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अजोम कुंड का अस्तित्व खतरे में

Tue, 07 Mar 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी Updated Tue, 07 Mar 2017 11:44 PM IST
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Ajom kund's existence in danger
अजोम कुंड का अस्तित्व खतरे में - फोटो : अमर उजाला
औंछा क्षेत्र की पहचान 88 हजार ऋषिमुनियों की तपस्थली के रूप में होती है। च्यवनऋषि मंदिर के पीछे इसी पहचान का बना अजोम कुंड दुर्दशा का शिकार होने के साथ ही उसका अस्तित्व भी खतरे में आ चुका है। आक्रोशित लोगों ने अजोम कुंड का अस्तित्व बचाने की मांग डीएम से की है।
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पौराणिक अभिलेखों के अनुसार औंछा क्षेत्र में महर्षि च्यवनऋषि, मयंक ऋषि, दुर्वासा ऋषि, ओम ऋषि, आदि ऋषि सहित हजारों मुनियों ने तपस्या की थी। मैनपुरी एटा मार्ग थाना औंछा के समीप स्थित च्यवनऋषि मंदिर के पीछे बना अजोम कुंड आस्था व सौंदर्य का प्रतीक था, जो अब अस्तित्व खोता जा रहा है। क्षेत्रवासी प्रदीप कुमार का कहना है कुंड की पवित्रता के कारण दूर-दूर से लोग स्नान करने इस कुंड में आते थे। सायवेरियन पक्षी भी हर वर्ष यहां डेरा जमाते हैं। धर्मेंद्र यादव का कहना है तीन साल पूर्व कुंड में अराजक तत्वों ने कमल की बेल डाल दी थी जिससे कुंड कमल की बेल से ढक गया है। साफ-सफाई के अभाव में कुंड अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। राहुल का कहना है कुंड की दुर्दशा तथा उपेक्षा के लिए अधिकारी और जनप्रतिनिधि ही जिम्मेदार हैं। गिरिजानंदन शाक्य का कहना है ऐतिहासिक कुंड की ओर प्रशासन और शासन ने ध्यान नहीं दिया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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