{"_id":"623d835bf9643f7a0928b21a","slug":"amar-ujala-shiksha-abhiyan-extra-classes-being-organized-for-girl-students-loss-of-children-due-to-school-closure","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला शिक्षा अभियान : छात्राओं के लिए लगाई जा रहीं अतिरिक्त कक्षाएं, स्कूल बंद होने से बच्चों का हुआ नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला शिक्षा अभियान : छात्राओं के लिए लगाई जा रहीं अतिरिक्त कक्षाएं, स्कूल बंद होने से बच्चों का हुआ नुकसान
Fri, 25 Mar 2022 02:24 PM IST
सुशील कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: सुशील कुमार
Updated Fri, 25 Mar 2022 02:24 PM IST
सार
कोरोना महामारी के दौरान विद्यालयों की ओर से बच्चों को ऑनलाइन कक्षाएं मुहैया कराई गईं, लेकिन कक्षा से ज्यादा ध्यान बच्चों का मोबाइल फोन पर रहा। अब हालात सामान्य हो गए हैं। निजी स्कूल संचालकों ने बच्चों को अतिरिक्त कक्षाएं मुहैया कराई हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला शिक्षा अभियान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना महामारी के कारण दो साल तक शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। विद्यालयों ने ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कीं, लेकिन छात्रों ने कोर्स पूरा नहीं कर पाया। अब विद्यालय शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटे हैं। इसके लिए अतिरिक्त कक्षाओं का सहारा लिया जा रहा है। कमजोर बच्चों की अलग कक्षा बनाकर उन्हें पढ़ाने में टीचर विशेष मेहनत कर रहे हैं। वहीं, छात्र भी शत प्रतिशत उपस्थिति कक्षाओं में दर्ज करा रहे हैं।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के दौरान विद्यालयों की ओर से बच्चों को ऑनलाइन कक्षाएं मुहैया कराई गईं, लेकिन कक्षा से ज्यादा ध्यान बच्चों का मोबाइल फोन पर रहा। अब हालात सामान्य हो गए हैं। निजी स्कूल संचालकों ने बच्चों को अतिरिक्त कक्षाएं मुहैया कराई हैं। कुछ स्कूल संचालकों ने पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अलग कक्षा बनाई है। यहां विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को पढ़ाई का जिम्मा सौंपा गया है। छात्रों का हर सप्ताह टेस्ट लेने के साथ ही शिक्षकों के कार्य की भी समीक्षा हो रही है। विद्यालय संचालक जितना बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीर हैं, उतना ही बच्चे भी। शत प्रतिशत बच्चे हर रोज विद्यालय पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
नौकरियां छूटीं तो घट गई छात्र उपस्थिति
कोरोना महामारी के दौरान प्राइवेट सेक्टर में लोगों की नौकरियां छूट गईं। कई अभिभावक दो साल से अपने घरों में बैठे हुए हैं। वहीं, शहर में रह रहे लोग भी काम छूटने के कारण गांव की तरफ चले गए हैं। इससे स्कूलों में छात्र उपस्थिति घटी है। अभिभावकों के आर्थिक तंगी के कारण छात्र-छात्राओं की फीस समय से नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
बीएसए ने अतिरिक्त कक्षा संचालन के दिए निर्देश
परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बीएसए कमल सिंह लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके द्वारा अतिरिक्त कक्षा संचालन के भी निर्देश दिए गए हैं। बीएसए स्वयं लगातार स्कूलों का भ्रमण कर रहे हैं। वहीं, खंड शिक्षाधिकारियों को बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि वे नियमित निरीक्षण करते रहें।
ऑनलाइन पढ़ाई में विशेषज्ञों की ली जा रही मदद
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा ने भी माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को गति देने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से विज्ञान, गणित आदि विषयों के वीडियो तैयार कराकर विभिन्न ग्रुपों के माध्यम से छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
लाइव क्लासेज से दी बच्चों को शिक्षा
सेंट मैरीज सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक दीपक दास ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के कोरोना महामारी में घर पहुंचने पर लाइव क्लासेज शुरू की। घर बैठे बच्चों को ऑनलाइन लाइव क्लासेज के माध्यम से शिक्षा प्रदान की गई। बच्चों के होम वर्क की भी लाइन क्लासेज के माध्यम से जांच कराई गई।
आर्थिक तंगी के कारण नहीं ली बच्चों से अतिरिक्त फीस
एसबीआरएल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रधानाचार्य स्तुति गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान छात्र-छात्राओं को व्हाट्स ग्रुप के माध्यम से और लाइव क्लासेज के माध्यम से शिक्षा प्रदान की गई। कोरोना की रफ्तार कम होने के बाद स्कूल खुले तो छात्र-छात्राओं को फीस में भी छूट दी गई। विद्यालय व्यवस्था और अन्य खर्चों के लिए बच्चों से ली जाने वाली फीस को माफ कर दिया गया।- स्तुति गुप्ता प्रधानाचार्य, एसबीआरएल सीनियर सेकेंडरी स्कूल
ऑनलाइन पढ़ाई से मिला पूरा सहयोग
कोरोना महामारी के दौरान ऐसा महसूस हो रहा था कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। लेकिन विद्यालय ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की तो उससे पूरा सहयोग मिला।- आकांक्षा कक्षा-10
एंड्राइड फोन न होने के कारण नहीं हो पाई ऑनलाइन पढ़ाई
विद्यालय ने ऑनलाइन पढ़ाई तो शुरू की लेकिन मेरे पास एंड्राइड फोन नहीं था इसलिए मुझे ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ नहीं मिल सका। अब विद्यालय खुले हैं तो बेहतर पढ़ाई का प्रयास किया जा रहा है।- राधा, कक्षा-11
फीस जमा न करने पर स्कूल से मिला सहयोग
कोरोना महामारी के कारण परिवार आर्थिक तंगी से जूझा। जिसके चलते स्कूल खुले तो फीस जमा करने का संकट खड़ा हो गया। इस दौरान स्कूल प्रशासन ने पूरा सहयोग किया और फीस की व्यवस्था होने पर जमा कराने को कहा। -अंजली, कक्षा-10