महोबा। तहसील कुलपहाड़ के सिमरिया गांव के करीब 40 लोग बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि चकबंदी होने के बाद से अब तक उन्हें नई जमीन, गाटा संख्या व कब्जा नहीं दिया गया। कई बार संपूर्ण समाधान दिवस और अफसरों के ऑफिस आने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है जबकि चकबंदी विभाग के कर्मचारी केवल आईजीआरएस पर होने वाली शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उन्हीं जमीनों की पैमाइश कर रहे हैं।
सिमरिया गांव के मूलचंद्र, बृजभूषण, भागीरथ, गोकुल, देवेंद्र, नरेंद्र पाल, आशारानी तिवारी, प्रदीप तिवारी, पवन, मोहित, खूबचंद्र, विद्याधर, दशरथ आदि ने जिलाधिकारी गजल भारद्वाज को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि सिमरिया में चकबंदी हो चुकी है लेकिन अभी तक ग्रामीणों को नई जमीन व उनके गाटा संख्या पैमाइश कर उन्हें नहीं दिए गए हैं। न ही गांव में कोई सेक्टर और चक सड़क मौके पर दिया गया है। ऐसे में ग्रामीण जमीन होने के बाद भी कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है। काफी शिकायत पर एक दिन पैमाइश हुई तो कई लोग जो पहले से गांव की बचत जोते हुए हैं उन्होंने आईजीआरएस पर प्रार्थना पत्र देना शुरू कर दिया। इस कारण पैमाइश का काम बंद कर दिया गया। इससे गांव के किसान परेशान है। उन्होंने समस्या का समाधान कराने की मांग की है।