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अधिवक्ता मामले में एफआईआर न लिखना सीओ को पड़ा भारी
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महोबा। अधिवक्ता मुकेश पाठक के बेटे से 60 लाख रुपये वसूले जाने के मामले की एफआईआर दर्ज कराने में लेटलतीफी करना तत्कालीन सीओ सिटी कालू सिंह को भारी पड़ गई।
अधिवक्ताओं के विरोध और मृतक अधिवक्ता के सुसाइड नोट में सीओ के आरोपियों से मिले होने की बात लिखी होने पर वकीलों ने कार्रवाई की मांग की थी। शुक्रवार की देर शाम अपर पुलिस महानिदेशक ने सीओ कालू सिंह को सीबीसीआईडी मुख्यालय लखनऊ के लिए स्थानांतरित किया है। उनके स्थान पर सहायक सेनानायक 41 वाहिनी पीएसी गाजियाबाद में तैनात रहे उमेश चंद्र को महोबा भेजा गया।
समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश पाठक के पुत्र शिवम से ब्लॉक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव व उनके साथियों पर 60 लाख रुपये वसूलने का आरोप है।
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अधिवक्ताओं के विरोध और मृतक अधिवक्ता के सुसाइड नोट में सीओ के आरोपियों से मिले होने की बात लिखी होने पर वकीलों ने कार्रवाई की मांग की थी। शुक्रवार की देर शाम अपर पुलिस महानिदेशक ने सीओ कालू सिंह को सीबीसीआईडी मुख्यालय लखनऊ के लिए स्थानांतरित किया है। उनके स्थान पर सहायक सेनानायक 41 वाहिनी पीएसी गाजियाबाद में तैनात रहे उमेश चंद्र को महोबा भेजा गया।
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समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश पाठक के पुत्र शिवम से ब्लॉक प्रमुख कबरई छत्रपाल यादव व उनके साथियों पर 60 लाख रुपये वसूलने का आरोप है।