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लेखपालों ने अतिरिक्त गांव के बस्ते तहसीलों में किए जमा
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महोबा। अतिरिक्त चार्ज से परेशान जिले के 60 लेखपालों ने अपनी तहसीलों में बस्ते जमा कर दिए हैं और तैनाती स्थल वाले गांव में ही काम की बात कही है। लेखपालों द्वारा अतिरिक्त चार्ज छोड़ने से कई गांवों का काम प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण खसरा, खतौनी, आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परेशान हैं।
गौरतलब है कि जिले में एक-एक लेखपाल के पास तीन से चार गांव का चार्ज है। अन्य गांव के लेखपालों के रिटायर्ड होने से धीरे-धीरे खाली हुए लेखपालों के पदों का चार्ज लेखपालों को भी अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया था। कई-कई गांव का चार्ज एक-एक लेखपाल को देने से लेखपालों पर कार्य के बढ़ते बोझ के चलते लेखपाल संघ ने बैठककर अतिरिक्त दिए गए गांव के चार्ज छोड़ने का निर्णय लिया। जिले के करीब 60 लेखपालों ने अतिरिक्त गांव के बस्ते अपनी तहसीलों में जमाकर दूसरों का कार्य करने से इंकार कर दिया है। महोबा, चरखारी और कुलपहाड़ तहसील के लेखपालों ने अपनी-अपनी तहसीलों में अतिरिक्त बस्ते जमाकर दिए। इससे क्षेत्र में तमाम कार्य ठप हो गए हैं। न तो ग्रामीणों के आय, जाति व निवास बन रहे हैं और न ही खसरा मिल रहा है। किसान खासे परेशान हैं। एसडीएम राजेश सिंह का कहना है कि लेखपालों के बस्ते जमा करने बाद कानूनगो के माध्यम से अब कार्य कराए जा रहे हैं। रिपोर्ट लगाने से लेकर नकल देने का काम भी कानूनगो कर रहे हैं। उनका कहना है कि कार्य प्रभावित नहीं होने देंगे।
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गौरतलब है कि जिले में एक-एक लेखपाल के पास तीन से चार गांव का चार्ज है। अन्य गांव के लेखपालों के रिटायर्ड होने से धीरे-धीरे खाली हुए लेखपालों के पदों का चार्ज लेखपालों को भी अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया था। कई-कई गांव का चार्ज एक-एक लेखपाल को देने से लेखपालों पर कार्य के बढ़ते बोझ के चलते लेखपाल संघ ने बैठककर अतिरिक्त दिए गए गांव के चार्ज छोड़ने का निर्णय लिया। जिले के करीब 60 लेखपालों ने अतिरिक्त गांव के बस्ते अपनी तहसीलों में जमाकर दूसरों का कार्य करने से इंकार कर दिया है। महोबा, चरखारी और कुलपहाड़ तहसील के लेखपालों ने अपनी-अपनी तहसीलों में अतिरिक्त बस्ते जमाकर दिए। इससे क्षेत्र में तमाम कार्य ठप हो गए हैं। न तो ग्रामीणों के आय, जाति व निवास बन रहे हैं और न ही खसरा मिल रहा है। किसान खासे परेशान हैं। एसडीएम राजेश सिंह का कहना है कि लेखपालों के बस्ते जमा करने बाद कानूनगो के माध्यम से अब कार्य कराए जा रहे हैं। रिपोर्ट लगाने से लेकर नकल देने का काम भी कानूनगो कर रहे हैं। उनका कहना है कि कार्य प्रभावित नहीं होने देंगे।
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