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मेले में महंगी दुकानें आवंटित करने पर दुकानदारों का हंगामा
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महोबा। ऐतिहासिक कजली मेले में दुकानें महंगी आवंटित किए जाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। पिछले वर्षों में प्रति दुकान चार हजार रुपये लिए जाते थे लेकिन इस बार ठेकेदार द्वारा 15 हजार रुपये वसूले जाने से नाराज दुकानदारों ने बुधवार को प्रदर्शन कर नारेबाजी की। विहिप व बजरंग दल के पदाधिकारी भी भड़क गए हैं। उन्होंने अन्याय होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मेले में दुकान लगाने आए संदीप, बेलाताल के मैकू, रामनरेश, देवीदीन आदि का कहना था कि पहले कजली मेले में निशुल्क दुकानें मिलती थीं। कोरोना काल के पहले तक तीन से चार हजार रुपये लिए जाते थे लेकिन इस बार 15 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। वह चाट, समोसा, चाय, चप्पल आदि की दुकान लगाते हैं। जिससे इतनी आमदनी होना संभव नहीं है। ऐसे में इस बार वह दुकान ही नहीं लगाएंगे।
उधर, गरीब दुकानदारों से अधिक पैसे वसूले जाने की सूचना विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री मयंक तिवारी, बजरंग दल के जिला संयोजक विपिन भदौरिया ने कीरत सागर पहुंच दुकानदारों की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी। कहा कि इस प्राचीन कजली मेले में पुराने दुकानदारों को स्थान मिलना चाहिए। दुकानदारों से अधिक वसूली की गई तो वह उनकी लड़ाई लड़ेगे।
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मेले में दुकान लगाने आए संदीप, बेलाताल के मैकू, रामनरेश, देवीदीन आदि का कहना था कि पहले कजली मेले में निशुल्क दुकानें मिलती थीं। कोरोना काल के पहले तक तीन से चार हजार रुपये लिए जाते थे लेकिन इस बार 15 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। वह चाट, समोसा, चाय, चप्पल आदि की दुकान लगाते हैं। जिससे इतनी आमदनी होना संभव नहीं है। ऐसे में इस बार वह दुकान ही नहीं लगाएंगे।
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उधर, गरीब दुकानदारों से अधिक पैसे वसूले जाने की सूचना विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री मयंक तिवारी, बजरंग दल के जिला संयोजक विपिन भदौरिया ने कीरत सागर पहुंच दुकानदारों की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी। कहा कि इस प्राचीन कजली मेले में पुराने दुकानदारों को स्थान मिलना चाहिए। दुकानदारों से अधिक वसूली की गई तो वह उनकी लड़ाई लड़ेगे।
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