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अब महोबा में भी होगी पारिवारिक लाभ व शादी अनुदान योजना के लाभार्थियों की जांच
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महोबा। कानपुर और लखनऊ में शादी अनुदान और पारिवारिक योजना में लिए फर्जीवाडे़ के मामले सामने आने के बाद महोबा में भी इसकी जांच होगी। इसको लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने दो साल में लाभ लेने वाले लाभार्थियों की 45 अधिकारी घर-घर जाकर पात्रता की जांच करेंगे।
राष्ट्रीय पारिवारिक योजना में परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु हो जाने पर उनके आश्रितों को सहायता प्रदान की जाती है। इसी तरह शादी अनुदान योजना में पुत्री की शादी होने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। प्रदेश के कई जनपदों में जीवित व्यक्ति को मृत दर्शाकर और बिना बेटी की शादी के भी अनुदान योजना का लाभ देने के मामले प्रकाश में आए हैं। इसको लेकर जिलाधिकारी ने दोनों योजनाओं में दो साल के लाभार्थियों की जांच के लिए 45 अधिकारियों को नामित किया है। जिसमें जांच अधिकारी एक सप्ताह में जांच कर अपनी आख्या सौंपेंगे।
समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सत्र 2019-20 व 2020-21 में 1100 लोगों को पारिवारिक लाभ योजना व दो साल में शादी अनुदान में एक हजार लोगों को योजना का लाभ दिया गया है।
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कई जनपदों में पारिवारिक लाभ और शादी अनुदान योजना में फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। इसको लेकर जनपद में जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी गई है। फर्जीवाड़े के मामले प्रकाश में आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सत्येन्द्र कुमार, जिलाधिकारी
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राष्ट्रीय पारिवारिक योजना में परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु हो जाने पर उनके आश्रितों को सहायता प्रदान की जाती है। इसी तरह शादी अनुदान योजना में पुत्री की शादी होने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। प्रदेश के कई जनपदों में जीवित व्यक्ति को मृत दर्शाकर और बिना बेटी की शादी के भी अनुदान योजना का लाभ देने के मामले प्रकाश में आए हैं। इसको लेकर जिलाधिकारी ने दोनों योजनाओं में दो साल के लाभार्थियों की जांच के लिए 45 अधिकारियों को नामित किया है। जिसमें जांच अधिकारी एक सप्ताह में जांच कर अपनी आख्या सौंपेंगे।
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समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सत्र 2019-20 व 2020-21 में 1100 लोगों को पारिवारिक लाभ योजना व दो साल में शादी अनुदान में एक हजार लोगों को योजना का लाभ दिया गया है।
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कई जनपदों में पारिवारिक लाभ और शादी अनुदान योजना में फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। इसको लेकर जनपद में जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी गई है। फर्जीवाड़े के मामले प्रकाश में आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सत्येन्द्र कुमार, जिलाधिकारी