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Mahoba News: महोबा-फसल बीमा घोटाले की प्रदेश भर चर्चा, किशोरियों-युवतियों के लापता होने की घटनाएं बढ़ीं
Tue, 30 Dec 2025 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Tue, 30 Dec 2025 11:53 PM IST
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महोबा। वर्ष 2025 महोबा जिले के लिए अपराधों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा। हत्या और लूट जैसी गंभीर घटनाओं ने लोगों को चिंतित किया। जमीन के लालच में बेटों द्वारा पिता की हत्या, पूर्व प्रेमिका द्वारा पति के साथ मिलकर प्रेमी को मौत के घाट उतारने जैसे जघन्य अपराधों ने समाज को झकझोर दिया। इस वर्ष किशोरियों और युवतियों के लापता होने के मामलों में भी वृद्धि देखी गई जो एक चिंताजनक प्रवृत्ति है। हालांकि पुलिस ने हत्या और लूट की घटनाओं में तत्परता दिखाते हुए अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। नए वर्ष में जिलेवासियों को अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा में पुलिस से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। (संवाद)
हत्याओं का बढ़ता ग्राफ: 15 वारदातों में अपनों का खूनी खेल
वर्ष 2025 में महोबा जिले में हत्या की कुल 15 घटनाएं दर्ज की गईं जिनमें कई मामलों में अपनों ने ही अपनों का खून किया। थाना कबरई के बघारी गांव में सिद्धबाबा पहाड़ पर 24 मई को एक यूट्यूबर मनीष उर्फ मंगल का शव मिला था। जांच में पता चला कि उसकी पूर्व प्रेमिका ने पति के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। 14 अक्तूबर की रात चरखारी-नौसारा मार्ग पर मोबाइल दुकानदार राजकुमार की व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने पड़ोसी दुकानदार प्रदीप को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया। थाना कबरई के गुगौरा गांव में 21 दिसंबर को खेत की सिंचाई करते समय गुलाब सिंह परिहार की उनके भतीजे मोनू सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी जिसमें पुलिस ने चार आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की। इसी तरह कोतवाली चरखारी के गुढ़ा गांव में जमीन के लालच में छोटे बेटे भागवली ने 27 दिसंबर को पिता लालदिवान की ईंटों से कूंचकर हत्या कर दी। इन सभी गंभीर घटनाओं में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
लापता किशोरियां और युवतियां: 106 मामले बने चिंता का विषय
वर्ष 2025 में महोबा जिले में 106 किशोरियां व युवतियां लापता हुईं जो एक गंभीर सामाजिक समस्या को उजागर करता है। ये युवतियां कोचिंग, स्कूल या बाजार जाने के दौरान गायब हुईं। पुलिस ने इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर अधिकांश किशोरियों को खोज लिया और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। महोबा में औसतन हर तीसरे दिन किसी किशोरी या युवती के लापता होने का मामला सामने आया। इसके अतिरिक्त 13 अपहरण के मामले भी दर्ज हुए जिनमें पीड़ितों को सकुशल बरामद किया गया। राहत की बात यह रही कि वर्ष 2024 की तुलना में दुष्कर्म की घटनाओं में कमी आई। पुलिस ने 13 से अधिक दुष्कर्म की घटनाओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा।
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चोरी की घटनाओं में वृद्धि, बरामदगी आधी भी नहीं
जिले में वर्ष 2025 में चोरी की 108 से अधिक घटनाएं हुईं जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक थीं। पुलिस ने कई चोरियों का खुलासा किया लेकिन बरामदगी आधी भी नहीं हो सकी। 30 नवंबर को सत्तीनगर में प्रदीप कुमार के घर से दिनदहाड़े लाखों रुपये की चोरी हुई। पुलिस ने इस मामले में गैंगस्टर एक्ट में फरार चल रहे आरोपी वारिस मंसूरी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 95 हजार रुपये नकद और 36 ग्राम सोने के टुकड़े बरामद हुए। इसके बावजूद कई ऐसी चोरियां रहीं जिनका पुलिस आज तक खुलासा नहीं कर सकी है। इससे जनता में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
फसल बीमा घोटाला: महोबा प्रदेश में चर्चा का विषय
वर्ष 2025 में महोबा जिला फसल बीमा घोटाले के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। वर्ष 2024 में खरीफ के सीजन में जिले में बड़ी संख्या में फसल बीमा कराए गए थे जिसमें लगभग 40 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया। जांच में पता चला कि कई लोगों ने सरकारी जमीन, पहाड़, नदी, तालाब और वन क्षेत्र की जमीनों पर फसल बोने का दिखावा करके बीमा कराया और बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये के क्लेम ले लिए। इस मामले का खुलासा होने के बाद उपनिदेशक कृषि रामसजीवन ने 27 अगस्त को शहर कोतवाली में इफको टोकियो बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पांच थानों में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए और पुलिस ने 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जय जवान, जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह के नेतृत्व में बीमा घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर तीन महीने से लगातार तहसील महोबा में धरना प्रदर्शन जारी है।
रॉयल्टी फर्जीवाड़ा: जिम्मेदार मौन, करोड़ों का खेल उजागर
जिले की पत्थर मंडी कबरई में रॉयल्टी फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारियों और विभिन्न निर्माण कार्यों में लगी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्षों से अधिकारियों की जानकारी में यह फर्जीवाड़ा चलता रहा, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस साल कबरई कस्बे और आसपास के क्षेत्रों से क्रशर प्लांट तक पत्थर और क्रशर से गिट्टी के बड़े पैमाने पर परिवहन के लिए जरूरी रॉयल्टी पेपर बनाने में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। खनिज विभाग द्वारा रॉयल्टी और ई-ट्रांजिट पास जारी करने के लिए बनाई गई वेबसाइट को हैक कर एक गिरोह ने फर्जी वेबसाइट बना ली। इस गिरोह के मास्टरमाइंड विजय सैनी ने पट्टाधारकों के मुनीमों से सिक्योरिटी पेपर चुराकर फर्जी रॉयल्टी बनाई। इस मामले में महोबा और कबरई थानों में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने विजय सैनी, बिंदादीन और विकास सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। करोड़ों के इस घोटाले में अभी कई लोगों के शामिल होने की आशंका है लेकिन जांच फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।
पुलिस की कार्रवाई: 300 मामलों में सजा, शराब व नशीले पदार्थों पर नकेल
अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि जिले में हुई घटनाओं का त्वरित खुलासा किया गया है। पुलिस ने उचित पैरवी के माध्यम से 300 मामलों में दोषियों को सजा दिलाई है। शराब के 710 मामलों में 750 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 51 लाख रुपये से अधिक कीमत की 12 हजार लीटर शराब बरामद हुई। एनडीपीएस एक्ट के तहत 30 मामलों में 35 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इसी तरह 235 लोगों को 263 तमंचों के साथ गिरफ्तार किया गया। 109 आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। गैंगस्टर के तीन मामलों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
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हत्याओं का बढ़ता ग्राफ: 15 वारदातों में अपनों का खूनी खेल
वर्ष 2025 में महोबा जिले में हत्या की कुल 15 घटनाएं दर्ज की गईं जिनमें कई मामलों में अपनों ने ही अपनों का खून किया। थाना कबरई के बघारी गांव में सिद्धबाबा पहाड़ पर 24 मई को एक यूट्यूबर मनीष उर्फ मंगल का शव मिला था। जांच में पता चला कि उसकी पूर्व प्रेमिका ने पति के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। 14 अक्तूबर की रात चरखारी-नौसारा मार्ग पर मोबाइल दुकानदार राजकुमार की व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने पड़ोसी दुकानदार प्रदीप को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया। थाना कबरई के गुगौरा गांव में 21 दिसंबर को खेत की सिंचाई करते समय गुलाब सिंह परिहार की उनके भतीजे मोनू सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी जिसमें पुलिस ने चार आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की। इसी तरह कोतवाली चरखारी के गुढ़ा गांव में जमीन के लालच में छोटे बेटे भागवली ने 27 दिसंबर को पिता लालदिवान की ईंटों से कूंचकर हत्या कर दी। इन सभी गंभीर घटनाओं में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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लापता किशोरियां और युवतियां: 106 मामले बने चिंता का विषय
वर्ष 2025 में महोबा जिले में 106 किशोरियां व युवतियां लापता हुईं जो एक गंभीर सामाजिक समस्या को उजागर करता है। ये युवतियां कोचिंग, स्कूल या बाजार जाने के दौरान गायब हुईं। पुलिस ने इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर अधिकांश किशोरियों को खोज लिया और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। महोबा में औसतन हर तीसरे दिन किसी किशोरी या युवती के लापता होने का मामला सामने आया। इसके अतिरिक्त 13 अपहरण के मामले भी दर्ज हुए जिनमें पीड़ितों को सकुशल बरामद किया गया। राहत की बात यह रही कि वर्ष 2024 की तुलना में दुष्कर्म की घटनाओं में कमी आई। पुलिस ने 13 से अधिक दुष्कर्म की घटनाओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा।
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चोरी की घटनाओं में वृद्धि, बरामदगी आधी भी नहीं
जिले में वर्ष 2025 में चोरी की 108 से अधिक घटनाएं हुईं जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक थीं। पुलिस ने कई चोरियों का खुलासा किया लेकिन बरामदगी आधी भी नहीं हो सकी। 30 नवंबर को सत्तीनगर में प्रदीप कुमार के घर से दिनदहाड़े लाखों रुपये की चोरी हुई। पुलिस ने इस मामले में गैंगस्टर एक्ट में फरार चल रहे आरोपी वारिस मंसूरी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 95 हजार रुपये नकद और 36 ग्राम सोने के टुकड़े बरामद हुए। इसके बावजूद कई ऐसी चोरियां रहीं जिनका पुलिस आज तक खुलासा नहीं कर सकी है। इससे जनता में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
फसल बीमा घोटाला: महोबा प्रदेश में चर्चा का विषय
वर्ष 2025 में महोबा जिला फसल बीमा घोटाले के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। वर्ष 2024 में खरीफ के सीजन में जिले में बड़ी संख्या में फसल बीमा कराए गए थे जिसमें लगभग 40 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया। जांच में पता चला कि कई लोगों ने सरकारी जमीन, पहाड़, नदी, तालाब और वन क्षेत्र की जमीनों पर फसल बोने का दिखावा करके बीमा कराया और बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये के क्लेम ले लिए। इस मामले का खुलासा होने के बाद उपनिदेशक कृषि रामसजीवन ने 27 अगस्त को शहर कोतवाली में इफको टोकियो बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पांच थानों में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए और पुलिस ने 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जय जवान, जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह के नेतृत्व में बीमा घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर तीन महीने से लगातार तहसील महोबा में धरना प्रदर्शन जारी है।
रॉयल्टी फर्जीवाड़ा: जिम्मेदार मौन, करोड़ों का खेल उजागर
जिले की पत्थर मंडी कबरई में रॉयल्टी फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारियों और विभिन्न निर्माण कार्यों में लगी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्षों से अधिकारियों की जानकारी में यह फर्जीवाड़ा चलता रहा, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस साल कबरई कस्बे और आसपास के क्षेत्रों से क्रशर प्लांट तक पत्थर और क्रशर से गिट्टी के बड़े पैमाने पर परिवहन के लिए जरूरी रॉयल्टी पेपर बनाने में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। खनिज विभाग द्वारा रॉयल्टी और ई-ट्रांजिट पास जारी करने के लिए बनाई गई वेबसाइट को हैक कर एक गिरोह ने फर्जी वेबसाइट बना ली। इस गिरोह के मास्टरमाइंड विजय सैनी ने पट्टाधारकों के मुनीमों से सिक्योरिटी पेपर चुराकर फर्जी रॉयल्टी बनाई। इस मामले में महोबा और कबरई थानों में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने विजय सैनी, बिंदादीन और विकास सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। करोड़ों के इस घोटाले में अभी कई लोगों के शामिल होने की आशंका है लेकिन जांच फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।
पुलिस की कार्रवाई: 300 मामलों में सजा, शराब व नशीले पदार्थों पर नकेल
अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि जिले में हुई घटनाओं का त्वरित खुलासा किया गया है। पुलिस ने उचित पैरवी के माध्यम से 300 मामलों में दोषियों को सजा दिलाई है। शराब के 710 मामलों में 750 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 51 लाख रुपये से अधिक कीमत की 12 हजार लीटर शराब बरामद हुई। एनडीपीएस एक्ट के तहत 30 मामलों में 35 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इसी तरह 235 लोगों को 263 तमंचों के साथ गिरफ्तार किया गया। 109 आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। गैंगस्टर के तीन मामलों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।