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महोबा में एम्स का प्रकाश होना चाहिए
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा
Updated Sun, 05 Jul 2015 10:58 PM IST
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बुंदेली समाज के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी हुई।
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इसमें कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। युवा कवि
मनोज ने रचना प्रस्तुत की घर घर में हमको बतलाना है, महोबा में एम्स जरूर
लाना है।
ऊदल चौक में सामूहिक रोजा इफ्तार मंच में काव्य गोष्ठी की शुरुआत हुई। देवराज वर्मा ने अपनी कविता एम्स रूपी मंदिर जब घर में आ जाएगा, तो हर कोई इस खुशी में मुस्कुराएगा। करो प्रयास कि महोबा को एम्स मिले, हर गली हर घर में एम्स की बात हो। रामप्रकाश सोनी ने रचना पढ़ी धन्य समाज बुंदेली जिसने अलख जगाई है, महोबे को धन भाग एम्स की मांग उठाई है।
कवि प्रमोद सक्सेना रचना पढ़ी एम्स के लिए मांग यही गांव गांव है, कब मिलेगा एम्स इसका इंतजार गांव गांव है। जितेंद्र आदित्य ने रचना पढ़ी असंभव को संभव बनाओ महोबा में एम्स जरूर लाओ। विदेश विद्यासन ने रचना प्रस्तुत की आन बान और शान के लिए महोबा का पानी रे, मोदी जी दे दो हमें वरदान एम्स, बनके वरदानी रे।
तारा पाटकार ने रचना पढ़ी दर्द से कराहता हुआ पीड़ा से झटपटाता हुआ, बीमारियों का दुश्मन है एम्स। हरदयाल हरि ने रचना पढ़ी महोबा में एम्स का प्रकाश होना चाहिए, मोदी जी आपसे हमें एम्स का वरदान चाहिए।
हाजी मुट्टन चच्चा ने रचना पढ़ी खुद यकी नहीं होता, जिसको अपनी मंजिल का, रास्ते के पत्थर खुद उनको रास्ता नहीं देते। कार्यक्रम का संचालन प्रो. एलसी अनुरागी ने किया।
ऊदल चौक में सामूहिक रोजा इफ्तार मंच में काव्य गोष्ठी की शुरुआत हुई। देवराज वर्मा ने अपनी कविता एम्स रूपी मंदिर जब घर में आ जाएगा, तो हर कोई इस खुशी में मुस्कुराएगा। करो प्रयास कि महोबा को एम्स मिले, हर गली हर घर में एम्स की बात हो। रामप्रकाश सोनी ने रचना पढ़ी धन्य समाज बुंदेली जिसने अलख जगाई है, महोबे को धन भाग एम्स की मांग उठाई है।
कवि प्रमोद सक्सेना रचना पढ़ी एम्स के लिए मांग यही गांव गांव है, कब मिलेगा एम्स इसका इंतजार गांव गांव है। जितेंद्र आदित्य ने रचना पढ़ी असंभव को संभव बनाओ महोबा में एम्स जरूर लाओ। विदेश विद्यासन ने रचना प्रस्तुत की आन बान और शान के लिए महोबा का पानी रे, मोदी जी दे दो हमें वरदान एम्स, बनके वरदानी रे।
तारा पाटकार ने रचना पढ़ी दर्द से कराहता हुआ पीड़ा से झटपटाता हुआ, बीमारियों का दुश्मन है एम्स। हरदयाल हरि ने रचना पढ़ी महोबा में एम्स का प्रकाश होना चाहिए, मोदी जी आपसे हमें एम्स का वरदान चाहिए।
हाजी मुट्टन चच्चा ने रचना पढ़ी खुद यकी नहीं होता, जिसको अपनी मंजिल का, रास्ते के पत्थर खुद उनको रास्ता नहीं देते। कार्यक्रम का संचालन प्रो. एलसी अनुरागी ने किया।