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आज भी जलतीं लालटेन
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Sun, 13 Sep 2015 11:14 PM IST
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आजादी के 69 सालों बाद जहां मंगल पर पहुंचने का जश्न मनाया जा रहा है, खन्ना कस्बा से सटी दलित बस्ती ऐसी भी है जहां लोग आज भी बिजली के लिए तरस रहे हैं।
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दलित बस्ती में पक्की सड़के, मकान सहित सारी मूलभूत सुविधाएं हैं, नहीं है तो बस बिजली..। आसपास के गांव बिजली से रोशन हैं। दलितों के साथ भेदभाव बरते जाने की शिकायत यहां के बाशिंदों ने अनुसूचित जाति आयोग और मुख्यमंत्री से कई बार की, लेकिन कोई सुनवाई हुई।
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विकासखंड कबरई के कस्बा खन्ना से सटी दलित बस्ती में करीब डेढ़ हजार की आबादी है। चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बिजली लाइन बिछाए जाने का आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद दलित बस्ती की सुध नहीं लेते।
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यही वजह है कि आज तक यहां पर विद्युतीकरण नहीं कराया गया, जबकि कस्बा खन्ना, चिचारा, बरभौली, पहरा, बहिंगा सहित सभी गांव बिजली से रोशन हैं।
जगभान, छोटेलाल, बाबूलाल, श्यामबाबू, छिद्दू, सुखराम प्रजापति, कल्लू, रामप्रकाश सहित तमाम ग्रामीणों ने कई बार जिलाधिकारी, मंडलायुक्त को बिजली समस्या से अवगत कराया, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने इस बस्ती में बिजली लाइन बिछाए जाने की जहमत नहीं उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पानी के लिए परिवार हैंडपंप के सहारे हैं।