फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Review Gaushalas weekly and monthly: Divisional Commissioner

गोशालाओं की सप्ताहिक एवं मासिक समीक्षा करें: मंडलायुक्त

Sun, 31 Oct 2021 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 12:15 AM IST
विज्ञापन
Review Gaushalas weekly and monthly: Divisional Commissioner
महोबा। मंडलायुक्त ने 50 लाख रुपये से अधिक लागत की योजनाओं की प्रगति जानी। गोशालाओं की साप्ताहिकव मासिक समीक्षा करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

शनिवार को मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने अर्जुन सहायक परियोजना सहित जिले की 50 लाख रुपये से अधिक लागत की प्रस्तावित व निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कहाकि कबरई बांध से प्रभावित 28 परिवारों का शीघ्र सेटलमेंट कराया जाए। अर्जुन सहायक परियोजना से संबंधित शतप्रतिशत कार्य पूरा कराने के निर्देश एक्सईएन सिंचाई को दिए। उन्होंने ग्राम ननौरा में भूसे का लगभग 20 लाख रुपये भुगतान बकाया होने पर कड़ी नाराजगी जताई और बीडीओ प्रशांत कुमार को कड़े निर्देश दिए कि बकाया भुगतान तत्काल कराना सुनिश्चित करें। सभी बीडीओ प्रत्येक गोशाला की साप्ताहिक और सीडीओ मासिक समीक्षा करना सुनिश्चित करें। डीएम मनोज कुमार स्वयं सड़कों की गुणवत्ता को चेक करें। उन्होंने सीएमओ डा. एम के सिन्हा को सख्त निर्देश दिए जिले के अस्पतालों में चिकित्सकों के द्वारा बाहर से दवा कदापि न लिखी जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि अतिवृष्टि से जिले के जो भी किसान प्रभावित हुए हैं उन्हें तुरंत मुआवजा दिलाया जाए।
बैठक में सीडीओ डा. हरिचरन सिंह, एडीएम नमामि गंगे जुबेर बेग, एसडीएम सदर जितेंद्र सिंह, सीओ सदर राम प्रवेश राय, सीएमएस डा. आरपी मिश्रा, डीआईओएस एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

हमीरपुर व महोबा की शिकायतों में गुणवत्ता नहीं
आईजीआरएस और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि निस्तारण में गलत रिपोर्ट कदापि न लगाएं क्योंकि मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी नियमित समीक्षा की जाती है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर और महोबा जनपद के सैटिस्फैक्शन लेबल खराब है। जबकि शिकायतों के निस्तारण में यह जिले टॉप में रहते हैं। उन्होंने एसपी महोबा सुधा सिंह को निर्देशित करते हुए कहा कि पुलिस विभाग द्वारा निस्तारित शिकायतों में सैटिस्फैक्शन लेबल ज्यादा खराब है, वह इसकी स्वयं निगरानी करें। शिकायत निस्तारित करने से पहले शिकायतकर्ता से जरूर बात करें। बीडीओ और तहसीलदार झूठी रिपोर्ट न लगाएं अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी। आईजीआरएस प्रभारी आरएस वर्मा को निर्देश दिए कि वह स्वयं आईजीआरएस की गहन समीक्षा करें। उन्होंने आहरण-वितरण अधिकारियों व वरिष्ठ कोषाधिकारी को कड़े निर्देश दिए कि एक नवंबर को सभी कर्मचारियों को हर हाल में वेतन मिल जाए, इससे संबंधित यदि कोई शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed