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पीएम ने पूछा जब घर में गैस नहीं थी तो जीवन कैसा था
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महोबा। उज्ज्वला-2.0 के शुभारंभ अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारत के पांच प्रांतों की पांच लाभार्थियों से वर्चुअली संवाद किया। इससे मिले लाभ और होने वाली दिक्कतों से छुटकारा मिलने की जानकारी ली।
पीएम मोदी ने उत्तराखंड के देहरादून की लाभार्थी महिला बूंदी देवी से पूछा, बताइए जब घर में गैस नहीं थी तो जीवन कैसा था, उज्ज्वला से क्या लाभ हुआ है। इस पर बूंदी देवी ने कहाकि जब यह योजना नहीं थी तो मैं जंगल से लकड़ी लाती थी। आंखों से आंसू निकलते थे। कई बार खाना नहीं बनता था। मैं बहुत परेशान होती थी। मैं आपका धन्यवाद करती हूं।
पीएम ने पूछा बूंदी जी आपने अभी तक 22 सिलिंडर रिफिल करवाए हैं, आप ने इस योजना का पूरा लाभ उठाया है। क्या आप ने किसी को बताया कैसे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। बूंदी ने बताया कि मैंने सबको बताया है कि इस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं। पीएम ने पूछा कि बूंदी जी आप अपने पिता की इतनी सेवा करती हैं। मैं आपको प्रणाम करता हूं कि आप ने इस बात को झुठला दिया कि सिर्फ बेटे ही माता-पिता की सेवा करते हैं। आप ने इस बात को गलत साबित किया है। आप पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।
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पीएम ने गोवा की एकता चोपड़ेकर से बात की। पीएम मोदी ने पूछा कि एकता जी आप गैस का कनेक्शन इस्तेमाल कर रही हैं आप को धुएं से राहत मिली है। अब कैसा लगता है। एकता ने बताया कि यहां बारिश की वजह से लड़कियां जंगल में सूखी नहीं मिलती थी। जिससे बहुत दिक्कत होती थी। धुआं से खांसी की एलर्जी होती थी। इस योजना के लाभ से खाना जल्दी बन जाता है। बचा हुआ समय बच्चों को देती हूं।
पीएम मोदी ने अमृतसर की आशा से वर्चुअली संवाद किया
पीएम ने उन्होंने पूछा कि परिवार में कौन-कौन हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने में क्या मुसीबत आई। चक्कर तो नहीं काटने पड़े। जिस पर आशा ने बताया कि परिवार में पति व दो बच्चे हैं। दोनों बच्चे स्कूल जाते हैं। पहले बाजार से लकड़ियां लानी पड़ती थीं और खाना में अधिक समय लगता था। अब खाना जल्दी बन जाता है। जिससे परिवार व बच्चों का ज्यादा ध्यान व समय देती हैं।
पीएम मोदी ने यूपी के गोरखपुर से किरन देवी से संवाद किया
पीएम मोदी ने पूछा किरन जी आप ने अपने साथ किसे बिठाया है। तो उन्होंने कहा कि यह मेरी बेटी साधना है। पीएम ने पूछा कि परिवार में कौन-कौन हैं और क्या काम करते हैं। गैसे मिलती है इस बात का पता कैसे चला। जिस पर किरन देवी ने बताया कि गांव में कैंप लगाकर गैस कनेक्शन के बारे में बताया गया था। पीएम ने पूछा बेटी पढ़ लिख रही है तो आप उसे खाना बनाना भी सिखाती होंगी। इस पर किरन ने कहा कि जी सिखाती हूं जब गैस खत्म हो जाती है तो वो खाना बनाने के लिए तैयार नहीं होती है। पीएम ने किरन की बेटी साधना से बात की और खेलकूद में हिस्सा लेने की जानकारी ली।
मध्यप्रदेश के भोपाल की लाभार्थी सुनीता वैष्णव से पीएम मोदी ने संवाद किया। पूछा कि उन्होंने कनेक्शन कब लिया था। नियमित सिलिंडर मिलता है या नहीं। इस पर सुनीता ने बताया कि सितंबर 2018 में कनेक्शन लिया था। वह सिलाई का काम भी करतीं हैं। पहले चूल्हे से खाना बनाने में समय ज्यादा लग जाता था। अब सिलाई के लिए भी अधिक समय मिलता है। कोरोना काल में तीन माह मुफ्त सिलिंडर मिला। जिससे खासी राहत पहुंची।
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पीएम मोदी ने उत्तराखंड के देहरादून की लाभार्थी महिला बूंदी देवी से पूछा, बताइए जब घर में गैस नहीं थी तो जीवन कैसा था, उज्ज्वला से क्या लाभ हुआ है। इस पर बूंदी देवी ने कहाकि जब यह योजना नहीं थी तो मैं जंगल से लकड़ी लाती थी। आंखों से आंसू निकलते थे। कई बार खाना नहीं बनता था। मैं बहुत परेशान होती थी। मैं आपका धन्यवाद करती हूं।
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पीएम ने पूछा बूंदी जी आपने अभी तक 22 सिलिंडर रिफिल करवाए हैं, आप ने इस योजना का पूरा लाभ उठाया है। क्या आप ने किसी को बताया कैसे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। बूंदी ने बताया कि मैंने सबको बताया है कि इस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं। पीएम ने पूछा कि बूंदी जी आप अपने पिता की इतनी सेवा करती हैं। मैं आपको प्रणाम करता हूं कि आप ने इस बात को झुठला दिया कि सिर्फ बेटे ही माता-पिता की सेवा करते हैं। आप ने इस बात को गलत साबित किया है। आप पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।
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पीएम ने गोवा की एकता चोपड़ेकर से बात की। पीएम मोदी ने पूछा कि एकता जी आप गैस का कनेक्शन इस्तेमाल कर रही हैं आप को धुएं से राहत मिली है। अब कैसा लगता है। एकता ने बताया कि यहां बारिश की वजह से लड़कियां जंगल में सूखी नहीं मिलती थी। जिससे बहुत दिक्कत होती थी। धुआं से खांसी की एलर्जी होती थी। इस योजना के लाभ से खाना जल्दी बन जाता है। बचा हुआ समय बच्चों को देती हूं।
पीएम मोदी ने अमृतसर की आशा से वर्चुअली संवाद किया
पीएम ने उन्होंने पूछा कि परिवार में कौन-कौन हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने में क्या मुसीबत आई। चक्कर तो नहीं काटने पड़े। जिस पर आशा ने बताया कि परिवार में पति व दो बच्चे हैं। दोनों बच्चे स्कूल जाते हैं। पहले बाजार से लकड़ियां लानी पड़ती थीं और खाना में अधिक समय लगता था। अब खाना जल्दी बन जाता है। जिससे परिवार व बच्चों का ज्यादा ध्यान व समय देती हैं।
पीएम मोदी ने यूपी के गोरखपुर से किरन देवी से संवाद किया
पीएम मोदी ने पूछा किरन जी आप ने अपने साथ किसे बिठाया है। तो उन्होंने कहा कि यह मेरी बेटी साधना है। पीएम ने पूछा कि परिवार में कौन-कौन हैं और क्या काम करते हैं। गैसे मिलती है इस बात का पता कैसे चला। जिस पर किरन देवी ने बताया कि गांव में कैंप लगाकर गैस कनेक्शन के बारे में बताया गया था। पीएम ने पूछा बेटी पढ़ लिख रही है तो आप उसे खाना बनाना भी सिखाती होंगी। इस पर किरन ने कहा कि जी सिखाती हूं जब गैस खत्म हो जाती है तो वो खाना बनाने के लिए तैयार नहीं होती है। पीएम ने किरन की बेटी साधना से बात की और खेलकूद में हिस्सा लेने की जानकारी ली।
मध्यप्रदेश के भोपाल की लाभार्थी सुनीता वैष्णव से पीएम मोदी ने संवाद किया। पूछा कि उन्होंने कनेक्शन कब लिया था। नियमित सिलिंडर मिलता है या नहीं। इस पर सुनीता ने बताया कि सितंबर 2018 में कनेक्शन लिया था। वह सिलाई का काम भी करतीं हैं। पहले चूल्हे से खाना बनाने में समय ज्यादा लग जाता था। अब सिलाई के लिए भी अधिक समय मिलता है। कोरोना काल में तीन माह मुफ्त सिलिंडर मिला। जिससे खासी राहत पहुंची।