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महोबा में कारोबारी को वायरल वीडियो के बाद प्रशासन देता सुरक्षा तो टल जाती घटना
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संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कस्बा कबरई के क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या के बाद लोगों की जुबां पर एक ही सवाल है कि वायरल वीडियो के बाद यदि प्रशासन व्यापारी को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराता तो इतनी बड़ी घटना न होती। वायरल वीडियो में व्यापारी ने उसकी किसी भी समय हत्या कराए जाने की बात का कई बार जिक्र किया लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नही लिया। जिसके चलते यह बड़ी घटना हुई।
क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर व्यापार चलाने के लिए छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। साथ ही मुख्यमंत्री व उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा था। वायरल वीडियो में व्यापारी ने उसकी किसी भी समय हत्या कराए जाने का आरोप लगाते हुए घटना के लिए एसपी को जिम्मेदार ठहराने की बात कही थी।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता से नही लिया और न ही सुरक्षा मुहैया कराई। यही वजह रही कि वीडियो वायरल करने के 24 घंटे बाद ही व्यापारी को अज्ञात लोगों द्वारा गोली मार दी गई। रविवार की रात व्यापारी की कानपुर रीजेंसी में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना को लेकर व्यापारियों व कस्बावासियों में प्रशासन के प्रति गुस्सा हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन मामले की गंभीरता को समझता और सुरक्षा मुहैया करा देता तो हत्याकांड जैसी घटना को टाला जा सकता था।
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महोबा। कस्बा कबरई के क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या के बाद लोगों की जुबां पर एक ही सवाल है कि वायरल वीडियो के बाद यदि प्रशासन व्यापारी को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराता तो इतनी बड़ी घटना न होती। वायरल वीडियो में व्यापारी ने उसकी किसी भी समय हत्या कराए जाने की बात का कई बार जिक्र किया लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नही लिया। जिसके चलते यह बड़ी घटना हुई।
क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर व्यापार चलाने के लिए छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। साथ ही मुख्यमंत्री व उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा था। वायरल वीडियो में व्यापारी ने उसकी किसी भी समय हत्या कराए जाने का आरोप लगाते हुए घटना के लिए एसपी को जिम्मेदार ठहराने की बात कही थी।
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वायरल वीडियो के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता से नही लिया और न ही सुरक्षा मुहैया कराई। यही वजह रही कि वीडियो वायरल करने के 24 घंटे बाद ही व्यापारी को अज्ञात लोगों द्वारा गोली मार दी गई। रविवार की रात व्यापारी की कानपुर रीजेंसी में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना को लेकर व्यापारियों व कस्बावासियों में प्रशासन के प्रति गुस्सा हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन मामले की गंभीरता को समझता और सुरक्षा मुहैया करा देता तो हत्याकांड जैसी घटना को टाला जा सकता था।
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