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Mahoba News: एक माह में ही उखड़ गई सड़कें, नजर आने लगे गड्ढे ही गड्ढे

Sat, 22 Nov 2025 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Sat, 22 Nov 2025 12:37 AM IST
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Roads were uprooted within a month, potholes were visible everywhere.
फोटो 21 एमएएचपी 10 परिचय-​शिवहार-कमलखेड़ा मार्ग की उखड़ी सड़क। संवाद
महोबा। जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान हवा-हवाई साबित हुआ। जिले में एक करोड़ की लागत से 50 सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं लेकिन हकीकत अलग है। अभियान के दौरान प्रमुख सड़कों के बड़े गड्ढे भरे ही नहीं गए। जिन छोटे-छोटे गड्ढों को भरा गया, वह एक माह में ही उखड़ने लगे। ऐसे में लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारोंं ने कागजों में सड़कोंं को गड्ढामुक्त दिखाकर खानापूर्ति कर दी। शिवहार के रामकेश, बम्हौरीकलां के देवेंद्र, बमरारा के प्रमोद, कमलखेड़ा के हेमंत आदि ने बताया कि अभियान के दौरान ठेकेदारों ने पांच से सात किमी लंबी सड़कों में से एक व दो किमी ही गड्ढे भरे। बाकी सड़क छोड़ दी। सड़कों की दशा पहले जैसी ही है। जिन गड्ढों को गिट्टी व डामर डालकर समतल किया गया, वह उखड़ने लगे हैं। संवाद टीम ने शुक्रवार को गड्ढामुक्त अभियान की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
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विधायक के पत्र के बाद शुरू हुआ काम, डामर डालना ही भूल गए
महोबा। शिवहार बांध से कमलखेड़ा, सलुआ, कनेरी समेत छह से अधिक गांवों को जोड़ने वाली सड़क नहर के किनारे बनी है। इस सड़क की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्रीय विधायक राकेश गोस्वामी ने इस सड़क को दुरुस्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा था। इसके बाद पेंच रिपेयरिंग का काम शुरू किया गया लेकिन केवल छोटे गड्ढे भरे गए। बड़े गड्ढों में केवल गिट्टी डाल दी गई। इनमें डामर ही नहीं डाला गया। कई जगहों पर छोटे गड्ढों में डाली गई डामर और गिट्टी भी उखड़ रही है।
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बड़े गड्ढों में गिट्टी भी नहीं डाली, हालात पहले जैसे ही
महोबा। काकुन मार्ग से बमरारा होकर चरखारी जाने वाले मार्ग में बम्हौरीकलां गांव के पास बड़े-बडे़ गड्ढे हैं। ठेकेदार ने यहां पर पेंच रिपेयरिंग का काम एक माह पहले शुरू किया और केवल छोटे गड्ढे ही डामर-गिट्टी से भरे। बड़े गड्ढों को जस का तस छोड़ दिया। अब इस सड़क से निकलना मुश्किल भरा है। करीब तीन साल पहले ही बनी इस सड़क का आधा से अधिक हिस्सा बेहद खराब स्थिति में है।
एक साल में ही जगह-जगह उखड़ी सड़क, पेंच रिपेयरिंग सही नहीं
महोबा। कबरई कस्बे से प्रसिद्ध काकुन मंदिर होकर चरखारी तक जाने वाली सड़क से होकर रिवई, पाठा, गढ़ारी, शिवहार, बम्हौरीकाजी समेत 20 से अधिक गांवों के लोग निकलते हैं। एक वर्ष पहले इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने कराया था लेकिन एक बारिश में ही सड़क जगह-जगह धंस गई। इसमें भी पेंच रिपेयरिंग की गई लेकिन कई हिस्से छोड़ दिए गए हैं। इससे सड़क में दुर्घटनाओं की आशंका बन रही है।

बारिश में क्षतिग्रस्त हुई 50 सड़कों को चिंहित किया गया था। 99 फीसदी सड़कें गड्ढामुक्त करा दी गई हैं। जहां पेंच रिपेयरिंग का काम बचा है, उसे शीघ्र कराया जाएगा। -अनिल कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी महोबा।

फोटो 21 एमएएचपी 10 परिचय-शिवहार-कमलखेड़ा मार्ग की उखड़ी सड़क। संवाद

फोटो 21 एमएएचपी 10 परिचय-शिवहार-कमलखेड़ा मार्ग की उखड़ी सड़क। संवाद

फोटो 21 एमएएचपी 10 परिचय-शिवहार-कमलखेड़ा मार्ग की उखड़ी सड़क। संवाद

फोटो 21 एमएएचपी 10 परिचय-शिवहार-कमलखेड़ा मार्ग की उखड़ी सड़क। संवाद

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