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सफाई के नाम पर लाखों रुपये लगाए ठिकाने

Fri, 26 Jun 2015 11:35 PM IST
अमर उजाला महाोबा
अमर उजाला महाोबा Updated Fri, 26 Jun 2015 11:35 PM IST
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Put millions in the name of cleaning whereabouts
 नाला सफाई के नाम पर लाखों रुपये ठिकाने लगाने के बाद भी नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि साठ फीसदी से ज्यादा नाले अभी भी मलवे से पटे पड़े  हैं। जिससे यह साबित होता है कि पालिका प्रशासन ने नालों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति की है। जिससे शहर के अधिकांश नाले चोक पड़े है।
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पालिका प्रशासन ने नालों की सफाई के लिए आधा सैकड़ा से ज्यादा सफाई कर्मचारियों को ठेके पर लगा रखा है, जिनके वेतन पर हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहा है, लेकिन सफाई के नाम पर शहर में कुछ भी नहीं हुआ। जिन नालों की सफाई पालिका ने दर्शायी है, उन नालों की भी पूरी सफाई नहीं की गई, जिससे थोड़ी सी बारिश में ही नालों का पानी सड़कों में भर जाता है। जिससे समूचा नगर बारिश नरक बन जाता है। नालों सफाई के नाम पर पैसा खर्च किया गया है, लेकिन नालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। कुछ नालों को छोड़कर ज्यादातर नालों में सिल्ट जमा है। जिससे थोड़ी सी बारिश में नाला और सड़क बराबर हो जाते है।
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बारिश में कराई जाती नालों की सफाई
शहर के मुहल्ला शेखनपुरा निवासी सुशांत खरे का कहना है कि नालों की सफाई हर साल बारिश में कराई जाती है, जिससे नालों की सफाई तो नहीं हो पाती है वहीं पैसा खर्च दिखा दिया जाता है। इसकी शिकायत नगर विकास मंत्री से की जाएगी।
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गंदगी से पट जाती सड़कें
गांधीनगर निवासी लवलेश भी सफाई व्यवस्था से खासा आहत हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में जगह- जगह जलभराव और गंदा पानी व गंदगी से सड़कें पट जाने के कारण लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

बजबजाती नालियां बीमारियों को दे रहीं दावत
शेखनपुरा निवासी संतोष पालिका की अव्यवस्था से खासे आहत हैं। उनका कहना है कि नगर में जगह-जगह कूड़े  के ढेर और बजबजाती नालियां संक्रामक बीमारियों को दावत दे रहीं हैं।             

मानदेय न मिलने से सफाई कर्मियों खड़े किए हाथ
शहर में दो दर्जन से ज्यादा नाले बने हुए हैं। इन नालों की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी महज 50 सफाई कर्मचारियों के भरोसे है। पंद्रह दिन पहले पालिका द्वारा शुरू कराया गया सफाई अभियान टाय- टाय फिस हो गया। सफाई कर्मियों का मानदेय न मिलने से उन्होंने काम करने से मना कर दिया है।


बारिश शुरू फिर भी नहीं हुई नालों की सफाई
बारिश के मौसम में नालों की सफाई करना पालिका के लिए मुसीबत बन गया है। हालत यह है कि पालिका प्रशासन द्वारा देरी से नालों की सफाई का कार्य शुरू कराने से आधे ही नालों की सफाई नहीं हो पाई है और बारिश शुरू हो गई, जिससे नालों में पानी भर जाने से सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है।


नगर में सफाई का कार्य चल रहा है, ठेके पर रखे सफाई कर्मचारियों ने वेतन न मिलने से काम बंद कर दिया है। नगर पालिका के कर्मचारियों से नालों की सफाई कराई जा रही है। सफाई कर्मचारियों को ठेके पर रखे जाने के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी गई है, इन कर्मचारियों का मानदेय राज्यवित्त से दिया जाएगा।
            पुष्पा अनुरागी
   अध्यक्ष नगर पालिका परिषद महोबा
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