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अपराधियाें को सलाखाें के पीछे भेजें- डीआईजी
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 16 Feb 2015 11:50 PM IST
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चित्रकूट धाम परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक
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ज्ञानेश्वर तिवारी ने कहा कि अपराधियों के साथ किसी भी तरह की रियायत नहीं
बरती जानी चाहिए। लंबित विवेचनाओं का जल्द से जल्द निस्तारण करें।
अपराधाें पर हर हालत में अंकुश लगाया जाए। घटना की सूचना मिलने पर उसे हल्के में न लें। बल्कि घटनास्थल पर जाकर मामले का निस्तारण करें। जिससे बड़ी घटना न घट सके।
डीआईजी सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्हाेंने कहा कि थानों में आने वाले लोगाें से पुलिस अच्छा व्यवहार करे। जिससे जनता और पुलिस के बीच सामंजस्य कायम हो सके। पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते आज भी लोग थाने में जाने से डरते हैं।
यही वजह है कि पुलिस के सूत्र कम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेल मिलाप से बड़े-बड़े मामलों का निस्तारण हो जाता है। पीड़ित की हर कीमत पर रिपोर्ट दर्ज की जाए।
उन्हाेंने कहा कि वारंटियों की गिरफ्तारी अभियान चलाकर कराएं। पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। जिससे बढ़ रही आपराधिक घटनाआें पर अंकुश लगाया जा सके। उन्हाेंने कहा कि पुलिस प्रयास करे कि अपराध न हों। इसके लिए पुलिस को और सतर्क होने की जरूरत है।
उन्हाेंने कहा कि अपराधियाें पर कार्रवाई कर सलाखाें के पीछे भेजें। इससे अपराधियाें में डर पैदा होगा और अपराधाें में कमी आएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक केके गहलोत, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. रामयश, सीओ सदर संदीप कुमार, सीओ कुलपहाड़ जीपी यादव, सीओ चरखारी धनंजय कुशवाहा, कोतवाली प्रभारी एमपी वर्मा, थानाध्यक्ष श्रीनगर नयन सिंह यादव, थानाध्यक्ष कबरई रमेश पटेल सहित तमाम थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
अपराधाें पर हर हालत में अंकुश लगाया जाए। घटना की सूचना मिलने पर उसे हल्के में न लें। बल्कि घटनास्थल पर जाकर मामले का निस्तारण करें। जिससे बड़ी घटना न घट सके।
डीआईजी सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्हाेंने कहा कि थानों में आने वाले लोगाें से पुलिस अच्छा व्यवहार करे। जिससे जनता और पुलिस के बीच सामंजस्य कायम हो सके। पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते आज भी लोग थाने में जाने से डरते हैं।
यही वजह है कि पुलिस के सूत्र कम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेल मिलाप से बड़े-बड़े मामलों का निस्तारण हो जाता है। पीड़ित की हर कीमत पर रिपोर्ट दर्ज की जाए।
उन्हाेंने कहा कि वारंटियों की गिरफ्तारी अभियान चलाकर कराएं। पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। जिससे बढ़ रही आपराधिक घटनाआें पर अंकुश लगाया जा सके। उन्हाेंने कहा कि पुलिस प्रयास करे कि अपराध न हों। इसके लिए पुलिस को और सतर्क होने की जरूरत है।
उन्हाेंने कहा कि अपराधियाें पर कार्रवाई कर सलाखाें के पीछे भेजें। इससे अपराधियाें में डर पैदा होगा और अपराधाें में कमी आएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक केके गहलोत, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. रामयश, सीओ सदर संदीप कुमार, सीओ कुलपहाड़ जीपी यादव, सीओ चरखारी धनंजय कुशवाहा, कोतवाली प्रभारी एमपी वर्मा, थानाध्यक्ष श्रीनगर नयन सिंह यादव, थानाध्यक्ष कबरई रमेश पटेल सहित तमाम थानाध्यक्ष मौजूद रहे।