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Mahoba News: इस बार और भी आकर्षक होगा रामलीला का मंचन
Mon, 22 Sep 2025 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 22 Sep 2025 12:28 AM IST
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महोबा। शहर महोबा में इस बार की रामलीला और भी खास होने वाली है। मंच पर पौराणिक पात्रों को जीवंत करने के लिए अयोध्या के रामलीला मंडल के चर्चित चेहरे जुड़ रहे हैं। शहर के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला हमेशा से दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। इस बार अयोध्या के कलाकार की मौजूदगी से ये आयोजन न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बल्कि मनोरंजन के लिहाज से भी खास होगा।
महोबा में वर्ष 1875 में रामलीला का शुभारंभ हुआ था। शिवचरण लाल तिवारी और भगवान दास तिवारी इसकी उन्नति के लिए तन, मन ,धन से तत्पर रहे। यहां वर्ष 1916 से 1960 तक विधिवत व नियमित रूप से रामलीला मंचन की परंपरा पं. मुकुंद लाल की ओर से विकसित की गई थी।
उनके द्वारा रचित आरती से लीला प्रारंभ होती रही है और आज भी लीला के प्रारंभ में परशुराम परमानंद गाकर ही रामलीला का मंचन होता है। सन 1961 से 2019 तक पूर्व विधायक स्व. बाबूलाल तिवारी के दिशा निर्देशन पर रामलीला का मंचन होता रहा। श्री रामलीला न्यास के सचिव मनोज तिवारी ने बताया इस वर्ष 22 व 23 सितंबर को रामालय सभागार में रामचरितमानस का पाठ होगा।
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24 सितंबर को सुंदरकांड हनुमान चालीसा होगा। 25 सितंबर से दो अक्तूबर तक अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान अयोध्या व श्री रामलीला न्यास महोबा के संयुक्त तत्वाधान में आदर्श मिथिलांचल रामलीला फाउंडेशन की ओर से रामलीला का मंचन किया जाएगा। दो अक्तूबर को रावण के पुतले का दहन व तीन अक्तूबर को रामलीला मैदान से भगवान राम की राजगद्दी की शोभायात्रा का नगर भ्रमण होगा।
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महोबा में वर्ष 1875 में रामलीला का शुभारंभ हुआ था। शिवचरण लाल तिवारी और भगवान दास तिवारी इसकी उन्नति के लिए तन, मन ,धन से तत्पर रहे। यहां वर्ष 1916 से 1960 तक विधिवत व नियमित रूप से रामलीला मंचन की परंपरा पं. मुकुंद लाल की ओर से विकसित की गई थी।
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उनके द्वारा रचित आरती से लीला प्रारंभ होती रही है और आज भी लीला के प्रारंभ में परशुराम परमानंद गाकर ही रामलीला का मंचन होता है। सन 1961 से 2019 तक पूर्व विधायक स्व. बाबूलाल तिवारी के दिशा निर्देशन पर रामलीला का मंचन होता रहा। श्री रामलीला न्यास के सचिव मनोज तिवारी ने बताया इस वर्ष 22 व 23 सितंबर को रामालय सभागार में रामचरितमानस का पाठ होगा।
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24 सितंबर को सुंदरकांड हनुमान चालीसा होगा। 25 सितंबर से दो अक्तूबर तक अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान अयोध्या व श्री रामलीला न्यास महोबा के संयुक्त तत्वाधान में आदर्श मिथिलांचल रामलीला फाउंडेशन की ओर से रामलीला का मंचन किया जाएगा। दो अक्तूबर को रावण के पुतले का दहन व तीन अक्तूबर को रामलीला मैदान से भगवान राम की राजगद्दी की शोभायात्रा का नगर भ्रमण होगा।