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कुएं को भरने में प्रतिदिन पांच लाख लीटर पानी हो रहा बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Tue, 29 Sep 2015 11:17 PM IST
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महोबा। शहर में जलापूर्ति के लिए जल संस्थान की अनूठी कुआं, तालाब रिचार्ज योजना लोगों को रास नहीं आ रही है। उर्मिल बांध से आई मेन पाइप लाइन से 80 एमएम की लाइन जोड़कर जल संस्थान द्वारा प्रतिदिन पांच लाख लीटर पानी कुएं में भरा जा रहा है, जबकि जलापूर्ति के लिए बनाए गए तीन सीडब्ल्यूआर टैंक और एक ओवरहेड टैंकों में पानी न पहुंचने से शहर की पेयजल आपूर्ति लड़खड़ा गई है।
शहर में उर्मिल बांध से जुलाई 2010 में 700 एमएम क लाइन के माध्यम से जलापूर्ति चालू की गई थी। इस लाइन के माध्यम से शहर की चारों पानी की टंकिया भरकर जलापूर्ति की जाती है। जल निगम द्वारा पिछले पांच साल से योजना का संचालन किया जा रहा है। उर्मिल बांध से आई इस मेन पाइप लाइन से जल संस्थान ने चार साल पहले कल्याण सागर के पास बने प्राचीन कुएं और तालाब को रिचार्ज करने का नायाब तरीका निकाला। इसी लाइन से 80 एमएम डाया की जीआई लाइन जोड़कर लौड़ी रोड पर कल्याण सागर के किनारे स्थित पंप हाउस के पास कुंए में दिनरात पानी गिराया जा रहा है। जिससे प्रतिदिन 5 लाख लीटर शुद्ध पेयजल कुएं और कल्याण सागर को रिचार्ज करने के नाम पर बर्बाद हो रहा है, जबकि पिछले चार सालों में तालाब और कुएं का एक भी फुट जलस्तर नहीं बढ़ा है। पानी की बर्बादी के बारे में जल निगम के अधिशाषी अभियंता लक्ष्मण प्रसाद से बात की गई तो उन्होेंने बताया कि जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इस मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है। चूंकि जल संस्थान से कुएं तालाब को रिचार्ज करने वाली लाइन को लोहे का जाल बिछाकर बंद कर रखा है। अधिशाषी अभियंता ने जल संस्थान की इस अनूठी रिचार्ज योजना को पूरी तरह से पानी की बर्बादी बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कहीं तालाब कुएं रिचार्ज नहीं हुआ करते। यदि तालाब को रिचार्ज करना है। उधर जल संस्थान के सहायक अभियंता एस के वर्मा ने बताया कि जीएम और सिविल शाखा के अधिशासी अभियंता की संस्तुति के बाद समद नगर और भटीपुरा के लिए ट्यूबवेलों के पानी को कु एं में डाला गया था। उर्मिल बांध की लाइन चालू हो जाने पर वहां से कुछ समय के लिए आंशिक पानी लिया जा रहा हैं। इससे जलापूर्ति का समय इन क्षेत्रों में दोगुना हो जाता है और जलापूर्ति में दिक्कत नहीं आती । उन्होंने किसी भी प्रकार के पानी की बर्बादी से इंकार किया है।
उर्मिल में पानी नहीं फिर भी भरा रहा कुआं
शहरियों की प्यास बुझाने के लिए शहर में चार पानी के टैंक बनाए गए थे, इन टैंकों को उर्मिल बांध से भरे जाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन कल्याण सागर के पास बने एक कुएं में प्रतिदिन पांच लाख लीटर पानी भरे जाने टैंकों में थोड़ा बहुत पानी पहुंच रहा हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। नागरिकों ने पहले टैँकों को भरे जाने की मांग की है, जिससे शहर में पानी की समस्या से निपटा जा सके।
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शहर में उर्मिल बांध से जुलाई 2010 में 700 एमएम क लाइन के माध्यम से जलापूर्ति चालू की गई थी। इस लाइन के माध्यम से शहर की चारों पानी की टंकिया भरकर जलापूर्ति की जाती है। जल निगम द्वारा पिछले पांच साल से योजना का संचालन किया जा रहा है। उर्मिल बांध से आई इस मेन पाइप लाइन से जल संस्थान ने चार साल पहले कल्याण सागर के पास बने प्राचीन कुएं और तालाब को रिचार्ज करने का नायाब तरीका निकाला। इसी लाइन से 80 एमएम डाया की जीआई लाइन जोड़कर लौड़ी रोड पर कल्याण सागर के किनारे स्थित पंप हाउस के पास कुंए में दिनरात पानी गिराया जा रहा है। जिससे प्रतिदिन 5 लाख लीटर शुद्ध पेयजल कुएं और कल्याण सागर को रिचार्ज करने के नाम पर बर्बाद हो रहा है, जबकि पिछले चार सालों में तालाब और कुएं का एक भी फुट जलस्तर नहीं बढ़ा है। पानी की बर्बादी के बारे में जल निगम के अधिशाषी अभियंता लक्ष्मण प्रसाद से बात की गई तो उन्होेंने बताया कि जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इस मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है। चूंकि जल संस्थान से कुएं तालाब को रिचार्ज करने वाली लाइन को लोहे का जाल बिछाकर बंद कर रखा है। अधिशाषी अभियंता ने जल संस्थान की इस अनूठी रिचार्ज योजना को पूरी तरह से पानी की बर्बादी बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कहीं तालाब कुएं रिचार्ज नहीं हुआ करते। यदि तालाब को रिचार्ज करना है। उधर जल संस्थान के सहायक अभियंता एस के वर्मा ने बताया कि जीएम और सिविल शाखा के अधिशासी अभियंता की संस्तुति के बाद समद नगर और भटीपुरा के लिए ट्यूबवेलों के पानी को कु एं में डाला गया था। उर्मिल बांध की लाइन चालू हो जाने पर वहां से कुछ समय के लिए आंशिक पानी लिया जा रहा हैं। इससे जलापूर्ति का समय इन क्षेत्रों में दोगुना हो जाता है और जलापूर्ति में दिक्कत नहीं आती । उन्होंने किसी भी प्रकार के पानी की बर्बादी से इंकार किया है।
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उर्मिल में पानी नहीं फिर भी भरा रहा कुआं
शहरियों की प्यास बुझाने के लिए शहर में चार पानी के टैंक बनाए गए थे, इन टैंकों को उर्मिल बांध से भरे जाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन कल्याण सागर के पास बने एक कुएं में प्रतिदिन पांच लाख लीटर पानी भरे जाने टैंकों में थोड़ा बहुत पानी पहुंच रहा हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। नागरिकों ने पहले टैँकों को भरे जाने की मांग की है, जिससे शहर में पानी की समस्या से निपटा जा सके।
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