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Mahoba News: मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के लिए आए महज 10 आवेदन
Wed, 01 Apr 2026 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:35 AM IST
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महोबा। चुनावों से पहले ग्राम पंचायतों से ब्लॉक व तहसील तक शुरू होने वाली मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की अंतिम तारीख बीतने के बाद महज 10 आवेदन ही आए। निगम को उम्मीद है कि शासन तारीख को और बढ़ा सकता है। ऐसे में और भी आवेदन निगम के पास आएंगे। जिनकी जांच करने के बाद जनपद स्तरीय समिति की ओर से उन्हें स्वीकृति देने या न देने का फैसला होगा।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीणांचलों के लोगों के लिए बस सेवा शुरू की जा रही है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में रहने वाले बस मालिकों को अपनी बसों को रोडवेज से अनुबंधित करने के लिए आवेदन करने को कहा गया था और जिसकी अंतिम तारीख 28 मार्च थी। समयसीमा बीतने के बाद महोबा डिपो में दस बस मालिकों ने अपनी बसों को रोडवेज से अनुबंधित करने के लिए आवेदन किया है। हर ब्लॉक में कम से कम दो बसें संचालित होनी है और अधिक बसें भी चल सकती है। विभाग का मनाना है कि आवेदनों में अभी कुछ निरस्त भी हो सकते हैं। ऐसे में वह और आवेदनों का इंतजार कर रहे हैं। विभाग आवेदनों को जनपद स्तरीय समिति के पास भेजेगा। जिसमें अभिलेखों की गहन जांच के बाद बस संचालन को स्वीकृति मिलेगी। महोबा डिपो प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी तक दस आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और उनकी जांच चल रही है। इससे बसें सभी मानकों पर पूरी तरह से फिट हो सकें। यह लंबी प्रक्रिया है, जिसमें थोड़ा समय लग सकता है।
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15 से 28 सीट वाली बसें होगी दस साल के लिए अनुबंधित
महोबा। नियमों के अनुसार जैसे ही बस मालिक अपनी बसों को अनुबंधित कराते हैं तो बसों के रंग को रोडवेज बसों की तरह किया जाएगा और परिवहन निगम का लोगो भी बना दिया जाएगा। इसके बाद बस मालिक अपनी बसों को ग्राम पंचायतों से होते हुए ब्लॉक व तहसील मुख्यालय तक लाएंगे। बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों से जो किराया लेना है, उसका निर्धारण बस मालिक ही करेंगे। हालांकि, बस का किराया रोडवेज के किराए से अधिक नहीं होना चाहिए। बस मालिक यात्रियों की सुविधा के अनुसार उन्हें महोबा मुख्यालय तक भी ला सकते हैं। महोबा डिपो प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि बस पंजीयन तिथि से आठ साल से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए और 15 से 28 सीट वाली बसों को ही 10 साल के लिए अनुबंधित किया जाएगा। सीएनजी और इलेक्टि्रक बस होगी तो वह 15 साल के लिए अनुबंधित की जा सकती है।
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीणांचलों के लोगों के लिए बस सेवा शुरू की जा रही है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में रहने वाले बस मालिकों को अपनी बसों को रोडवेज से अनुबंधित करने के लिए आवेदन करने को कहा गया था और जिसकी अंतिम तारीख 28 मार्च थी। समयसीमा बीतने के बाद महोबा डिपो में दस बस मालिकों ने अपनी बसों को रोडवेज से अनुबंधित करने के लिए आवेदन किया है। हर ब्लॉक में कम से कम दो बसें संचालित होनी है और अधिक बसें भी चल सकती है। विभाग का मनाना है कि आवेदनों में अभी कुछ निरस्त भी हो सकते हैं। ऐसे में वह और आवेदनों का इंतजार कर रहे हैं। विभाग आवेदनों को जनपद स्तरीय समिति के पास भेजेगा। जिसमें अभिलेखों की गहन जांच के बाद बस संचालन को स्वीकृति मिलेगी। महोबा डिपो प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी तक दस आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और उनकी जांच चल रही है। इससे बसें सभी मानकों पर पूरी तरह से फिट हो सकें। यह लंबी प्रक्रिया है, जिसमें थोड़ा समय लग सकता है।
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15 से 28 सीट वाली बसें होगी दस साल के लिए अनुबंधित
महोबा। नियमों के अनुसार जैसे ही बस मालिक अपनी बसों को अनुबंधित कराते हैं तो बसों के रंग को रोडवेज बसों की तरह किया जाएगा और परिवहन निगम का लोगो भी बना दिया जाएगा। इसके बाद बस मालिक अपनी बसों को ग्राम पंचायतों से होते हुए ब्लॉक व तहसील मुख्यालय तक लाएंगे। बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों से जो किराया लेना है, उसका निर्धारण बस मालिक ही करेंगे। हालांकि, बस का किराया रोडवेज के किराए से अधिक नहीं होना चाहिए। बस मालिक यात्रियों की सुविधा के अनुसार उन्हें महोबा मुख्यालय तक भी ला सकते हैं। महोबा डिपो प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि बस पंजीयन तिथि से आठ साल से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए और 15 से 28 सीट वाली बसों को ही 10 साल के लिए अनुबंधित किया जाएगा। सीएनजी और इलेक्टि्रक बस होगी तो वह 15 साल के लिए अनुबंधित की जा सकती है।
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