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बच्चों के टीकाकरण में महोबा का प्रदेश में चौथा स्थान

Sat, 10 Apr 2021 11:22 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 11:22 PM IST
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tekakan me mahoba 4 position per
महोबा। बच्चों के टीकाकरण में महेबा जनपद प्रदेश में चौथे स्थान पर व बुंदेलखंड में पहले स्थान पर है। अपर निदेशक (एडी) स्वास्थ्य डा. आरबी गौतम ने महोबा के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य जनपदों को टीकाकरण व डाटा फीडिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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एडी गौतम ने बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी माह में एचएमआईएस में फीड पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों की समीक्षा में प्रदेश में उपलब्धि कम पाई गई है। हालाकि कोरोना काल में शून्य से एक वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण में महोबा प्रदेश में चौथा स्थान पर है। महोबा में 23,245 के सापेक्ष 23,155 बच्चों का टीकाकरण हुआ, जो कि 99.70 फीसदी है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमके सिन्हा के प्रयासों की सराहना की है।
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अपर निदेशक ने बताया कि बच्चों के टीकाकरण में बुंदेलखंड में महोबा अव्वल है। चित्रकूट 88.37 प्रतिशत टीकाकरण के साथ दूसरे, बांदा 82.91 फीसदी के साथ तीसरे, ललितपुर (82.12) चौथे, हमीरपुर (72.20) पांचवें, झांसी (66.91) छठवें और जालौन 66.85 प्रतिशत टीकाकरण के साथ सातवें स्थान पर है।
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जन्म से नौ माह तक लगते हैं यह टीके
महोबा के जिला प्रतिक्षण अधिकारी डा. जीआर रत्मेले ने बताया कि बच्चे के जन्म के बाद उसे बीसीजी, ओपीवी-0 तथा हेपेटाइटिस बी का टीका लगाया जाता है। यह बच्चे को तपेदिक, पोलियो व हेपेटाइटिस जैसी खतरनाक बीमारी से प्रतिरक्षित रखता है। इसी तरह शिशु के 6 सप्ताह के होने पर ओपीवी-1, रोटावाइरस-1, एफआईपीवी-1 आरवीवी-1, पीसीवी-1 व पेंटा-1 की डोज दी जाती है। यह बच्चे को पोलियो, वायरल, डायरिया, डिप्थीरिया, टेटेनस, हेपेटाइटिस बी, इन्फ्लुन्जा रोगों से बचाता है। 10 सप्ताह बाद ओपीवी-2, आरवीवी-2, पेंटा-2 तथा 14 सप्ताह बाद ओपीवी-3, रोटावायरस-3, एफआईपीवी-2, पेंटा-3 व पीसीवी-2 बच्चे को उक्त बीमारियों से दूर रखते हैं। 9 से 11 माह में लगने वाला मजीलस रूबैला-1, पीसीवी बूस्टर, विटामिन ए घोल शिशु को रतौंधी जैसे रोग से प्रतिरक्षित रखता है।
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