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अरिंद नदी में दो छात्र डूबे, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:44 PM IST
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शोक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अरिंद नदी किनारे कमल तोड़ने गए दो बालक गुरुवार की शाम को नदी में डूब गए। जानकारी होने के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। करीब आधे घंटे तक तलाश के बाद दोनों के शव मिल सके। दोनों बालक कक्षा चार में पढ़ते थे। उनकी मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
कस्बा औंछा के गांव खडेरिया निवासी छोटेलाल का पुत्र प्रवीन (12) और पड़ोसी गांव नगला मोती निवासी पदम सिंह का पुत्र अंकुल (12) गुरुवार शाम को बकरियों को चराने के लिए अरिंद नदी के किनारे गए थे। इस दौरान दोनों ने नदी किनारे कीचड़ में कमल खिले देखे तो उन्हें तोड़ने के लिए वह नदी में उतर गए। पूर्व में नदी की खुदाई के दौरान वहां कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं। इससे बेखबर दोनों नदी में आगे बढ़ गए। अचानक एक गहरे गड्ढे में पांव पड़ते ही दोनों डूबने लगे। आसपास खेल रहे बच्चो ने कुछ देर तक उनके आने का इंतजार किया, लेकिन चीख पुकार सुनकर वह गांव वालों को जानकारी देने दौड़ गए। सूचना मिलते ही परिवारीजन और ग्रामीण नदी पर पहुंचे। वहां करीब आधा घंटे तक बच्चों को तलाश किया गया। इसके बाद दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए। शवों को देखकर परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। शव गांव पहुंचने के बाद सन्नाटा पसर गया। गमगीन माहौल में दोनों के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
तोंड़ेंगे दम मगर, तेरा साथ ना छोड़ेंगे...
एक ही दिन जन्मे और एक ही दिन मरे दो बालक
औंछा(ब्यूरो)। औंछा में दोनों बालकों की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के मुताबिक दोनों दोस्त एक ही दिन पैदा हुए थे और एक ही साथ उनकी मौत भी हुई।
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कस्बे के गांव नगला मोती निवासी अंकुल (12) और पड़ोसी गांव खडे़रिया निवासी प्रवीन (12) का जन्म वर्ष 2004 में एक ही दिन हुआ था। संयोगवश दोनों की ननिहाल भी गांव परमकुटी में थी। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले दोनों बालक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहे थे। इससे पूर्व वह ननिहाल में दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो चुकी थी। उनकी दोस्ती की चर्चा सबकी जुबान पर थी।
छह बहनों में इकलौता था अंकुल
नगला मोती निवासी अंकुल छह बहनों के बीच मां बाप का इकलौता पुत्र था। शुक्रवार एक दोस्त नदी किनारे घास लेने तो दूसरा बकरी चराने गया था। उनकी मौत के बाद गांव के हर शख्स की जुबान पर दोनों के बीच गहरी दोस्ती की चर्चा है।
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कस्बा औंछा के गांव खडेरिया निवासी छोटेलाल का पुत्र प्रवीन (12) और पड़ोसी गांव नगला मोती निवासी पदम सिंह का पुत्र अंकुल (12) गुरुवार शाम को बकरियों को चराने के लिए अरिंद नदी के किनारे गए थे। इस दौरान दोनों ने नदी किनारे कीचड़ में कमल खिले देखे तो उन्हें तोड़ने के लिए वह नदी में उतर गए। पूर्व में नदी की खुदाई के दौरान वहां कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं। इससे बेखबर दोनों नदी में आगे बढ़ गए। अचानक एक गहरे गड्ढे में पांव पड़ते ही दोनों डूबने लगे। आसपास खेल रहे बच्चो ने कुछ देर तक उनके आने का इंतजार किया, लेकिन चीख पुकार सुनकर वह गांव वालों को जानकारी देने दौड़ गए। सूचना मिलते ही परिवारीजन और ग्रामीण नदी पर पहुंचे। वहां करीब आधा घंटे तक बच्चों को तलाश किया गया। इसके बाद दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए। शवों को देखकर परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। शव गांव पहुंचने के बाद सन्नाटा पसर गया। गमगीन माहौल में दोनों के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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एक ही दिन जन्मे और एक ही दिन मरे दो बालक
औंछा(ब्यूरो)। औंछा में दोनों बालकों की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के मुताबिक दोनों दोस्त एक ही दिन पैदा हुए थे और एक ही साथ उनकी मौत भी हुई।
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कस्बे के गांव नगला मोती निवासी अंकुल (12) और पड़ोसी गांव खडे़रिया निवासी प्रवीन (12) का जन्म वर्ष 2004 में एक ही दिन हुआ था। संयोगवश दोनों की ननिहाल भी गांव परमकुटी में थी। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले दोनों बालक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहे थे। इससे पूर्व वह ननिहाल में दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो चुकी थी। उनकी दोस्ती की चर्चा सबकी जुबान पर थी।
छह बहनों में इकलौता था अंकुल
नगला मोती निवासी अंकुल छह बहनों के बीच मां बाप का इकलौता पुत्र था। शुक्रवार एक दोस्त नदी किनारे घास लेने तो दूसरा बकरी चराने गया था। उनकी मौत के बाद गांव के हर शख्स की जुबान पर दोनों के बीच गहरी दोस्ती की चर्चा है।