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कब्जे को लेकर दो गुटों में चले लाठी-डंडे, 18 घायल
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चरखारी (महोबा)। कोतवाली के ग्राम बपरेथा में आवासीय पट्टे की जमीन में कब्जे को लेकर दो गुटों में जमकर लाठी-डंडे चले। इसमें डेढ़ दर्जन ग्रामीण घायल हो गए। खून से लथपथ घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी में भर्ती कराया गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
ग्राम बपरेथा निवासी भवानीदीन के नाम वर्ष 2006 में आवासीय पट्टा हुआ था। वर्ष 2008 में भवानीदीन का अपहरण हो गया था। इसके बाद भवानीदीन के पुत्र गजराज ने गांव के ही मथुरा प्रसाद राजपूत पर आरोप लगाया कि उसने पिता का फर्जी अंगूठा दर्शाकर उक्त पट्टे को अपने नाम करा लिया है। विरोध में उसने न्यायालय में वाद दायर किया। जहां से गजराज मुकदमा जीत गया। मुकदमा जीतने के बाद 13 फरवरी 2020 को गजराज ने गौरहारी चौकी और कोतवाली चरखारी में प्रार्थनापत्र देकर कब्जा दिलाने की मांग की।
पुलिस द्वारा कोई मदद न करने पर मंगलवार को कमलापत, दयाशंकर, गजराज पुत्रगण भवानीदीन अपने दो भतीजों के साथ कब्जा करने पहुंच गए। जहां पर दूसरे गुट से संतोष, बालकिशन, मथुरा प्रसाद पुत्र नारायण दास (80), अरिमर्दन (35), बृजभान (40), नृपत सिंह (42), रवींद्र (36), पान कुंवर (30), जान्हवी (40), भरत (28), गजरानी (78), सुंदरलाल (45), इंद्रजीत पुत्र मथुरा प्रसाद भी आ गए। दोनों में वाद-विवाद होने के बाद लाठी-डंडे चलने लगे। इससे दोनों पक्षों से 18 लोग घायल हो गए। बीच-बचाव करने के गए प्रधानपति लखनलाल राजपूत घायल हो गया। दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दे दी है, लेकिन अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
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ग्राम बपरेथा निवासी भवानीदीन के नाम वर्ष 2006 में आवासीय पट्टा हुआ था। वर्ष 2008 में भवानीदीन का अपहरण हो गया था। इसके बाद भवानीदीन के पुत्र गजराज ने गांव के ही मथुरा प्रसाद राजपूत पर आरोप लगाया कि उसने पिता का फर्जी अंगूठा दर्शाकर उक्त पट्टे को अपने नाम करा लिया है। विरोध में उसने न्यायालय में वाद दायर किया। जहां से गजराज मुकदमा जीत गया। मुकदमा जीतने के बाद 13 फरवरी 2020 को गजराज ने गौरहारी चौकी और कोतवाली चरखारी में प्रार्थनापत्र देकर कब्जा दिलाने की मांग की।
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पुलिस द्वारा कोई मदद न करने पर मंगलवार को कमलापत, दयाशंकर, गजराज पुत्रगण भवानीदीन अपने दो भतीजों के साथ कब्जा करने पहुंच गए। जहां पर दूसरे गुट से संतोष, बालकिशन, मथुरा प्रसाद पुत्र नारायण दास (80), अरिमर्दन (35), बृजभान (40), नृपत सिंह (42), रवींद्र (36), पान कुंवर (30), जान्हवी (40), भरत (28), गजरानी (78), सुंदरलाल (45), इंद्रजीत पुत्र मथुरा प्रसाद भी आ गए। दोनों में वाद-विवाद होने के बाद लाठी-डंडे चलने लगे। इससे दोनों पक्षों से 18 लोग घायल हो गए। बीच-बचाव करने के गए प्रधानपति लखनलाल राजपूत घायल हो गया। दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दे दी है, लेकिन अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
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