{"_id":"01199f29bd7cddefe494ffd3648aad86","slug":"natural-disasters-cost-the-festival-of-democracy-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकतंत्र के पर्व पर भारी पड़ी प्राकृतिक आपदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकतंत्र के पर्व पर भारी पड़ी प्राकृतिक आपदा
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
Updated Sat, 11 Apr 2015 11:23 PM IST
विज्ञापन
लोकतंत्र के पर्व पर इस दफा किसानाें पर आई आपदा का खासा असर दिखाई
विज्ञापन
दिया। ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलाें से आहत किसानों ने
चुनाव के प्रति रुचि नहीं दिखाई। वहीं तमाम किसान बची खुची फसल की खेत
खलिहानों में मड़ाई में जुटे रहे। जिसका असर मतदेय स्थलों पर साफ दिखाई
दिया।
चरखारी विधानसभा उपचुनाव तीन साल में तीन बार संपन्न हुआ। पहली दफा 23 फरवरी 2012 को हुए चुनाव में 60 फीसदी मतदान हुआ था। जिसमें भाजपा प्रत्याशी साध्वी उमा भारती ने सपा प्रत्याशसी कप्तान सिंह राजपूत को हराया था। उमा भारती के सांसद बनने पर खाली हुई सीट पर 13 सितंबर 2014 को उपचुनाव हुआ। जिसमें 57 फीसदी वोट पड़े थे। जहां पर सपा प्रत्याशी कप्तान सिंह राजपूूत ने कांग्रेस प्रत्याशी रामजीवन यादव को हराया था। लेकिन कप्तान सिंह के जेल जाने पर सदस्यता खत्म होने के कारण खाली हुई सीट पर 11 अप्रैल 2015 के पुन: हुए उपचुनाव में 57 फीसदी वोट पड़े। कारण, तीन साल के अंदर तीन बार हुए चरखारी विधान सभा के चुनावाें में मतदान प्रतिशत तेजी से घटा है। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की की गई अपील का भी मतदाताआें में इस दफा असर नहीं दिखाई दिया। तीन साल में तीन बार हुए चरखारी विधानसभा के चुनाव से ऊब चुके मतदाताओं ने इस दफा मतदान के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिससे पोलिंग बूथों पर सुरक्षा कर्मचारी सन्नाटे में ड्यूटी करते रहे।
पैरा मिलेट्री फोर्स अंदर और पुलिस रही बाहर
इस दफा के उप चुनाव में पोलिंग बूथों पर कुछ अलग नजारा देखने को मिला। यह पहला मौका था जब पैरा मिलेट्री फोर्स बूथों पर तैनात था और पुलिस कर्मचारी गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। जिससे बूथों पर परिंदा भी पर नहीं मार सका। पैरा मिलेट्री फोर्स की सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी भी तरह की कहीं पर कोई घटना नहीं घट सकी। बूथ पर लोगों के एकत्र होते ही पैरा मिलेट्री फोर्स के जवान तत्काल लाइन लगवाकर एक-एक मतदाता को बूथ के अंदर करने में सारा दिन जुटे रहे। जिले का फोर्स और होमगार्ड गेट पर ड्यूटी करते रहे।
मतदाता होने का निभाया कर्तव्य
लोकतंत्र के पर्व में जहां मतदाताओं ने मतदान के प्रति रुचि नहीं दिखाई। वहीं महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने 300 किलोमीटर दूर से आकर अपने गांव में बने पोलिंग बूथ पर पहुंचकर मतदाता होने का कर्तव्य निभाया। वोट डालने के प्रति महाधिवक्ता में खासा उत्साह दिखाई दिया। पोलिंग बूथ पर मतदान कर वापस आते ही महाधिवक्ता ने मीडिया के सामने अंगुली पर लगी नीली स्याही दिखाकर खुशी जताई।
विज्ञापन
समय के साथ बढ़ता गया वोटिंग का ग्राफ
समय मतदान प्रतिशत में
10 बजे 14 प्रतिशत
12 बजे 26 प्रतिशत
2 बजे 36 प्रतिशत
4 बजे 44 प्रतिशत
5 बजे 49.84 प्रतिशत
चरखारी विधानसभा उपचुनाव तीन साल में तीन बार संपन्न हुआ। पहली दफा 23 फरवरी 2012 को हुए चुनाव में 60 फीसदी मतदान हुआ था। जिसमें भाजपा प्रत्याशी साध्वी उमा भारती ने सपा प्रत्याशसी कप्तान सिंह राजपूत को हराया था। उमा भारती के सांसद बनने पर खाली हुई सीट पर 13 सितंबर 2014 को उपचुनाव हुआ। जिसमें 57 फीसदी वोट पड़े थे। जहां पर सपा प्रत्याशी कप्तान सिंह राजपूूत ने कांग्रेस प्रत्याशी रामजीवन यादव को हराया था। लेकिन कप्तान सिंह के जेल जाने पर सदस्यता खत्म होने के कारण खाली हुई सीट पर 11 अप्रैल 2015 के पुन: हुए उपचुनाव में 57 फीसदी वोट पड़े। कारण, तीन साल के अंदर तीन बार हुए चरखारी विधान सभा के चुनावाें में मतदान प्रतिशत तेजी से घटा है। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की की गई अपील का भी मतदाताआें में इस दफा असर नहीं दिखाई दिया। तीन साल में तीन बार हुए चरखारी विधानसभा के चुनाव से ऊब चुके मतदाताओं ने इस दफा मतदान के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिससे पोलिंग बूथों पर सुरक्षा कर्मचारी सन्नाटे में ड्यूटी करते रहे।
पैरा मिलेट्री फोर्स अंदर और पुलिस रही बाहर
इस दफा के उप चुनाव में पोलिंग बूथों पर कुछ अलग नजारा देखने को मिला। यह पहला मौका था जब पैरा मिलेट्री फोर्स बूथों पर तैनात था और पुलिस कर्मचारी गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। जिससे बूथों पर परिंदा भी पर नहीं मार सका। पैरा मिलेट्री फोर्स की सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी भी तरह की कहीं पर कोई घटना नहीं घट सकी। बूथ पर लोगों के एकत्र होते ही पैरा मिलेट्री फोर्स के जवान तत्काल लाइन लगवाकर एक-एक मतदाता को बूथ के अंदर करने में सारा दिन जुटे रहे। जिले का फोर्स और होमगार्ड गेट पर ड्यूटी करते रहे।
विज्ञापन
मतदाता होने का निभाया कर्तव्य
लोकतंत्र के पर्व में जहां मतदाताओं ने मतदान के प्रति रुचि नहीं दिखाई। वहीं महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने 300 किलोमीटर दूर से आकर अपने गांव में बने पोलिंग बूथ पर पहुंचकर मतदाता होने का कर्तव्य निभाया। वोट डालने के प्रति महाधिवक्ता में खासा उत्साह दिखाई दिया। पोलिंग बूथ पर मतदान कर वापस आते ही महाधिवक्ता ने मीडिया के सामने अंगुली पर लगी नीली स्याही दिखाकर खुशी जताई।
विज्ञापन
समय के साथ बढ़ता गया वोटिंग का ग्राफ
समय मतदान प्रतिशत में
10 बजे 14 प्रतिशत
12 बजे 26 प्रतिशत
2 बजे 36 प्रतिशत
4 बजे 44 प्रतिशत
5 बजे 49.84 प्रतिशत