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महोबा : विद्यालय विलय के विरोध में सड़क पर उतरे सपाई, प्रदर्शन
Wed, 23 Jul 2025 12:44 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 23 Jul 2025 12:44 AM IST
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महोबा। परिषदीय विद्यालयों को मर्ज करने का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को सपाइयों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील में धरना देकर विरोध जताया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार विवेक तोमर को सौंपते हुए विद्यालयों को मर्ज न करने ओर रसोइयोंं की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष अवध किशोरी यादव के नेतृत्व में 50 से अधिक कार्यकर्ता आल्हा चौक में एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सपा जिलाध्यक्ष शोभालाल यादव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार गरीब, पिछड़े समाज के बच्चों की शिक्षा छीनने की सोची समझी साजिश कर रही है। इसके तहत प्रदेश के सैकड़ों प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने की बात कहते हुए बंद किया जा रहा है।
इन विद्यालयोंं में कार्यरत रसोइयां, जो गरीब व निराश्रित महिलाएं हैं, विद्यालय बंद होने से उनका रोजगार भी संकट में आ गया है। ऐसे में रसाेइयोंं के साथ उन विद्यालयोंं के बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रहा। सरकार का यह आदेश महिला सशक्तीकरण की भावना को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने इस आदेश को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर ज्ञानवती, शैलकुमारी, रानी, गोमती, ऊषा, प्रेम विश्वकर्मा, संतोष साहू, श्रवण कुमार, भारत सिंह, लवलेश राजपूत, ताहिरउद्दीन आदि मौजूद रहे।
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सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष अवध किशोरी यादव के नेतृत्व में 50 से अधिक कार्यकर्ता आल्हा चौक में एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सपा जिलाध्यक्ष शोभालाल यादव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार गरीब, पिछड़े समाज के बच्चों की शिक्षा छीनने की सोची समझी साजिश कर रही है। इसके तहत प्रदेश के सैकड़ों प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने की बात कहते हुए बंद किया जा रहा है।
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इन विद्यालयोंं में कार्यरत रसोइयां, जो गरीब व निराश्रित महिलाएं हैं, विद्यालय बंद होने से उनका रोजगार भी संकट में आ गया है। ऐसे में रसाेइयोंं के साथ उन विद्यालयोंं के बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रहा। सरकार का यह आदेश महिला सशक्तीकरण की भावना को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने इस आदेश को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर ज्ञानवती, शैलकुमारी, रानी, गोमती, ऊषा, प्रेम विश्वकर्मा, संतोष साहू, श्रवण कुमार, भारत सिंह, लवलेश राजपूत, ताहिरउद्दीन आदि मौजूद रहे।
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