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प्राइवेट बोर वेल संचालक हावी
ब्यूरो अमर उजाला, महोबा
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:08 AM IST
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जिले के चारों ब्लाक डार्क जोन घोषित होने के बावजूद प्रशासन निजी ट्यूबवेल बोर करने से रोक पाने में नाकाम है।
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सूखा और अकाल के हालात होने के कारण गिरते जलस्तर को देखते हुए महकमे ने निजी और सरकारी बोर कराने पर पाबंदी लगा दी थी, फिर भी प्राइवेट बोर वेल मशीनें दिन रात कार्य को अंजाम दे रही हैं।
बुंदेलखंड में सूखा और अकाल की नौबत देख प्रदेश स्तर से ब्लाक जैतपुर, पनवाड़ी को डार्क जोन घोषित किया गया था। इस वर्ष दैवी आपदा की मार दोहराने से चरखारी और कबरई ब्लाक सहित चारों ब्लाक क्षेत्रों को डार्क जोन घोषित कर दिया गया।
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बारिश न होने से पानी की किल्लत और मौसम की बेरुखी के चलते निरंतर गिर रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने जिले को डार्क जोन घोषित कर दिया था।
जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने अक्तूबर में डार्क जोन क्षेत्र में निजी और सरकारी ट्यूबवेल, हैँडपंप, बोर आदि कराने पर रोक लगा दी थी, लेकिन जिले को डार्क जोन एरिया घोषित होने के बवजूाद प्राइवेट बोर वेल मशीन संचालक दिन रात ट्यूबवेल बोर कर प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करने में लगे है।
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सूखा के आलम में जहां भीषण पेयजल संकट के आसार बन रहे हैं। प्रशासन इस विभीषिका से उबारने के लिए निरंतर प्रयास में लगा है।
वहीं प्राइवेट बोरवेल मशीन संचालक चरखारी, पनवाड़ी, जैतपुर व कबरई ब्लाक क्षेत्र में दिन रात ट्यूबवेल बोर कर मौसम का भरपूर लाभ उठाते हुए किसानों से मुनाफा कमा रहे हैं।
चरखारी उपजिलाधिकारी ओमवीर सिंह यदुवंशी ने कहा कि डार्क जोन एरिया में ट्यूबवेल बोर प्रतिबंधित है, अगर निजी मशीन संचालक के ट्यूबवेल बोर कर रहे हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी।