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पेड़ों में लगी आग, तीन घंटे बाद पाया गया काबू
महोबा
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:49 PM IST
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कोटा थर्मल परिसर
- फोटो : amar ujala
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थाना क्षेत्र के सिजहरी गांव में ऐतिहासिक चंदेलकालीन तालाब और पुरातात्विक धरोहर मठ के पास लगे पेड़ों में आग लग जाने से ग्रामीण बुरी तरह सहमे हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सिजहरी गांव में दो बड़े पेड़ों आग लगने से ग्रामीण एक घंटे तक आग बुझाते रहे, लेकिन आग की बढ़ती लपटों के आगे ग्रामीण ज्यादा देर तक नहीं टिके सके। सूचना पर दमकल विभाग के जवानों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन पेड़ों में अभी भी आग सुलग रही है। ग्रामीणों का मानना है कि हवाएं चलने से आग पुन: जोर पकड़ सकती है।
ग्राम प्रधान सिजहरी ने पेड़ों को दोबारा आग न पकड़ सके इसलिए वन विभाग को पेड़ कटवाने की बात कही। वन विभाग पुरातत्व विभाग की अनुमति के बिना पेड़ों को कटवाने को तैयार नहीं है।
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ग्राम प्रधान का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी फोन नहीं रिसीव कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हवा चलने पर यदि रात में पेड़ों आग पकड़ ली तो ग्रामीणों को भारी नुकसान हो सकता है।
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सिजहरी गांव में दो बड़े पेड़ों आग लगने से ग्रामीण एक घंटे तक आग बुझाते रहे, लेकिन आग की बढ़ती लपटों के आगे ग्रामीण ज्यादा देर तक नहीं टिके सके। सूचना पर दमकल विभाग के जवानों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन पेड़ों में अभी भी आग सुलग रही है। ग्रामीणों का मानना है कि हवाएं चलने से आग पुन: जोर पकड़ सकती है।
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ग्राम प्रधान सिजहरी ने पेड़ों को दोबारा आग न पकड़ सके इसलिए वन विभाग को पेड़ कटवाने की बात कही। वन विभाग पुरातत्व विभाग की अनुमति के बिना पेड़ों को कटवाने को तैयार नहीं है।
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ग्राम प्रधान का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी फोन नहीं रिसीव कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हवा चलने पर यदि रात में पेड़ों आग पकड़ ली तो ग्रामीणों को भारी नुकसान हो सकता है।