौंपे सिक्के
सहारा के रहने वाले हरिश्चंद्र चौहान की जमीन से नींव खुदाई के दौरान शनिवार देर शाम जेसीबी चालक आलोक कुमार निवासी कुंजलपुर को यह सिक्के मिले थे। पहले जमीन में 90 सिक्के मिलने की बात सामने आई थी, जिसके संबंध में ग्रामीणों ने कहा था कि जेसीबी चालक ने 50 खुद रख लिए और ट्रैक्टर के चालक रमाकांत निवासी कुंजलपुर को 40 सिक्के दे दिए थे। रात में ही गांव में इस बात की चर्चा हो गई। रविवार सुबह गांव में पंचायत हुई। इसमें हरिशचंद्र को 75 सिक्के, 10 सिक्के जेसीबी चालक आलोक को तथा पांच सिक्के ट्रैक्टर चालक रमाकांत को देने की बात कही गई। मगर, मामला 49 सिक्कों के मिलने और उनके बंटवारे का निकला। पुलिस जानकारी होने पर रविवार रात जब गांव में पहुंची तो पहले तो संबंधितों से ऐसी कोई बात होने से मना कर दिया। जब पुलिस ने मुकदमे का भय दिखाया तो सभी सिक्के पेश कर दिए गए।
यह है सिक्कों की खासियत
ये सभी सिक्के चांदी के बताए जा रहे हैं। इन सिक्कों पर एक ओर किंग एडवर्ड सप्तम की तस्वीर और उनका नाम खुदा हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ 'ब्रिटिश भारत का एक रुपये का सिक्का' लिखा है, जिससे प्रतीत होता है कि यह सिक्के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के हैं।
सिक्कों की प्राचीनता का आकलन शुरू
खुदाई में मिले इन सिक्कों ने क्षेत्र में पुरातात्विक हलचल बढ़ा दी है। एएसआई की प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि ये सिक्के ब्रिटिशकालीन हैं। अब इनकी सटीक अवधि और तत्कालीन महत्व को निर्धारित करने के लिए गहन अध्ययन किया जाएगा। पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों की टीम अब इन सिक्कों पर मौजूद चिन्हों, धातु की बनावट और अन्य पुरातात्विक विशेषताओं का विश्लेषण करेगी।
सहारा के रहने वाले हरिश्चंद्र चौहान की जमीन से नींव खुदाई के दौरान शनिवार देर शाम जेसीबी चालक आलोक कुमार निवासी कुंजलपुर को यह सिक्के मिले थे। पहले जमीन में 90 सिक्के मिलने की बात सामने आई थी, जिसके संबंध में ग्रामीणों ने कहा था कि जेसीबी चालक ने 50 खुद रख लिए और ट्रैक्टर के चालक रमाकांत निवासी कुंजलपुर को 40 सिक्के दे दिए थे। रात में ही गांव में इस बात की चर्चा हो गई। रविवार सुबह गांव में पंचायत हुई। इसमें हरिशचंद्र को 75 सिक्के, 10 सिक्के जेसीबी चालक आलोक को तथा पांच सिक्के ट्रैक्टर चालक रमाकांत को देने की बात कही गई। मगर, मामला 49 सिक्कों के मिलने और उनके बंटवारे का निकला। पुलिस जानकारी होने पर रविवार रात जब गांव में पहुंची तो पहले तो संबंधितों से ऐसी कोई बात होने से मना कर दिया। जब पुलिस ने मुकदमे का भय दिखाया तो सभी सिक्के पेश कर दिए गए।
यह है सिक्कों की खासियत
ये सभी सिक्के चांदी के बताए जा रहे हैं। इन सिक्कों पर एक ओर किंग एडवर्ड सप्तम की तस्वीर और उनका नाम खुदा हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ 'ब्रिटिश भारत का एक रुपये का सिक्का' लिखा है, जिससे प्रतीत होता है कि यह सिक्के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के हैं।
सिक्कों की प्राचीनता का आकलन शुरू
खुदाई में मिले इन सिक्कों ने क्षेत्र में पुरातात्विक हलचल बढ़ा दी है। एएसआई की प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि ये सिक्के ब्रिटिशकालीन हैं। अब इनकी सटीक अवधि और तत्कालीन महत्व को निर्धारित करने के लिए गहन अध्ययन किया जाएगा। पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों की टीम अब इन सिक्कों पर मौजूद चिन्हों, धातु की बनावट और अन्य पुरातात्विक विशेषताओं का विश्लेषण करेगी।